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Faalsa Ek Upyogi Fal | फालसा एक उपयोगी फल | Very Useful Fruit Grewia Asiatica

फालसे एक उपयोगी फल के रूप में (Falsa As A Useful Fruit )
फालसा ग्रीष्म ऋतु का फल हैं. इसे गर्मी के मौसम में खाने का एक अलग ही आनन्द होता हैं. इसमें विटामिन की भरपूर मात्रा विद्यमान होती हैं. फालसे का स्वाद खाने में खट्टा तथा मीठा होता हैं. इसे खाने से शरीर में ताजगी आती हैं.

फालसे का पेड़ (Falsa Tree)
फालसा एक झाडीदार वृक्ष हैं. इस वृख की झाड़ियाँ हरी – भरी होती हैं. फालसे का यह झाड़ीदार पेड़ पूरे भारत में पाया जाता हैं. उत्तरी भारत में अधिक संख्या में बाग – बगीचे होते हैं. इन बाग – बगीचों के बीच – बीच में ही इसके पेड़ अधिक संख्या में पाए जाते हैं. फालसे के पत्तों का आकार गोल होता हैं तथा ये कंगूरेदार होते हैं. इसके फूल बड़े – बड़े होते हैं. इसके फल गोल होते हैं. इसके फलों का रंग कच्ची अवस्था में हरा होता हैं तथा पक जाने पर इसका रंग हल्का भूरा तथा हल्का बैंगनी हो जाता हैं. फालसे के पेड़ की छाल का तथा फल का प्रयोग औषधि बनाने के लिए किया जाता हैं. CLICK HERE TO READ MORE ABOUT फालसे का प्रयोग औषधि के रूप में ...

Faalsa Ek Upyogi Fal
Faalsa Ek Upyogi Fal


फालसे की दो किस्में में (Two Types Of Falsa
1.       फालसे का पहला किस्म शर्बती फालसा कहलाता हैं. शर्बती फालसे के पेड़ की ऊंचाई 3 फिट तक होती हैं. इस पेड़ पर लगने वाले कच्चे फल का स्वाद खट्टा होता हैं तथा पके हुए फल का स्वाद खाने में कुछ खट्टा तथा कुछ मीठा होता हैं.

2.       फालसे के दूसरे किस्म को शकरी फालसा के नाम से जाना जाता हैं. शकरी फालसे के पेड़ की ऊंचाई 25 फिट तक होती हैं. इस पेड़ पर लगने वाला कच्चा फल मीठा तथा खट्टा होता हैं. जब यह फल अच्छी तरह से पक जाता हैं. तो इसका स्वाद बहुत ही मीठा हो जाता हैं.

फालसे के भिन्न – भिन्न नाम (Different – Different Names Of Falsa)
फालसे को विभिन्न भाषाओँ में अलग – अलग नाम से जाना जाता हैं. हिंदी भाषा में इसे फालसे के नाम से जाना जाता हैं. जिससे अधिकतर व्यक्ति परिचित हैं. संस्कृत भाषा में इसके लिए अनेक शब्दों का प्रयोग किया जाता हैं. जैसे – पुरुषक, अल्पाष्ठी, मृदुकला, निलचर्म आदि. कुछ स्थानों पर इसे धामिन नाम से भी जाना जाता हैं. फालसे को लेटिन शब्द ग्रेविया एशिया टिका से भी जाना जाता हैं

आयुर्वेद की दृष्टि के अनुसार फालसा (Falsa According to The Vision of Aayurveda)
1.       कच्चा फालसा (Raw Falsa) - आयुर्वेद के अनुसार कच्चा फालसा जल्दी नहीं पचता. यह खाने में कसैला, खट्टा व पित्तकारक होता हैं. इसका सेवन करने से व्यक्ति को अधिक भूख लगती हैं, अगर व्यक्ति को दस्त हो रहे हो, तो दस्त बंद हो जाते हैं. लेकिन इसे खाने से शरीर के पित्त में वृद्धि होती हैं. इसलिए इसका अधिक मात्रा में सेवन नहीं करना चाहिए.

कच्चा फालसा यकृत के लिए उत्तेजक होता हैं. इसलिए इसे खाने से यकृत में होने वाली बिमारियां जल्द ही दूर हो जाती हैं. कच्चे फालसे से शुक्र नष्ट हो जाते हैं. यह अग्निमांघ, अतिसार तथा प्रवाहिका के रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होता हैं. CLICK HERE TO READ MORE ABOUT पपीते से स्वास्थ्य रक्षा व् उसके लाभ ... 
 फालसा एक उपयोगी फल
 फालसा एक उपयोगी फल


2.       पका फालसा (Ripe Falsa) आयुर्वेद के अनुसार पके हुए फालसे का स्वाद खाने में मीठा होता हैं. इसे खाने से शरीर को ठंडक मिलती हैं. पका हुआ फालसा शरीर के बहुत से रोगों को नष्ट कर देता हैं. यह पेट की जलन, रक्त से सम्बन्धित बिमारियों के लिए, ज्वर से मुक्ति पाने के लिए, वात तथा क्षय को नष्ट करने के लिए बहुत ही उपयोगी होता हैं. इसे खाने से पुरुषों के शरीर में शुक्राणुओं की वृद्धि होती हैं. यह मूत्र तथा दाह नाशक होता हैं. पके हुए फालसे की तासीर ठंडी होती हैं. इसलिए शरीर के किसी भी भाग में हो रही जलन को खत्म करने के लिए यह अत्यंत लाभदायक सिद्ध होता हैं. इसका सेवन करने से हृदय की धड़कन, तथा शरीर का रक्तचाप नियंत्रित रहता हैं. गर्मी के दिनों में इसका सेवन करना बहुत ही लाभकारी होता हैं. गर्मियों के दिनों में इसे खाने से गला बार – बार नहीं सूखता, गले में दर्द नहीं होता तथा गले की खारिश ठीक हो जाती हैं. इससे शरीर की सूजन भी खत्म हो जाती हैं. पके हुए फालसे का सेवन करने से मूत्र में होने वाली जलन से राहत मिलती हैं तथा पेशाब का वर्ण हमेशा स्वच्छ रहता हैं.

फालसे का शर्बत या रस (Falsa Syrup Or Juice)
आयुर्वेदानुसार फालसे का रस भी बहुत ही लाभकारी होता हैं. जो व्यक्ति इसके कच्चा फल अधिक खट्टा होने के कारण नही खा पाते. उन्हें इसके रस का सेवन अवश्य करना चाहिए. फालसे का शर्बत पीने से शरीर में ठंडक बनी रहती हैं तथा यह शरीर को ताजगी भी प्रदान करता हैं. फालसे के रस को पीने से शरीर के अनेक रोग जैसे – मूत्र में जलन, मैदे की कमजोरी, छाती की जलन आदि से जल्द मुक्ति मिल जाती हैं. यह दिल की घबराहट को शांत करने के लिए भी बहुत ही उपयोगी होता हैं.

फालसे के अन्य उपयोगों को जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते है.
 Very Useful Fruit Grewia Asiatica
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