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Kalounji ka Vibhinn Rogon Mein Prayog | कलौंजी का विभिन्न रोगों में प्रयोग

कलौंजी का सामान्य प्रयोग (Fennel Usage in Common Disease)
·       बालों का झड़ना (Hair Loss) - जली हुई कलौंजी का प्रयोग आप बालों को झड़ने से रोकने के लिए कर सकते हैं. इसके लिए जो भी तेल आप अपने बालों में लगाते हैं. उसमें जली हुई कलौंजी मिलाकर सिर की मालिश कीजिए. आपके बाल झड़ने बंद हो जायेंगें.

·       त्वचा (Skin) – यदि किसी व्यक्ति को त्वचा विकार की शिकायत हैं तो इसे दूर करने के लिए तेल में कलौंजी का चुर्ण मिलाकर लगा लें. त्वचा विकार ठीक हो जाएगा. CLICK HERE TO READ MORE ABOUT कलौंजी का गुणकारी तेल ...
Kalounji ka Vibhinn Rogon Mein Prayog
Kalounji ka Vibhinn Rogon Mein Prayog
·       लकवा (Paralysis) किस व्यक्ति को लकवा मार गया हो. तो यह रोग भी कलौंजी के प्रयोग से ठीक हो सकता हैं. इसके लिए कलौंजी के तेल की एक चौथाई चम्मच को दूध के साथ पी लें तथा इस तेल को लकवे से ग्रस्त शरीर के अंगों पर लगा लें. आपको आराम मिलेगा.

·       कान (Ear) यदि किसी व्यक्ति को कान से कम सुनता हो या उसका कान बहता हो तो इसके लिए कलौंजी के तेल का इस्तेमाल करें. कलौंजी के तेल की एक – एक बूंद दोनों कानों में डालने से बहरापन ठीक हो जाता हैं तथा कान बहना भी रुक जाता हैं.

·       पेट के कीड़े (Intestinal Worms) यदि किसी व्यक्ति या बच्चे के पेट में कीड़े हो गये हो तो 10 ग्राम कलौंजी लें और उसमें थोडा सा शहद मिला लें. इसके बाद इसका सेवन करें.

·       प्रसव पीड़ा (labor pain) प्रसव के दौरान यदि अधिक पीड़ा हो तो कलौंजी का काढ़ा बना लें और उसका सेवन करें. पीड़ा में आराम मिलेगा. CLICK HERE TO READ MORE ABOUT अनेक गुणों से भरपूर कलौंजी ...
कलौंजी का विभिन्न रोगों में प्रयोग
कलौंजी का विभिन्न रोगों में प्रयोग
·       मुंहासे (Acne ) अगर आपके चेहरे पर कील या मुंहासे निकल आयें हैं तो थोडा सा सिरका लें और उसमें कलौंजी को मिला लें. अब इन दोनों को एक साथ पीस लें. इसके बाद इस लेप को सोने से पहले अपने चेहरे पर लगायें. अगले दिन उठे और पानी से चेहरे को धो लें. लगातार कुछ दिनों तक इस लेप का प्रयोग करने से आपके चेहरे के सभी कील मुंहासे ठीक हो जायेंगें.

·       जोड़ों का दर्द (Joint Pain) जोड़ों के दर्द को दूर करने के लिए एक चम्मच सिरका लें, आधा चम्मच कलौंजी का तेल लें और 2 चम्मच शहद लें. अब इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट पी लें और शाम को सोने से पहले फिर इसका सेवन करें. जोड़ों के दर्द में काफी राहत मिलेगी.
कलौंजी का सामान्य प्रयोग
कलौंजी का सामान्य प्रयोग
·       थकान (Stress) थकान ख़त्म करने के लिए नारंगी का रस लें और उसमें आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिला लें. उसके बाद इस रस की आधे चम्मच का सेवन करें आपके शरीर की सारी थकान और आलस्य ख़त्म हो जाएगा.

·       गठिया रोग (Rheumatism) गठिया के रोग को ठीक करने के लिए कलौंजी और रीठे के पेड़ के पत्ते लें. अब इन दोनों को मिलाकर काढ़ा बना लें और इस काढ़े का सेवन प्रतिदिन करें. आपको गठिया रोग से छुटकारा मिल जाएगा.

·       तनाव (Tension) हमेशा मानसिक तनाव मुक्त रहने के लिए रोजाना रात्रि के समय सोने से पूर्व एक कप गर्म पानी में आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर पियें. तनाव, गुस्सा और स्नायुविक ख़त्म हो जाएगा.  
  
·       गांठे (Knots) कलौंजी के तेल को गांठों पर लगाने से तथा एक कप दूध में एक चम्मच कलौंजी के तल को मिलाकर पीने से गांठे ठीक हो जाती हैं.
·       मलेरिया (Malaria) मलेरिया जैसे रोग के होने पर पीसी हुई कलौंजी लें और उसमें थोडा शहद मिला लें. अब इस मिश्रण को चाट लें. मलेरिया का बुखार जल्द ही ठीक हो जाएगा.
 Klounji se Anek Bimariyon ka Ghareloo IIaj
 Klounji se Anek Bimariyon ka Ghareloo IIaj
·       स्वप्नदोष (Wet Dreams) स्वप्नदोष को दूर करने के लिए एक कप सेब का रस लें और उसमें आधा चम्मच कलौंजी का तेल मिला लें. इसके बाद इस रस का सेवन दिन में दो बार सुबह और शाम के समय करें. स्वप्न दोष से मुक्ति मिल जायेगी.

