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Garbhnirodhak ke Dushprabhaav | गर्भनिरोधक के दुष्प्रभाव | Side Effects of Safe Contraception


गर्भनिरोधक के साइड इफेक्ट्स
आज के युग में अधिकतर युवक युवती शारीरिक संबंध बनाते वक़्त सुरक्षित गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करते है. गर्भनिरोधक अनेक तरह के होते है, जैसेकि कंडोम, दवाएँ, कॉपर टी इत्यादि. इनका इस्तेमाल सभी इस विश्वास के साथ करते है कि इनके इस्तेमाल के बाद युवती शारीरिक संबंध बनाने के बाद भी गर्भ धारण नहीं करेगी, किन्तु क्या ये पूर्ण रूप से सुरक्षित होते है? क्या इनसे किसी भी तरह के साइड इफ़ेक्ट या दुष्प्रभाव का ख़तरा नहीं रहता? शायद हममे से किसी का इस जगह ध्यान जाता ही नहीं क्योकि उस वक़्त सब शारीरिक संबंधों के आनंद के बारे में विचार करते है किन्तु आज हम इनके कुछ दुष्परिणामों से अवगत करा रहे है. CLICK HERE TO KNOW गर्भनिरोधक के आयुर्वेदिक उपाय ...
Garbhnirodhak ke Dushprabhaav
Garbhnirodhak ke Dushprabhaav
·     कंडोम का इस्तेमाल : कंडोम का इस्तेमाल गर्भनिरोधक के रूप में सबसे अधिक किया जाता है क्योकि ये गोलियों से सस्ता होता है. हर लड़की इसपर अपना पूर्ण भरोसा दिखाती है और ये मानकर चलती है कि कंडोम से सुरक्षित और कोई गर्भनिरोधक नहीं है. किन्तु अगर लडकियाँ इसका अधिक इस्तेमाल करती है तो इससे उनकी शारीरिक संबंध बनाने का जीवन खत्म होता है अर्थात उनकी कामभावना कम होती जाती है. ये ना सिर्फ स्त्रियों के लिए बल्कि पुरुषों के लिए भी एक चिंता की बात है. एक अध्ययन के दौरान कुछ परिणाम सामने आये है जो निम्नलिखित है

·     संवेदनशीलता को कम करता है : अगर कोई स्त्री सप्ताह में दो बार शारीरिक संबंध बनाती है और दोनों बार कंडोम का इस्तेमाल करती है तो इससे उनकी आतंरिक परत और झिल्लियाँ संवेदनहीन हो जाती है और उनकी काम उत्तेजना धीरे धीरे खत्म हो जाती है. उनके जननांग में चिकनाई और स्खलन का स्त्राव दोनों कम हो जाता है. यदि कोई इससे भी अधिक कंडोम इस्तेमाल करता या करती है तो उनको गुप्तांगों में सूखेपन, जलन, खुजली, दर्द और खराश इत्यादि होने लगती है.  CLICK HERE TO KNOW गर्भधारण कैसे करें ...
गर्भनिरोधक के दुष्प्रभाव
गर्भनिरोधक के दुष्प्रभाव
·     काम उत्तेजना का कम होना : अगर कोई स्त्री अश्लीलता से भरी हुई है और उसे शांत करने के लिए लगातार शारीरिक संबंध बनाती है तो कंडोम उसकी इस काम उत्तेजना को कम कर देता है. अर्थात कंडोम का अधिकतम इस्तेमाल रोमांच और काम इच्छा को पूरी तरह समाप्त भी कर सकता है. जब उन्हें कोई पुरुष हाथ लगाता है तो उन्हें किसी तरह की अनुभूति तक होनी बंद हो जाती है. ये उनकी शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा को मार देता है. ऐसी स्त्रियों का जीवन पूरी तरह से पीड़ा से भर जाता है और वे कभी भी बिना कंडोम के संबंध बनाने से भी डरने लगती है. 

·     प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान : स्त्रियों के जननांग में प्राकृतिक रूप से इतनी शक्ति होती है कि वो अपनी रक्षा खुद कर लेती है किन्तु अगर कोई स्त्री सप्ताह में 2 बार या इससे अधिक बार कंडोम का इस्तेमाल करती है तो उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली को हानि होती है और उनके गुप्तांग का अम्लीय वातावरण उथल पुथल हो जाता है. 

·     छीलन कटाव : जब कंडोम का अधिक इस्तेमाल किया जाता है तो उसके घर्षण से गुप्तांग छिलने और काटने लगते है, धीरे धीरे यही दर्दनाक घावों का रूप लेकर सूज जाते है. इसके बाद भी अगर स्त्री संबंध बनाने से ना रुके तो ये जख्म नासूर में बदल जाते है और इनसे रक्त निकलना आरम्भ हो जाता है. कुछ महिलाओं के मासिक धर्म में बदलाव का कारण भी यही होता है, उनकी ये लापरवाही उनके गर्भाशय और जननांगों को संक्रमित कर देती है. 
Side Effects of Safe Contraception
Side Effects of Safe Contraception
·     काम क्रीडा में परेशानी : अब ये तो आप समझ ही चुके है कि कंडोम के अधिक इस्तेमाल से स्त्रियों के गुप्तांगों में कटाव, जख्म, घाव, छाले हो जाते है, उनकी अंदर की चिकनाई खत्म हो जाती है और रुखापन बना रहता है तो इस तरह जब भी दुबारा संबंध बनाने की कोशिश की जाती है तो उन्हें अत्यंत पीड़ा होने लगती है और ये उनकी काम क्रीडा को बार बार बीच बीच में रोकने की वजह भी बनता है. 

तो आप भी इस बात पर जरुर विचार करें और ये जाने कि ये जीवन आपका ही है और इसको किस तरह से जीना है ये बात आपके निर्णयों पर ही निर्भर करती है. सुरक्षति जीवन जीने के लिए कलात्मक होना अनिवार्य है. अगर आप गर्भनिरोधक का इस्तेमाल कर भी रहे है तो खुद पर नियंत्रण रखें और माह में 1 या 2 बार ही इसका उपयोग करें. 

सुरक्षित गर्भनिरोधक के दुष्प्रभावों के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो. 
कंडोम के साइड इफेक्ट्स
कंडोम के साइड इफेक्ट्स

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