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Grahon ke Karan Rog | ग्रहों के कारण रोग | Diseases Due to Planets Movements

ग्रहों के कारण पिंपल्स

हर व्यक्ति चाहता है कि वो भी सुन्दर दिखे और उसकी त्वचा भी साफ़ हो. सभी चाहते है कि हर व्यक्ति उनके साथ रहे और उनकी सुन्दरता की तारीफ करे. किन्तु कील मुहासे और पिंपल्स आपके चहरे और आपके नैन नक्ष के आकर्षण को ख़राब कर देते है. ये आपके चेहरे पर एक भद्दे दाग की तरह लगते है और आपके चेहरे को ख़राब कर देते है. इसीलिए कोई नही चाहता कि उनके चेहरे पर किसी भी तरह का कोई दाग या पिंपल्स हो. अक्सर माना जाता है कि पिंपल्स निकलने की वजह शरीर में खून की खराबी और खान पान की गड़बड़ी होती है. अगर आपके चेहरे पर भी कभी कोई दाग या कील मुंहासा हो जाता है तो आप भी तुरंत डॉक्टर से संपर्क करते हो, किन्तु अगर उसके बाद भी आपको कोई न मिले तो उसकी वजह आपका ग्रह दोष हो सकता है. 


ज्योतिष शास्त्र में त्वचा रोग की स्थिति तब उत्तपन होती है जब आपकी कुंडली में सूर्य और चंद्र की स्थिति कमजोर हो, साथ ही आपकी कुंडली में बुध, शनि, राहू और मंगल के अशुभ होने पर भी आपको त्वचा रोग होने की संभावना रहती है.  CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
ग्रहों के कारण रोग
ग्रहों के कारण रोग

-    ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि आपकी कुंडली का छठा भाव त्वचा से जुडा होता है.


-    साथ ही आपकी कुंडली के सप्तम भाव में केतु का होना भी त्वचा रोग का कारण बनता है.


-    किन्तु अगर आपकी कुंडली के सप्तम भाव में बुध शुभ और बलवान स्थिति में है तो इस रोग का असर बहुत कम रहता.


-    लेकिन अगर आपका बुध कमजोर स्थिति में है तो समझो कि आपको त्वचा रोग शत प्रतिशत होगा.


त्वचा रोग और ग्रह :

-    चन्द्र के छठे भाव में कमजोर स्थिति में आपको मवाद से भरी हुई फुंसी और मुहांसे होते है.

-    यदि आपका मंगल अशुभ स्थिति में है तो आपको रक्त विकार वाली फुंसी और कील मुहांसे होते है.

-    अगर राहू का प्रभाव है तो आपको ऐसे कील मुहांसे होते है जिनसे आपको दर्द हो.
 
Grahon ke Karan Rog
Grahon ke Karan Rog

कील मुंहासो को दूर करने के उपाय :

-    इसके अलावा आपकी कुंडली के छठे भाव में कोई अशुभ ग्रह आकर बैठ जाता है तो आप उसका भी तुरंत इलाज कराये.


-    त्वचा रोग से बचने के लिए आपको प्रतिदिन सूर्य मंत्रो या फिर आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करना चाहिए.


-    साथ ही आपको शनिवार के दिन कुत्तो को तेल से चुपड़ी हुई रोटियों का सेवन करना चाहिए.


-    आप सरस्वती स्त्रोत का पाठ भी जरुर करे आपको त्वचा रोग और कील मुंहासो से जरुर मुक्ति मिलेगी.


-    आप पारद शिवलिंग की अपने घर में स्थापना करे और उसकी प्रतिदिन पूजा करे और जल अर्पित करे.


-    कील मुंहासो और पिंपल्स से मुक्ति के लिए आपको सूर्य को प्रतिदिन जल्दी स्नान करके जल चढ़ाना चाहिए और 7 परिक्रमा करनी चाहिए, आपको लाभ जरुर मिलेगा.

 
Diseases Due to Planets Movements
Diseases Due to Planets Movements

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