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Thyroid ke Aayurvedic Upchar | थायराइड के आयुर्वेदिक उपचार | Aayurvedic Remedies for Thyroid

थायराइड की प्राकृतिक घरेलू चिकित्सा ( Home Natural Medicine for Thyroid )
थायराइड की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है. इससे ना सिर्फ गर्दन बल्कि स्वर तंत्र पर भी प्रभाव पड़ता है. अगर किसी व्यक्ति को थायराइड की समस्या है तो वो कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर इससे निजात पा सकता है. ऐसे ही कुछ घरेलू उपाय हम आपको बताने जा रहे है जो आपको इस रोग से मुक्ति दिलाने में आपके सहायक होंगें. CLICK HERE TO KNOW MORE ABOUT THYROID AND ITS CAUSES ...
Thyroid ke Aayurvedic Upchar
Thyroid ke Aayurvedic Upchar 
·         मुलेठी ( Liquorices ) : मुलेठी में कुछ ऐसे तत्व होते है जो स्वर तंत्र और थायराइड ग्रंथि को संतुलित करते है. ये शरीर को उर्जा प्रदान कर व्यक्ति को सुस्त और आलसी होने से बचाता है. आपको बता दें कि थायराइड एक ऐसा रोग है जिससे व्यक्ति को कैंसर तक होने की सम्भावना रहती है. किन्तु अगर व्यक्ति मुलेठी का सेवन करता है तो उसको इस रोग से जल्द ही निजात मिल जाता है. इसलिए थायराइड से पीड़ित व्यक्तियों को इसका सेवन जरुर करना चाहियें.

·         साबुत अनाज ( Wholegrain Cereals ) : थायराइड से पीड़ित व्यक्तियों को फाइबर, प्रोटीन और विटामिन की प्रचुर मात्र का सेवन करना चाहियें. इसलिए उन्हें अपने आहार मे साबुत अनाज को जरुर शामिल करना चाहियें क्योकि इसमें इन तीनो की प्रचुर मात्रा होती है. साबुत अनाज के साथ व्यक्ति जौ, पास्ता और ब्रेड का भी सेवन जरुर करें. CLICK HERE TO KNOW ABOUT थायराइड के लक्षण ...
थायराइड के आयुर्वेदिक उपचार
थायराइड के आयुर्वेदिक उपचार
·         दुग्ध पदार्थ ( Milk Products ) : क्योकि दूध के पदार्थों में कैल्शियम और मिनरल्स की मात्रा अधिक होती है तो ये भी थायराइड से पीड़ित व्यक्तियों के लिए बहुत लाभदायक होता है. ये ना सिर्फ इस रोग से मुक्ति दिलाते है बल्कि व्यक्ति के शरीर से कमजोरी को दूर कर उसे स्वस्थ भी रखते है. तो थायराइड को दूर करने के लिए आप अधिक से अधिक दूध और दूध से बने पदार्थों का सेवन करें.

·         अदरक ( Ginger ) : अदरक का इस्तेमाल मुंह और गले से सम्बंधित लगभग हर रोग में किया जाता है. इसका कारण इसमें मिलने वाले इन्फलेमेतरी तत्व है. इसके साथ ही अदरक में पोटैशियम, मैग्नीशियम की मात्रा भी अधिक होती है जो गले के रोगों को दूर करने में सहायक होती है. इसीलिए अदरक का इस्तेमाल थायराइड की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जाता है.  CLICK HERE TO KNOW ABOUT थायराइड के प्रकार और इसमें परहेज ... 
Aayurvedic Remedies for Thyroid
Aayurvedic Remedies for Thyroid
·         गेंहू और जावर ( Wheat and Sorghum ) : थायराइड का सबसे सरल और घरेलू प्राकृतिक उपाय है गेहूँ और ज्वार. ये आयुर्वेदिक रूप से थायराइड की समस्या को दूर करते है. इसमें पाए जाने वाले तत्व थायराइड ग्रंथि को बढ़ने से रोकते है, जिससे ये रोग पनप ही नही पाता. गेंहू और ज्वर थायराइड के साथ साथ साइनस, खून की कमी और रक्तचाप के बढ़ने की स्थिति में भी लाभदायक होता है. 

·         आयोडीन ( Iodine ) : थायराइड की समस्या के कारणों में नमक की कमी भी शामिल है क्योकि नमक अर्थात आयोडीन की कमी की वजह से ही गले में और थायराइड ग्रंथि में सुजन आती है. तो थायराइड से पीड़ित व्यक्तियों को अपने आहार में आयोडीन अर्थात नमक को शामिल करना चाहियें, किन्तु नमक का अधिक सेवन भी आपके लिए नुकसान देह हो सकता है इसलिए नमक का सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में ही करना चाहियें और यदि आप समुद्री सफ़ेद नमक का अपने आहार में इस्तेमाल कर रहें है तो आप उसका उपयोग तुरंत ही बंद कर दें.  CLICK HERE TO KNOW योगासन से थायराइड मुक्ति निदान ...
Thayroid Smasya or Nidaan
Thayroid Smasya or Nidaan
·         फल और सब्जी ( Fruits and Vegetables ) : इन सबके साथ ही थायराइड से पीड़ित व्यक्तियों को फलों और सब्जियों का सेवन भी जरुर करना चाहियें क्योकि फल सब्जी में अनेक एंटीओक्सिडेंट होते है जो आपको इस बीमारी से निजात दिलाने में सहायक होते है. फलों और सब्जियों में आप टमाटर, हरी सब्जी सेब इत्यादि का सेवन करें.

