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Desi Upchar ke liye Angur | देसी उपचार के लिए अंगूर | Grapes for Desi Treatment

1.            अंगूर के रस को आधासीसी की बीमारी में पीने से शरीर को लाभ होता है, तथा इससे दर्द भी ठीक हो जाता है. आधासीसी की बीमारी में अंगूर के रस का सेवन लेकिन सूरज के उगने से पहले करना होता है. तभी इसका लाभ शरीर को होता है. तथा आधासीसी की बीमारी भी ज्ल्दी नियंत्रित हो जाती है. 

2.          शरीर में शक्ति को बढ़ाने के लिए मुनक्का खाना बहुत ही लाभकारी होता है. खासतौर से सर्दी के दिनों में मुनक्का खाना फायदेमंद होता है. क्योंकी सर्दी में मनुष्य का अधिक अधिक ठंड पड़ने के कारण किसी भी काम को करने में आलस की अनुभूति होती है. ऐसे में आलस को दूर करने और शरीर को शक्ति प्रदान करने के लिए था शरीर में गर्मी लेन के लिए मुनक्का का सेवन करना बहुत ही लाभदायक होता है. अगर सर्दी में रोजाना 8 -10 मुनक्का को खाया जाये या उसे एक गिलास  दूध में उबालकर पिया जाये तो हमारे शरीर को ठंड भी कम लगेगी तथा शरीर में ताकत की भी वृद्धि होगी.

3.       सुखी ख़ासी के रोगियों के लिए भी मुनक्का का सेवन करना बहुत ही उपयोगी सिद्ध होता है लेकिन केवल मुन्नका को खाने से सुखी ख़ासी में आराम नही होगा इसके लिए इसेमें कुछ और चीजो को मिलाकर उसको गोलियों के रूप में रोजाना सुबह और शाम को खाने से सुखी ख़ासी से से जल्द ही राहत मिल सकती है. इन गोलियों को बनाना बहुत ही आसान है तथा इन गोलियों को बनाकर एक समय तक भी रखा जा सकता है. गोलियों को बनाने के  लिए 25 ग्राम, बादाम 25 ग्राम मुल्ह्ट्ठी, तथा 25 ग्राम मुनक्का को पीसकर इसका बारीक़ चुर्ण बना ले . चुर्ण बनाने के बाद  सभी के मिश्रण को मिलाकर , इस मिश्रण को छोटी – छोटी गोली के रूप में बना ले . इन गोलियों को रोजाना सुबह शाम चूसे , इन्हें चूसने से सूखी ख़ासी से जल्द ही आराम मिल जायेगा.
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4.      सर्दी ख़ासी में मीठे अंगूर खाना बहुत ही लाभदायक होता है. 100 से 150 ग्राम अंगूर खाने से बार – बार खासना – छिंक आना ठीक हो जाता है. तथा शरीर में एनी रोगों के भी होने का भय नही होता.

5.      श्वेत प्रदर रोग या रक्त प्रदर रोग में अंगूर खाने या अंगूर का रस पीने से दोनों ही तरह के प्रदर रोग ठीक हो जाते है. 100 से 150 ग्राम अंगूर का सुबह – शाम खाने से प्रदर रोग से राहत मिलती है. तथा सुबह – शाम अंगूर के रस का भी सेवन इस रोग से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है. अगर किसी स्त्री को मासिक धर्म समय पर न होते हो या और किसी प्रकार की दिक्कतो का सामना मासिक धर्म के दिनों में करना पड़ता हो तो भी अंगूरों को खाना या अंगूर के रस का सेवन करना लाभप्रद होता है. अंगूर को खाने से या अंगूर के रस को पीने से मासिक धर्म के दिनों में स्त्रियों के शरीर में कमजोरी का अहसास नही होता तथा मासिक धर्म भी नियमत होते है.
 
देसी उपचार के लिए अंगूर
देसी उपचार के लिए अंगूर

6.        हृदय में किसी प्रकार का दर्द हो या किसी प्रकार का रोग हो तो भी  अंगूर के रस का सेवन किया जा सकता है. तथा अंगूर खाकर हृदय के रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है. 100 से 150 ग्राम हृदय के रोगी को रस पिलाने से हृदय के रोग से राहत मिलती है. अगर कभी किसी हृदय के रोगी को अचनक से हरिय में दर्द हो जाये तो उसे तुरंत एक कप  अंगूर का रस पिलाना चाहिए ऐसा करने से रोगि के हृदय का दर्द जल्दी ही ठीक हो जायेगे . अगर रोजाना अंगूर को खाया जाये या उसके रस को पिया जाये तो हृदय के रोगी को हृदय के रोग से हमेशा के लिए छुटकारा भी मिल सकता है.  
 
