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Stanon Mein Thainaila Rog ke Karan Lakshan or Ayurvedic Upchar | स्तनों में थनैला रोग के कारण लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार | Ayurvedic Treatment for Breast Disease

स्तनों के थनैला रोग से निदान पाने के लिए देशी घरेलू ईलाज

 स्त्रियों के स्तनों में होने वाला फोड़ा थनैला रोग कहलाता है. इसे स्तन - कील के नाम से भी जाना जाता हैं. इस रोग के होने पर स्त्री के स्तनों पर छोटे – छोटे फोड़े निकल आते हैं. जिनसे महिलाएं परेशान हो जाती हैं और इन्हें ठीक करने के लिए चिंतित रहती हैं. अगर किसी महिला को थनैला रोग हो गया हैं. अब उसे चिंता करने की कोई जरुरत नहीं हैं. क्यूंकि इस बीमारी को ठीक करने के लिए महिलाएं कुछ आसान घरेलू औषधिय उपायों का प्रयोग कर सकती हैं और इस रोग से मुक्ति पा सकती हैं.


स्त्रियों के स्तनों में थनैला रोग होने के कारण

1.    स्त्री के स्तनों में थनैला रोग होने का कारण स्तनों की स्वच्छता में कमी हो सकती हैं.


2.    स्त्री के स्तन में कैसर होने पर उसके स्तनों में छोटी – छोटी अंदरूनी गांठें बन जाती हैं. जिसका अगर समय पर ईलाज न हो तो वो गांठे ही फुंसी के रूप में परिवर्तित हो जाती हैं.



स्तनों में थनैला रोग होने पर लक्षण 


1.    स्त्री के स्तनों थनैला रोग होने पर स्तनों में गर्माहट महसूस होती हैं.


2.    थनैला रोग के होने पर स्त्री के स्तनों में सूजन आ जाती हैं.


3.    स्तनों में थनैला रोग के होने पर महीला के स्तनों में दर्द भी होता हैं.


4.    स्तनों में थनैला रोग के कारण महिला का शारीरिक तापमान भी बढ़ जाता हैं. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ... 
 
स्तनों में थनैला रोग के कारण लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार
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स्त्नों में थनैला रोग के होने पर कैसे करें आयुर्वेदिक उपचार

1.    स्त्रियाँ अपने स्तनों के थनैला से मुक्त होने के लिए नींबू के रस का तथा शहद का प्रयोग कर सकती हैं. इसके लिए नींबू का रस लें और उसमे थोडा सा शहद मिला लें. अब इन दोनों को अच्छी तरह से मिला लें. मिलाने के बाद इस लेप को अपने स्तनों पर लगाये. आपको इस रोग से जल्द ही मुक्ति मिल जाएगी.


2.    थनैला रोग को जल्दी ठीक करने के लिए महिलाएं मोगरे के फूलों का प्रयोग कर सकरी हैं. इस रोग से जल्दी मुक्ति पाने के लिए मोगरे के फूलों को अच्छी तरह से पीस लें. अब इस लेप को स्तनों पर लगाकर बांध दें. दिन में दो बार इस लेप का इस तरह प्रयोग करने से महिला को इस रोग से 4 या 5 दिनों में ही मुक्ति मिल जाएगी.


3.    महिलाएं थनैला रोग से मुक्त होने के लिए अरहर की दाल का, जौ का तथा आम की गुठली का प्रयोग कर सकती हैं. इसके लिए इन तीनों की एक समान मात्रा लें और तीनों को पानी के साथ बारीक़ पीस लें. अब इस लेप को स्तनों के फोड़ों पर लगायें. इस लेप को लगाने से महिला को जल्द ही थनैला रोग से मुक्ति मिल जाएगी.


4.    इस रोग से छुटकारा पाने के लिए महिलाएं गेहूं, जौ तथा मूंग की दाल का भी प्रयोग कर सकते हैं. इस रोग को ठीक करने के लिए गेहूं, जौ और मूंग की दाल की एक समान मात्रा लें. अब एक बर्तन में पानी डालें और उसमें इन सभी को डाल कर थोडा पका लें. अब इस लेप को स्तनों पर लगायें. जल्द ही यह रोग ठीक हो जायेगा.


5.     थनैला के रोग को ठीक करने के लिए महिलाएं सहिजन की छाल का भी प्रयोग कर सकती हैं. थनैला के रोग से मुक्ति पाने के लिए सहिजन की छाल को पानी के साथ पीस लें. अब इस लेप को थोडा गरम कर लें और अपने स्तनों पर लगायें. आपको इस रोग से जल्द ही छुटकारा मिल जायेगा.
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Ayurvedic Treatment for Breast Disease
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6.    महिलाएं थनैला रोग को ठीक करने के लिए दालचीनी और काली मिर्च का भी प्रयोग कर सकती हैं. इस रोग से मुक्ति पाने के लिए 15 ग्राम काली मिर्च लें और 10 ग्राम दालचीनी लें. अब इन दोनों को एक साथ मिलाकर पीस लें. पीसने के बाद इसकी खुराक बना लें. अब दिन में चार बार इसकी खुराक में थोडा शहद मिलाकर सेवन करें. इस चुर्ण का सेवन करने से महिला के स्तनों के फोड़े पकने से पहले ही ठीक हो जायेंगे.


7.    महिलाएं इस रोग से मुक्ति पाने के लिए नीम की पत्तियों का भी उपयोग कर सकती हैं. इस रोग से मुक्ति पाने के लिए 150 ग्राम नीम की पत्तियाँ लें और उन्हें डेढ़ लीटर पानी में तब तक उबालें जब तक की पानी आधे से कम न रह जाये. अब इस पानी को छान कर इसमें से नीम की पत्तियों को अलग कर दें. अब इस पानी से थनैला को धोएं. थनैला रोग में लाभ होगा.


8.    थनैला रोग से निजात पाने के लिए महिलाएं हरी धनिया की पत्तियों का भी इस्तेमाल कर सकती हैं. इस रोग को दूर करने के लिए धनिया की पत्तियों को पीसकर लेप बना लें. अब इस लेप को हल्का गर्म कर लें और थनैला पर लगायें. धनिया की पत्तियों का प्रयोग करने से जल्द ही महिला को इस रोग से मुक्ति मिल जाएगी.


9.    थनैला रोग को ठीक करने में हल्दी और धतूरे के पत्तें बहुत ही सहायक सिद्ध होते हैं. इस रोग से राहत पाने के लिए महिला हल्दी के पत्ते और धतूरे के पत्तों को एक साथ पीस लें. पिसने के बाद इस लेप को हल्का गर्म कर लें और इसे थनैला पर लगायें. इस लेप का प्रयोग करने से थनैला रोग से होने वाले फोड़े जल्दी ही ठीक हो जायेंगे. 

 
स्तनों में थनैला रोग के कारण लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार
स्तनों में थनैला रोग के कारण लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

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