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Migraine Ke Prakratik Aayurvedic Upchar | माइग्रेन के प्राकृतिक आयुर्वेदिक उपचार | Natural Aayurvedic Treatment for Migraine

माइग्रेन के प्राकृतिक उपचार ( Natural Treatment for Migraine )
§  बादाम ( Almond ) : माइग्रेन के इलाज के लिए बादाम को रामबाण इलाज माना जाता है क्योकि इसमें मैग्नीशियम की मात्रा अधिक पायी जाती है. इस तरह ये शरीर के रक्तचाप और खून में शर्करा को नियंत्रित रखता है. इसलिए माइग्रेन से पीड़ित रोगियों को अपने प्रतिदिन के आहार में 500 मिलीग्राम की मात्रा में मैग्नीशियम को जरुर शामिल करना चाहियें. CLICK HERE TO KNOW माइग्रेन के कारण और लक्षण ... 
Migraine Ke Prakratik Aayurvedic Upchar
Migraine Ke Prakratik Aayurvedic Upchar
§  मुलहठी ( Liquorice ) : कुछ मात्रा में मुलहठी लें और उसे पीसकर उसका चूर्ण बना लें. इसके बाद जब भी आपको सिर दर्द हो तो आप इस चूर्ण को अपनी नाक के पास ले जाएँ और इसे सूंघें. इससे तुरंत आपको दर्द में आराम मिलेगा.

§  तुलसी (  Basil ) : तुलसी में अनेक आयुर्वेदिक गुण होते है, माइग्रेन में इसका इस्तेमाल करने के लिए आप को सुखाकर उसका चूर्ण तैयार करें और उसमे शहद मिला लें. तैयार मिश्रण को आप सुबह शाम चाटें. कुछ दिनों में ही आपको इसके लाभ दिखने लगेंगे.

§  सौंठ ( Fennel ) : आप चाहे तो माइग्रेन दूर भागने के लिए खुद गोलियों का निर्माण कर सकते हो, इसके लिए आप 25 ग्राम सौंठ का चूर्ण लें और उसमे 125 ग्राम गुड मिला लें. फिर आप इन्हें छोटी छोटी गोलियों का आकार दें. इनमे से प्रतिदिन 4 से 5 गोलियाँ आप सुबह शाम लें. माइग्रेन जल्द ही आपके जीवन से निकल जाएगा.

§  काली मिर्च और देशी घी ( Black Pepper and Deshi Ghee ) : इस दर्द से निजात पाने का सबसे आसान तरीका है कि आप रोज 6 से 7 काली मिर्च के दानों को चबा चबाकर खा जाएँ. इसके ऊपर आप 2 से 2 ½ चम्मच तक देशी घी भी पी जाएँ. इस उपाय का नियमित रूप से प्रयोग करने से धीरे धीरे माइग्रेन का दर्द चला जाता है.

§  सरसों का तेल ( Mustard Oil ) : आप बिस्तर पर इस तरह लेटे कि आपका सिर बिस्तर से नीचे की तरफ लटका हुआ हो. अब आप सिर के उस हिस्से की तरफ वाली नाक के छेद में सरसों के तेल की 3 से 4 बूंदें डालें जिस तरफ आपको दर्द है. अब आप इसी अवस्था में सांस को ऊपर की तरफ खींचे आपको सिरदर्द में अवश्य राहत मिलेगी. CLICK HERE TO KNOW आधासीसी दर्द के घरेलू उपचार ... 
माइग्रेन के प्राकृतिक आयुर्वेदिक उपचार
माइग्रेन के प्राकृतिक आयुर्वेदिक उपचार
§  दालचीनी ( Cinnamon ) : जब भी रोगी को माइग्रेन का दर्द होता है तो उसे कुछ मात्रा में दालचीनी को पीस लेना चाहियें और उसमे पानी मिलाकर उसका लेप तैयार करना चाहियें. इसके बाद रोगी इस लेप को अपने माथे और गर्दन पर लगायें. जब ये सुख जाएँ तो इसे ठन्डे पानी से साफ़ करें. इस उपाय को रोगी को कम से कम 3 या 4 बार जरुर अपनाना चाहियें. जल्द ही इन्हें माइग्रेन से राहत मिलती है. 