यौन रोगों में अंगूर
यौन रोगों में अंगूर

7.        श्वास लेने या दमे से परेशान रोगी के लिए मीठे अंगूर खाना बहुत ही लाभदायक है. दमे के रोगी को रोजाना 150 ग्राम मीठे अंगूरों का सेवन करना चाहिए. ऐसा करने से दमे के रोगी को श्वास लेने में दिक्कत नही होती. अक्सर दमे के रोगी को सीढियों को चढ़ने में परेशनी होती है तथा सीढियों पर चढने में उनकीं साँस फूलने लग जाती है. ऐसे में दमे के रोगी को प्रतिदिन अंगूर का सेवन करना चाहिए. इससे उनकी साँस भी नही फूलेगी तथा दमे में भी आराम हो जायेगा. यदि दमे के रोगी के कफ में खून आता हो तो भी उन्हें मीठे अंगूर को खाना चाहिए. अंगूर का सेवन करने से कफ में खून आना बंद हो जायेगा.
 
Shwet Prdar v Yaun Rogon mein angur
Shwet Prdar v Yaun Rogon mein angur

8.     यदि किसी व्यक्ति को बहुमुत्र की शिकायत हो अर्थार्त दिन में कई बार मूत्र आता हो तो उन्हें अंगूर को खाना चाहिए या अंगूर के रस को पीना चहिये. रोजाना अंगूर का सेवन करने से या अंगुर के रस को पीने से बहुमूत्र का रोग ठीक हो जाता है. इस रोग से मुक्ति के लिए हम अंगूर की लता की भस्म का भी प्रयोग कर सकते है.इसके प्रयोग करने से बहुमूत्र के व्यक्ति को जल्द ही लाभ होगा.

9.            किसी व्यक्ति के बाल ज्यादा झाड़ते हो या उनके सिर में रुसी के कारण अधीक खुजली होती हो तो किसमिस में एलवा को मिलाकर इन दोनों का लेप बनाकर सिर में लगा सकते है. इस लेप को बनने के लिए 100 ग्राम किसिमिस में , 100 ग्राम एलवा में थोडा पानी मिलाकर पीस ले. अगर किसी व्यक्ति के बाल लम्बे हो तो वो किसमिस व एलवा की मात्रा में अपने अनुसार बढ़ोतरी के ले. इसे खूब महीन पीस ले ताकि यह बाल की जड़ो में अच्छे से लग जाये . इसे रात को लगाना उपयोगी होगा.  इस लेप का प्रयोग आप हफ्ते में एक दिन कर सकते है. कुछ ही दिनों में आपको अपने बालो में फर्क नजर आने लगेगा. इस लेप आप के बल भी झड़ने बंद हो जायेंगे ,तथा आपके सिर में रुसी भी नही होगी.तथा आपके बालो की चमक भी बढ़ जाएगी. 
 
Grapes in Sex Diseases
Grapes in Sex Diseases

10.     यदि किसी व्यक्ति के खून में लाल रक्तकण की कमी हो तो उन्हें अंगूर का सेवन अवश्य करना चाहिए. रोजाना सुबह – शाम को लाल रक्तकण की कमी वाले व्यक्ति को 100 -100 ग्राम अंगूर का सेवन करना चाहिए. इससे खून में लाल रक्तकण की कमी पूरी हो जायेगी तथा खून भी साफ हो जायेगा.

11.       अंगूर को खाने या अंगूर का रस पीने से केवल शरीर के रोग ही नही ठीक होते बल्कि चहरे की सुन्दरता भी बढ़ जाती है. जिनके मुंह पर अदिक मुहांसे निकल जाते है उन्हें प्रतिदिन अंगूर के रस को आपने मुंह पर लगाना चाहिए. अंगूर के रस को मुंह पर लगाने से रोमकूप भी साफ हो जाता है, तथा मुंह की सुन्दरता बढ़ जाती है. मुंह की त्वचा बहुत ही मुलायम हो जाती है.अगर किसी की मुंह की त्वचा  रुखी हो तो उसे अंगूर के रस में गुलाब का जल मिलाकर लगाना चाहिए , ऐसा करने से चहरे की रोनक बढ़ जाती है, तथा चहरे का रूखापन भी ख़त्म हो जाता है.

12 .      यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक जुखाम हो गया हो या जुखाम के कारण उसकी नाक बंद हो गयी हो . साँस लेने में परेशानी हो रही हो तो ऐसि स्थिति में उसे 50 से 100 ग्राम अंगूर का सेवन रोजाना करना चाहिए. इससे जुखाम ठीक हो जाती है.   
Grapes for Desi Treatment
Grapes for Desi Treatment


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