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Pet ki Bimariyon ka Ayurvedic Upchar | पेट की बिमारियों का आयुर्वेदिक उपचार



पेट की बीमारियाँ

पेट में अनेक तरह की बीमारियाँ कब पनपन जाती हैं. ये हमे पता ही नहीं चलता. पेट हमारे शरीर का ऐसा भाग है जिसके ठिक न रहने पर हम चैन की जिन्दगी नहीं जी सकते हैं. पेट में अगर किसी भी प्रकार की बीमारी हो जाती हैं, तो हमारा मन किसी भी प्रकार के कार्य को करने में नही लगता , या ये कहें की हम पेट की बीमारी से इतने परेशान हो जाते हैं, की हम किसी भी काम को करने के लायक ही नही रह जाते. पेट की बीमारी कई कारणों से हो जाती है. पेट में रोग हमारे पाचन तंत्र के ठीक ढंग से कार्य न करने के कारण भी हो जाती हैं. पेट में बीमारी अधिक मसाले वाला भोजन खाने से भी हो जाती हैं. पेट में बीमारी एसिडिटी अर्थार्त गैस बनने के कारण भी बीमारी हो जाती है.  पेट में कब्ज भी बीमारी का कारण बन जाती है. कब्ज के कारण ही पेट में दर्द होता है. पेट में बीमारी कीड़ो के हो जाने के कारण भी हो जाती है. छोटे बच्चो को यह समस्या अधिक हो जाती हैं. कभी – कभी शरीर में पानी की कमी के कारण भी पेट में बीमारी उत्पन्न हो जाती हैं. पेट में बीमारी के होने का एक कारण ठिक समय पर खाना न खान भी हैं. अधिक घी,तेल आदि  से बना भोजन खाने से भी पेट में बीमारी हो जाती हैं. खाना न पचने के कारण भी पेट में बीमारी हो जाती हैं.  पेट की बिमारियों की अगर गिनती करें तो शायद हम पूरी तरह से सारी बीमारियों के बारे में नहीं जानते. परन्तु कुछ ऐसी बीमारियाँ है जिनके बारे में हम बात कर सकते है, और जिनसे अधिकतर लोग परेशान हो जाते हैं. जैसे पथरी की बीमारी, पेट में कब्ज की शिकायत, एसिडिटी, पेट में जलन, पेट में दर्द, दस्त लगना, पेट में कीड़े लगना, उलटी पड़ना आदि. इन बिमारियों से छुटकारा पाने के लिए हम कुछ घरेलू उपायों को अपना सकते हैं जिनकी चर्चा नीचे की गई हैं-     





कब्ज

कब्ज पेट की बीमारी है. यह बीमारी ठीक तरीके से खाना न खाने के कारण हो जाती हैं. इसलिए हमे खान – पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए. जिससे की पेट में कब्ज न हो. कब्ज की बीमारी के होने से और बिमारियों के होने के होने की भी आशंका रहती है. जैसे – मधुमेह जिसे अंग्रेजी में डायबिटीज कहते है, कफ विकार का रोग, नसों में सुजन होना आदि रोग पेट में कब्ज की बीमारी के कारण हो सकते हैं. इसलिए कब्ज की बीमारी के होने पर हमे तुरंत ही इसका इलाज करना चाहिए. कब्ज की बीमारी को दूर करने के लिए हम घर पर भी उपचार कर सकते है. कब्ज की बीमारी को दूर करने के लिए निम्नलिखित उपचार हैं जिन्हें घर पर किया जा सकता हैं  – CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
Pet ki Bimariyon ka Ayurvedic Upchar
Pet ki Bimariyon ka Ayurvedic Upchar

1.       कब्ज से राहत पाने के लिए नींबू पानी का प्रयोग करना बहुत ही उपयोगी होता हैं. नींबू पानी को बनाना बहुत ही आसन हैं, तथा यह एक ऐसा उपाय हैं जिसे करने के लिए केवल कुछ समय ही लगता हैं. निम्बू पानी को बनाने के लिए एक गिलास पानी लें. पानी में एक निम्बू को काटकर उसका रस निचोड़ दें. अब पानी में थोडा सेंधा नमक डाले, और पानी में सेंधा नमक को चम्मच की सहायता से घोल ले. आपका नींबू पानी तैयार हैं. नींबू पानी का प्रयोग लगातार 5 या 6 दिनों तक करे. नींबू पानी का सेवन हमेशा खाली पेट करना चाहिए. खाली पेट निम्बू पानी का सेवन करने से पेट की कब्ज जल्दी दूर हो जाएगी. नींबू पानी का सेवन करने से पुरानी से पुरानी कब्ज भी खत्म हो जाती हैं. 


2.       कब्ज की शिकायत को दूर करने के लिए सेब का सेवन करना अत्यंत लाभदायक सिद्ध होता हैं. इसके लिए सुबह उठकर खाली पेट सेब का सेवन करें. आपके पेट की कब्ज में फायदा होगा.


3.       कब्ज की शिकायत न होने के लिए हमे पहले से सावधानी बरतनी चाहिए. पेट में कब्ज की शिकायत न हो, इसके लिए हमे रोजाना रात को सोने से पहले एक गिलास पानी में एक चम्मच शहद को घोल कर पीना चाहिए. शहद को मिलाकर पानी पीने से हमारे पेट में कब्ज के होने की शंका नहीं होती.


4.       कब्ज को दूर करने के लिए हम सौंफ का भी प्रयोग कर सकते हैं. इसके लिए 5 या 6 ग्राम सौंफ को लें, तथा इसे बारीक़ पीस लें. अब एक गिलास पानी लें, और उसे हल्का सा गरम कर लें. फिर पानी के सौंफ के चुर्ण के साथ पी लें. पेट की कब्ज में आराम हो जायेगा.


5.       संतरे के रस का सेवन करने से भी कब्ज खत्म हो जाती है. इसके लिए 3 बड़े पीले संतरों को लें. अब इन संतरों का रस निकाल लें. सुबह नाश्ते से पहले संतरे के रस का सेवन करें. पेट की कब्ज में राहत मिलेगी.


6.       हरड का चुर्ण कब्ज को दूर करने में बहुत ही लाभकारी होता हैं. पेट की कब्ज को दूर करने के लिए हरड के चुर्ण को रात को सोते समय फांक कर पियें. हरड के चुर्ण को रात को सोने से पहले फांकने से सुबह उठते ही पेट साफ हो जायेगा.   


7.       कब्ज को दूर करने के लिए मुनक्का का भी सेवन किया जा सकता हैं. इसके लिए रोजाना सुबह खाली पेट 5 से 6 मुनक्का खाए. पेट की कब्ज में लाभ होगा.

 
पेट की बिमारियों का आयुर्वेदिक उपचार
पेट की बिमारियों का आयुर्वेदिक उपचार

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