§  पीपल के पत्ते ( Piple Leaf ) : जिस तरह तुलसी के पत्तों के अनेक आध्यात्मिक गुण और लाभ होते है उसी प्रकार से पीपल के पत्तों के भी अनेक लाभ होते है. अगर रोगी इसके पत्तों का रस निकालकर सुबह शाम सेवन करता है तो कुछ ही दिनों में उसका माइग्रेन का दर्द ठीक हो जाता है.

§  उपवास ( Fast ) : रोगियों को उपवास रखना चाहियें और उपवास के दौरान उन्हें गाजर का रस, नारियल पानी, पत्तागोभी, चुकंदर, अंगूर का रस, पालक का रस और ककड़ी का अधिक सेवन करना चाहियें. इस तरह रोगी के शरीर में माइग्रेन से लड़ने की क्षमता बढती है.
Natural Aayurvedic Treatment for Migraine
Natural Aayurvedic Treatment for Migraine
§  पत्तागोभी ( Cabbage ) : अगर रोगी प्रतिदिन रोज अपने माथे पर पत्तागोभी का पत्ता बांधता है तो इससे भी रोगियाँ को आराम मिलता है. इससे उनके सिर को राहत और ठंडक मिलती है जो उन्हें शांति का आभास करती है.

पत्तागोभी को आप एक अन्य तरीके से भी इस्तेमाल कर सकती है जिसके अनुसार आप इसके पत्तों को कुचलकर इसका लेप तैयार करने और इस लेप को सोते वक़्त रात को अपने माथे पर लगायें. आप चाहे तो इस उपाय को दिन में भी कर सकते हो. ये माइग्रेन के सबसे सफल उपचारों से एक उपाय है.

§  नाक से भाप ( Steam from the Nose ) : रोगी एक पतीला लें और उसमे कुछ मात्रा में पानी भरकर उसे गर्म कर लें. इस बर्तन को रोगी अपने पैरों के बीच में रखें और उसके ऊपर सिर ले जाते हुए झुकें और नाक से भाप को अंदर की तरफ खींचें. इस तरह उन्हें इस उपाय को कुछ दिनों तक लगातार करना चाहियें. इन्हें जल्द ही इस उपाय का फल प्राप्त होता है.

§  रक्त प्रवाह को नियंत्रित रखें ( Control Flow of Blood ) : माइग्रेन में सबसे जरूरी है कि आपका रक्त प्रवाह नियंत्रित रहें. इसके लिए आप सिरदर्द होने पर अपने सिर पर बर्फ के टुकड़े रखें या आइस पैक तैयार कर लें. आप इस आइस पैक को उन हिस्सों पर फेरे जहाँ आपको दर्द होता है जैसेकि कनपटी, गर्दन और सिर के उस हिस्से में जहाँ दर्द है.
माइग्रेन का इलाज
माइग्रेन का इलाज
§  सांस की गति बदलें ( Change the Speed of Breath ) : रोगियों को कोशिश करनी चाहियें कि वो लम्बी साँसे लें किन्तु धीरे धीरे लें. इससे उनके शरीर में ऑक्सीजन की कमी पूरी होती है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढती है. इस तरह आपकी बैचनी और दर्द दोनों धीरे धीरे दूर होने लगते है.

§  योग व्यायाम ( Yoga Exercise ) : हर रोग और शांति का एक ही इलाज है और वो है योग आसन. ये वो आंतरिक सुख है जिसके सामने कोई भी रोग नही टिक पाता और रोगी रोगमुक्त होकर अपने जीवन को सुखपूर्वक जीने लगता है. योग में कुछ ऐसी क्रियायें और आसन भी है जो माइग्रेन से भी निजात दिलाती है उनके नाम कुछ इस प्रकार है -  श्वासन, योगनिद्रा, प्राणायाम, हस्तपदासन, सेतु बांधासन, बलासन, मर्जरियासन, पश्चिमोतानासन, अधोमुख श्वाससन और पद्मासन.


माइग्रेन, आधासीसी, अधकपारी या आधे सिर के दर्द से छुटकारे के अन्य आयुर्वेदिक प्राकृतिक उपायों को जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो.
Aadhasisi Ka Dard Thik Karne ke Upay
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