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Optical Drive ke Prkar ko Samjhaao | ऑप्टिकल ड्राइव के प्रकार बताइए | Explain The Optical Drives Types

एक ऑप्टिकल ड्राइव आपके कंप्यूटर में आपको CD, DVD और Blu – ray को चलाने की अनुमति देता है, जिसकी मदद से आप कंप्यूटर में गाने सुन सको और विडियो देख सको. कई ऐसे ड्राइव भी है जो आपको डिस्क में डाटा को डालने की भी सुविधा देते है, ताकि आप खुद अपनी डिस्क बना सको. आपके कंप्यूटर के सॉफ्टवेर भी डिस्क के माध्यम से ही आते है तो आपके कंप्यूटर में सॉफ्टवेर को इनस्टॉल करने के लिए ऑप्टिकल डिस्क ड्राईवर का होना बहुत जरुरी है.  


ऑप्टिकल ड्राइव के प्रकार :

ऑप्टिकल ड्राइव के कई प्रकार होते है इनमे से कुछ का इस्तेमाल सिर्फ CD के इस्तेमाल के लिए होता है, जो लगभग 700 MB तक के डाटा को सुरक्षित रख सकती है. इन्हें CD – ROM ड्राइव कहा जाता है. कुछ ऑप्टिकल ड्राइव सिर्फ DVD के इस्तेमाल के लिए होते है और ये करीब 4700 से 8500 MB तक के डाटा को सुरक्षित रख सकते है. इन्हें DVD – ROM ड्राइव कहा जाता है. CD ड्राइव में आप DVD का इस्तेमाल नही कर सकते लेकिन आप DVD ड्राइव में CD का इस्तेमाल कर सकते हो. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
 
ऑप्टिकल ड्राइव के प्रकार बताइए
ऑप्टिकल ड्राइव के प्रकार बताइए

·         CD – ROM ड्राइव – इनकी कीमत बहुत कम होती है, ये सिर्फ CD – ROM ड्राइव को ही पढ़ सकता है. इसकी सबसे बड़ी कमी यही है कि ये DVD की विडियो, ऑडियो को न ही पढ़ सकता है और न ही लिख सकता है. और आज के आधुनिक जगत में यही इसके विलुप्त हो जाने का कारण भी है.


·         DVD – ROM ड्राइव – इसकी कीमत CD – ROM ड्राइव से थोड़ी ज्यादा होती है लेकिन ये CD – DA, CD – ROM, CD – R / RW को पढ़ सकता है साथ ही ये DVD – Video, DVD – Audio और DVD – ROM को भी पढ़ सकता है. CD – ROM की ही तरह DVD – ROM भी डिस्क से डाटा को सिर्फ पढ़ सकता है. लेकिन ये CD – ROM से कही ज्यादा अच्छा काम करता है और इसी के आने की वजह से ही CD – ROM ड्राइव ने बाजार में से अपनी जगह खो दी है. 


·         CD – RW ड्राइव – इन्हें CD Writer, CD – Burner और CD - Recorder भी कहा जाता है. ये भी CD – ROM की ही तरह काम करते है. लेकिन जैसा की इसके नाम से पता चल रहा है कि ये डाटा को सिर्फ पढ़ ही नही बल्कि लिख भी सकते है, और यही चीज़े इन्हें खास बनती है. लेकिन ये सिर्फ CD डिस्क पर ही डाटा को पढ़ और लिख सकते है नाकि DVD पर. साथ ही ये CD में लगभग 700 MB डाटा को सुरक्षित भी रख सकते है.

Optical Drive ke Prkar ko Samjhaao
Optical Drive ke Prkar ko Samjhaao



·         DVD – ROM / CD – RW ड्राइव – ये DVD – ROM ड्राइव और CD – RW का मिश्रण होता है. ये लगभग हर तरह की डिस्क को पढ़ सकते है लेकिन ये सिर्फ CD को ही लिख सकते है. जिस समय इनका प्रचालन शुरू हुआ था उस वक़्त ये अपनी क्षमता की वजह से बहुत मशहुर हुए थे. लेकिन DVD राइटर के आने से इन्होने अपनी पहचान खो दी.


·         DVD Writer DVD राइटर वो सब कर सकते थे जो DVD –ROM और CD – RW करते थे, साथ ही ये हर तरह की डिस्क को पढ़ और लिख भी सकते थे. इनकी काम करने की इसी क्षमता ने इनको सबसे ज्यादा मशहुर कर दिया और इसी वजह से इनकी कीमत भी बाकी के ऑप्टिकल ड्राइव से थोड़ी ज्यादा है. आप DVD Writer को इस्तेमाल करने के लिए प्राथमिकता दे इसके कुछ कारण भी है जो निम्नलिखित है :


1.       DVD Writable formats supported : आजकल मिलने वाले DVD राइटर हर तरह की डिस्क जैसे DVD + R, DVD + RW, DVD – R और DVD- RW को बिना किसी फेरबदल के आसानी से पढ़ और लिख सकते है. कई राइटर तो दो परत वाली डिस्क को भी आसानी से पढ़ लेते है. इनमे आप 8.5 GB तक के डाटा को सुरक्षित रख सकते हो.


2.       CD Writing capabilities : DVD राइटर का इस्तेमाल ज्यादातर लोग सिर्फ DVD को ही पढने और लिखने के लिए करते है लेकिन ये आपको CD –R, CD – RW डिस्क को भी पढने और लिखने की सुविधा देता है और साथ ही ये उन्हें बर्न भी करता है. इसके अलावा आप इसमें बेक अप का भी इस्तेमाल कर सकते हो.


3.       Write speed : बढ़ते आधुनिकीकरण के कारण DVD राइटर की गति भी बढती रही. आज आपको अलग अलग डिस्क के लिए इनकी अलग गति मिलती है. जैसेकि अगर आपका DVD राइटर एक परत वाली डिस्क ( R Discs) को लिख रहा है तो उसकी गति पहले के राइटर से 16 गुना ज्यादा तेज मिलेगी, साथ ही ये डिस्क को लिखने में मात्र 4.5 मिनट लेते है. अगर राइटर दो लेयर वाली डिस्क ( DVD + RW और DVD + R DL ) को लिख रहा है तो उसकी गति 8 गुना ज्यादा होती है, ये इन डिस्क को लिखने में करीब 8 मिनट लेता है. और यदि राइटर तीन परत वाली डिस्क ( DVD – RW और DVD – R DL 0) को लिख रहा है तो उसकी गति 4 गुना ज्यादा होती है और इनको लिखते वक़्त आपको थोडा सब्र रखना पड़ता है क्योकि इन डिस्क को लिखने में करीब 15 मिनट तक लग जाते है. 


4.       Interface : DVD राइटर और बर्नर कंप्यूटर के साथ जुड़ने के लिए ज्यादातर ATA / ATAPI मॉडल का इस्तेमाल करते है. लेकिन SATA मॉडल को कंप्यूटर के साथ जुड़ने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. लेकिन जब भी आप SATA मॉडल का इस्तेमाल करते हो तो आपके सामने बहुत सारी गाणितिक समस्याए भी आ सकती है. साथ ही हर नए कंप्यूटर के मदरबोर्ड में अब SATA ऑप्टिकल ड्राइव ही लगा हुआ आता है.
 

तो इन सब बातो को ध्यान में रखते हुए आज DVD राइटर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जाता है.
 
Optical Drive ke Prkar ko Samjhaao
Optical Drive ke Prkar ko Samjhaao

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