·       कब्ज  (Constipation) – यदि आपको कब्ज (एसिडिटी) की समस्या हैं. तो इसके लिए 5 ग्राम चीनी लें, 4 ग्राम सोनामुखी लें, 1 गिलास हल्का गर्म पानी लें तथा आधा चम्मच कलौंजी का तेल लें. इसके बाद इन सभी को एक साथ मिला लें और इसका सेवन रात को सोने से पहले करें.

·       उल्टी (Vomit) यदि बार – बार उल्टी हो रही हो तो आधा चम्मच कलौंजी का तेल लें और आधा चम्मच अदरक का रस लें. इन दोनों को एक साथ मिलाकर इस मिश्रण का सेवन करें. उल्टियां बंद हो जायेंगी.

·       हर्निया का रोग (Hernia Disease) हर्निया के रोग से ग्रस्त होने पर 3 चम्मच करेले का रस लें और आधा चम्मच कलौंजी का तेल ले लें. इन दोनों को एक साथ मिलाकर सुबह खाली पेट और शाम को सोने से पहले पी लें. हर्निया का रोग ठीक हो जाएगा.

·       सिर दर्द (Headaches) यदि आपके सिर में हमेशा दर्द रहता हैं तो इसके लिए कलौजी के तेल से अपने मस्तिष्क की मालिश करें. इसके अलावा यदि आप आधा चम्मच कलौंजी के तेल में थोडा शहद मिलाकर पी लें. तो भी सिर का दर्द ख़त्म हो जाएगा.

·       दांतों में कीड़े (Teeth Worms) यदि आपके दांतों में कीड़े लग गये हैं या दांत खोखले हो गए हैं तो थोड़ी सी रुई लें और इसे कलौंजी के तेल में भिगो लें. अब इस रुई को जिस दांत में कीड़े लगे हुए हैं उस दांत में के ऊपर रख दें. दांत के कीड़े ख़त्म हो जायेंगें.

·       लम्बे बाल (Long Hair) यदि आपके बाल बहुत छोटे – छोटे हैं और बढ़ नहीं रहे हैं तो इसके लिए 50 ग्राम कलौंजी लें और इसे एक लिटर पानी में डालकर उबाल लें. इसके बाद इस पानी से अपने बालों को धो लें. नियमित रूप से इस पानी का प्रयोग करने से आपके बाल लम्बे और घने हो जायेंगें.
Kalounji  ke Tel se Rogon se Chutkara Payen
Kalounji  ke Tel se Rogon se Chutkara Payen
·       बेरी – बेरी रोग (Bery – Bery Disease) अगर किसी व्यक्ति को बेरी – बेरी का रोग हो गया हैं. जिसके कारण उसके हाथ – पैरों में सूजन आ गई हैं तो इसके लिए कलौंजी को पीस लें. पिसने के बाद इसे हाथ – पैरों पर लगा लें. हाथ – पैरों की सूजन ठीक हो जायेगी.

·       मासिक धर्म की अनियमितता (Irregularity of Periods) मासिक धर्म यदि देरी से हो या जल्दी हो जाएँ तो इसके लिए आधा चम्मच कलौंजी लें और उसका सेवन करें. मासिक धर्म ठीक होंगें.
Kalounji se Payen Rahat
Kalounji se Payen Rahat
·       नपुसंकता (napusankta) नपुसंकता को दूर करने के लिए तेल और जैतून का तेल मिलाकर रोजाना पी लें. धीरे – धीरे नपुसंकता दूर हो जायेगी.

·       खुजली (Itching) अगर शरीर के किसी भी भाग में खुजली हो तो उसे 50 ग्राम कलौंजी के बीज लें और उसे पीस लें. अब 10 ग्राम बिल्व के पत्तों का रस लें और हल्दी का पाउडर लें. इसके बाद इन तीनों को मिला लें और इसको लेप की भांति खाज व खुजली वाले स्थान पर लगा लें. इस लेप को लगाने से खाज खुजली ठीक हो जायेगी.

·       हिचकी (Hiccups) अगर किसी व्यक्ति को लगातार हिचकी आये तो 3 ग्राम कलौंजी लें और इसे पीस लें. अब इस चुर्ण को दही के पानी में मिला लें. हिचकी रुक जायेगी.

·       स्मरण शक्ति (Memory Power) स्मरण शक्ति की वृद्धि हेतु 2 ग्राम कलौंजी लें और उसमें शहद मिला लें. अब इस मिश्रण का रोजाना सेवन करें. मानसिक विकास होगा तथा स्मरण शक्ति बढ़ जायगी.

·       जुखाम (Cold) यदि सर्दी लगने के कारण जुखाम हो जाये तो इससे राहत पाने के लिए कलौंजी और चने लें और इन्हें एक साथ एक कपडे में मसल लें. अब इस कपडे को बार – बार सूंघ लें. जुखाम बिल्कुल ठीक हो जाएगा.
     
·       बवासीर (Bavasir) बवासीर के रोग से अगर कोई व्यक्ति पीड़ित हैं तो इस रोग से मुक्ति पाने के लिए कलौंजी की भस्म लें और इसे मस्सों पर प्रतिदिन लगा लें. बवासीर के रोग से छुटकारा मिल जाएगा.

कलौंजी तथा कलौंजी के बीज व तेल के औषधीय प्रयोग के बारे में अधिक जानने के लिए आप नीचे कमेंट करके तुरंत जानकारी हासिल कर सकते हैं.
Kalounji ka Istemal kar Payen Rogon se Mukti
Kalounji ka Istemal kar Payen Rogon se Mukti

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