·         मछली ( Fish ) : जैसाकि ऊपर बताया गया है कि थायराइड के रोगियों को आयोडीन की मात्रा को अपने भोजन में शामिल करना चाहियें और इसका सबसे अच्छा साधन है मछली. क्योकि मछली समुद्र में पायी जाती है तो इनमे आयोडीन की मात्रा संतुलित होती है. इसके साथ ही इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड भी पाया जाता है जो थायराइड जैसी समस्या पर संतुलन बनायें रखने में काफी सहायक होता है.  
थाइरोइड रोग उपाय
थाइरोइड रोग उपाय
·         हरा पत्तेदार धनियाँ ( Green Leaves Coriander ) : आपको बता दें कि अगर आप हरे पत्ते वाले धनियें की चटनी बनाकर उसे एक ग्लास पानी में मिलाकर प्रतिदिन पीते है तो उससे थायराइड की समस्या का जड़ से इलाज माना जाता है. किन्तु आप चटनी बनने के लिए साफ़, सुगन्धित और ताजे देशी धनियें का ही इस्तेमाल करें.

·         गर्म पानी से सेंक ( Hot Water Fomentation  ) : थायराइड की समस्या से निजात पाने के लिए आप गर्म पानी का भी इस्तेमाल कर सकते हो. इसके लिए आपको पानी से अपने गले को सेंकना होता है जिसकी विधि निम्नलिखित है.

सामग्री ( Material ) : रबड़ की थैली, गर्म पानी, तौलिया, ठंडा पानी
Gram Pani se Thyroid ka Ilaaj
Gram Pani se Thyroid ka Ilaaj
विधि ( Process ) : इस विधि को अपनने के लिए आप 1 लीटर पानी गर्म कर लें और उसे रबड़ की थैली में डाल लें. साथ ही आप एक भगोने में थोडा ठंडा पानी लें और उसमे तौलिये हो डूबा लें. इसके बाद आप पहले गर्म पानी की थैली से फिर ठन्डे तौलिये से अपनी गर्दन को सकें. इस उपचार को आप दिन में 2 बार अपनायें. कुछ दिनों को बाद आपको निश्चित रूप से लाभ मिलेगा. पानी से सेंक का समय कुछ इस प्रकार है.

गर्म 3 मिनट – ठंडा 1 मिनट
गर्म 3 मिनट – ठंडा 1 मिनट
गर्म 3 मिनट – ठंडा 1 मिनट
गर्म 3 मिनट – ठंडा 3 मिनट

·         सूती कपडे की पट्टी  ( Cotton Cloth Strip ) : सूती कपडे की पट्टी और गर्म पट्टी भी आपके गले से थायराइड की समस्या को दूर करती है.  

सामग्री ( Material ) : 4 इंच चौड़ा और लगभग 2 फीट लम्बा सूती कपडा, सामान आकार की गर्म पट्टी, ठंडा पानी
Thyroid Natural Home Medicine
Thyroid Natural Home Medicine
विधि ( Process ) : आप इस विधि को रात को सोने से कुछ देर पहले अपनायें और इसके लिए आप सबसे पहले सूती कपडे को ठन्डे पानी में भिगो लें और उसे अच्छी तरह से निचौड़ लें. इसके बाद आप इस पट्टी को अपने गले पर 3 बार लपेटें. साथ ही आप इसके ऊपर गर्म पट्टी को भी लपेटें. ध्यान रहें कि गर्म पट्टी को इस तरह लपेटें कि उसके नीचे वाला सूती कपडा दिखाई ना दें.

·         मिटटी की पट्टी ( Clay Bar / Strip ) : थायराइड में गले को ठंडक पहुँचाने के लिए सबसे जरूरी होती है ताज़ी मिटटी और अगर इसकी पट्टी बनाकर ही गले पर बाँध ली जाएँ तो ये आपके लिए भी लाभदायक सिद्ध होती है. थायराइड की समस्या को दूर करने के लिए मिटटी की पट्टी बनाने की विधि निम्नलिखित है.

सामग्री ( Material ) : साफ़ मिटटी ( जमीन से 3 फिट नीचे से निकाली गयी ), गर्म कपडा

विधि ( Process ) : आप जमीन से लगभग 3 फीट नीचे से साफ़ मिटटी निकालें और उसे कम से कम 6 – 7 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें. इसके बाद आप उसकी 3 इंच चौड़ी और 5 इंच लम्बी लगुदी जैसी पट्टी तैयार करें और उसे अपने गलें पर रखें. आप मिटटी के ऊपर गर्म कपडे को भी रख दें.  इस उपाय को अपने का सबसे अच्छा समय दोपहर है और आप इस पट्टी को कम से कम 45 मिनट तक अपने गले पर रखें.


थायराइड रोग को दूर करने के अन्य घरेलू प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपायों उपचारों के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो. 
Thyroid ki Ghrelu Prakratik Chikitsa
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4 comments:

  1. थाइरोइड की आयुर्वेदिक दवा

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  2. थाइरोइड की आयुर्वेदिक उपचार बताएं

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