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Rakt Prdar Rog ke Karan Lakshan or Ghrelu Upchar | रक्त प्रदर रोग के कारण लक्षण और घरेलू उपचार | Metrorrhagia Home Treatment



रक्त प्रदर का रोग होने पर क्या करें

रक्त प्रदर का रोग  भी महिलाओं से संबंधित रोग होता हैं. इस रोग के होने पर ऋतुस्त्राव के दिनों में अधिक रक्त स्त्राव होता हैं. इस रोग के होने पर महिलाओं का स्वास्थ्य अधिकतर खराब ही रहता हैं. स्वास्थ्य खराब रहने के कारण ही उनके शरीर में कमजोरी आ जाती हैं. 


रक्त प्रदर के रोग के होने के कारण

रक्त प्रदर का रोग अधिक मिर्च – मसालों से युक्त, क्षार युक्त, लवण, अम्ल युक्त भोजन का सेवन करने के कारण भी हो जाता हैं. अधिक मिर्च मसाले वाले भोजन का सेवन करने से शरीर में अधिक पित्त बनता हैं. शरीर में पित्त अधिक होने से पित्त में विकृति उत्पन्न हो जाती हैं. इस विकृत पित्त के कारण ही योनी में रक्त प्रदर का रोग उत्पन्न हो जाता हैं. रक्त प्रदर का रोग अधिक यौन सम्बन्धों को बनाने के कारण भी हो जाता हैं. अधिक बच्चों को जन्म देने से भी यह रोग हो जाता हैं. यह रोग ऋतुस्त्राव में विकृति उत्पन्न होने के कारण भी हो जाता हैं. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
 
Rakt Prdar Rog ke Karan Lakshan or Ghrelu Upchar
Rakt Prdar Rog ke Karan Lakshan or Ghrelu Upchar

रक्त प्रदर के रोग के लक्षण

रक्त प्रदर का रोग होने पर ऋतुस्त्राव के दिनों में अधिक रक्तस्त्राव होता हैं. यह रोग होने के बाद किसी भी समय रक्तस्त्राव होने लगता  हैं. इस रोग के होने पर महिलाओं का शरीर कमजोर हो जाता हैं. उनके  शरीर में इतनी अधिक कमजोरी आ जाती हैं की उनके शरीर की एक – एक हड्डी दिखाई देने लगती हैं. रक्त प्रदर के रोग से पीड़ित महिला का चेहरा सफेद हो जाता हैं. उनके शरीर में एनीमिया की बीमारी अर्थार्त रक्त की कमी हो जाती हैं. शरीर में निम्न रक्तचाप अर्थार्त ब्लड प्रेशर की बिमारी हो जाती हैं. रक्त प्रदर का रोग होने पर महिलाओं को बार – बार  चक्कर आते हैं. हल्के से हल्के काम को करने में भी थकावट महसूस होती हैं. इस रोग से पीड़ित महिला की सीढियाँ चढते समय सांस फूल जाती हैं.


रक्त प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए उपचार

रक्त प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए आप निम्नलिखित उपचारों का प्रयोग कर सकते हैं – 


1.    नारियल के पानी रक्त प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए बहुत ही उपयोगी होता हैं. रक्त प्रदर का रोग होने पर रोजाना एक नारियल का पीना चाहिए. नारियल के पानी का सेवन करने से रक्त प्रदर के रोग में आराम मिलेगा. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
 
रक्त प्रदर रोग के कारण लक्षण और घरेलू उपचार
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2.    कचनार की कोंपल कलियों का काढ़ा का सेवन रक्त प्रदर के रोग में करने से इस रोग में फायदा होता हैं. अगर आप हमेशा के लिए रक्त प्रदर के रोग से छुटकारा पाना चाहते हैं. तो रोजाना कचनार की कोंपल कलियों का काढ़ा बनाकर पियें. इस रोग के लिए यह बहुत ही उपयोगी होता हैं.


3.        रक्त प्रदर के रोग से छुटकारा पाने के लिए आप गाजर के रस, बकरी का दूध और दही का भी सेवन कर सकते हैं. रक्त प्रदर के रोग को दूर करने के लिए इन तीनों की एक समान मात्रा लें और इन्हें अच्छी तरह से मिलाकर पी जाये. रक्त प्रदर के रोग में आराम मिलेगा.


4.    आम की गुठलियों की गिरी के चुर्ण का सेवन रक्त प्रदर के रोग से राहत पाने  के लिए करना बहुत ही लाभदायक होता हैं. रक्त प्रदर के रोग से छुटकारा पाने के लिए आम की गुठलियों की गिरी को पीसकर उसका चुर्ण बना लें. फिर इस चुर्ण का सेवन प्रतिदिन दिन में दो बार करें. आपको इस रोग से आराम मिलेगा.


5.    अडूसा के रस का सेवन करने से भी रक्त प्रदर का रोग ठीक हो जाता हैं. रक्त प्रदर के रोग से मुक्ति पाने के लिए अडूसे का रस लें और उसमें थोडा शहद मिला लें. फिर इस रस का सेवन करें. रक्त प्रदर के रोग से राहत मिलेगी.


6.    धनिये के चुर्ण का पानी पीने से भी रक्त प्रदर का रोग ठीक हो जाता हैं. रक्त प्रदर के रोग से निजात पाने के लिए धनिया के चुर्ण को पानी में रात को सोने से पहले भिगों दें. सुबह उठकर इस पानी को छान कर पी जाये. रक्त प्रदर के रोग में लाभ होगा.

आप हरे धनिया का प्रयोग भी रक्त प्रदर की बीमारी को ठीक करने के लिए कर सकते हैं. रक्त प्रदर के रोग को दूर करने के लिए धनिया के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें. अब इस रस का सेवन करें. एक या डेढ़ महीने धनिया के पत्तों के रस का सेवन करने से रक्त प्रदर के रोग से छुटकारा मिल जायेगा. 

 
Metrorrhagia Home Treatment
Metrorrhagia Home Treatment


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