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Pechish Rog ke Lakshan or Upchar | पेचिश रोग के लक्षण और उपचार | Dysentery Treatment and Symptoms

डिसेंट्री के रोग के उपचार

डिसेंट्री के रोग को ही पेचिश कहते हैं. डिसेंट्री पाचन तन्त्र से संम्बंधित रोग हैं. डिसेंट्री के रोग के हो जाने पर गम्भीर अतिसार की शिकायत हो जाती है. इस रोग के हो जाने पर मल में रक्त आने लगता हैं. डिसेंट्री जैसे रोग के हो जाने पर हम कुछ घरेलू उपचारों का प्रयोग कर सकते हैं जिसकी सहायता से इस रोग से मुक्ति पाना आसान हो जाता हैं.पेट में डिसेंट्री जैसे रोग के होने पर हम निम्नलिखित उपयों का उपयोग इस रोग से मुक्ति पाने के लिए कर सकते हैं – 


1.       डिसेंट्री के रोग से मुक्ति के लिए निम्बू का रस बहुत ही उपयोगी सिद्ध होता हैं. इस रोग से मुक्ति पाने के लिए निम्बू को पकाकर उसके रस का उपयोग किया जाता है. एक निम्बू लें, और उसे पकाकर उसका रस निकाल लें. अब थोडा सेंधा नमक लें. थोड़ी – सी चीनी लें. अब इन दोनों को निम्बू के रस में डालकर मिलाकर पी लें. डिसेंट्री के रोग में निम्बू के रस को पीने से जल्दी ही लाभ होगा. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
Pechish Rog ke Lakshan or Upchar
Pechish Rog ke Lakshan or Upchar

2.       सौंठ का प्रयोग करके भी डिसेंट्री के रोग से निजात पा सकते हैं. डिसेंट्री के रोग से छुटकारा पाने के लिए सौंठ का दो प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है. पहला तरीका यह हैं की 3 या 4 ग्राम सौंठ लें, और उसे पीस लें. अब एक गिलास पानी के साथ सौंठ के चुर्ण को फांक जाए. डिसेंट्री के रोग में आराम मिलेगा. दूसरा तरीका यह हैं. की सौंठ का क्वाथ बनाकर उसमे एक चम्मच अरंड  का तेल मिला लें, और इसे पी जाए. डिसेंट्री का रोग दूर हो जायेगा.


3.       डिसेंट्री का रोग होने पर मेथी और दही का प्रयोग भी किया जा सकता हैं. डिसेंट्री के रोग से मुक्ति पाने के लिए 4 ग्राम मेथी लें, और उसे खूब बारीक़ पीस लें. अब एक कटोरी दही लें, और उसमे मेथी के पाउडर को मिला दें. अब इस दही को दिन में 4 या 5 बार चाटें डिसेंट्री का रोग ठीक हो जायेगा.


4.       दस्त होने पर जिस तरह संतरे के छिलके और मुनक्का के बीजों का प्रयोग किया जाता हैं ठीक उसी प्रकार डिसेंट्री अर्थार्त पेचिश के रोग में भी इन दोनों के मिश्रण का प्रयोग करने से फायदा होता है. इसके लिए संतरे के छिलके को धूप में 4 या 5 दिनों तक सूखा लें. अब कुछ मुनक्के के सूखे बीजों को लें. अब इन दोनों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें. अब एक गिलास पानी लें , और उसमे इन दोनों के मिश्रण को मिला दें. अब इस पानी को लगातार 4 य़ा 5 दिनों तक पिए. पेचिश का रोग दूर हो जायेगा.


5.       धनिया के पाउडर का उपयोग करने से भी पेचिश का रोग ठीक हो जाता है. इसके लिए एक बर्तन में दो गिलास पानी डालकर गरम करें. अब इस पानी में 3 चम्मच धनिया का पाउडर डालकर उबाल लें. अब पानी को उतारकर थोडा ठंडा करके पी लें. धनिये के पानी को पीने से जल्दी ही डिसेंट्री की बीमारी ठीक हो जाएगी. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
Dysentery Treatment and Symptoms
Dysentery Treatment and Symptoms

6.       गाय का दूध डिसेंट्री के रोग से मुक्ति पाने के लिए बहुत ही उपयोगी है. इसके लिए एक गिलास गाय का दूध लें और उसमे एक गिलास पानी को डालकर उबलने के लिए रख दें. अब दूध को जब तक उबालें, जब तक की उसमें का सारा पानी न जल जाये, और बर्तन में केवल दूध बच जाए अब उसे उतार लें, और जब दूध थोडा - सा गुनगुना हो जाये तो दूध को पी लें. गाय के दूध को दिन में तिन या चार बार पीने से पेचिश की बीमारी ठीक हो जाएगी.


7.       ताजी छाज में बेलगिरी का गूदा मिलाकर पीने से भी डिसेंट्री के रोग से मुक्ति पाई जा सकती हैं. अगर किसी व्यक्ति को खुनी डिसेंट्री का रोग हो तो उसके लिए यह बहुत ही उपयोगी सिद्ध होता  हैं. बेलगिरी का गूदा का सेवन करने से पेचिश की बीमारी तो ठीक होती ही हैं, साथ ही इससे हमारे पेट को ठंडक भी मिलती हैं.   
 
पेचिश रोग के लक्षण और उपचार
पेचिश रोग के लक्षण और उपचार

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