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Aniymit Maasik Dharm ke Karan Lakshan or Upchar | अनियमित मासिक धर्म के कारण लक्षण और उपचार | Ayurvedic Treatment for Irregular Menstruation



मासिक धर्म के अनियमितता को दूर करने के लिए क्या करें

मासिक धर्म होना महिला के शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक होता हैं. मासिक धर्म का पूरा चक्र 28 दिनों का होता हैं. कई महिलाओं को मासिक धर्म की अनियमितता की शिकायत रहती हैं. मासिक धर्म की अनियमितता का मतलब हैं. मासिक धर्म का समय पर न होना. किसी – किसी महिला को मासिक धर्म दो महीने में एक बार होते हैं तो किसी  को एक महीने में दो तीन बार होते हैं. मसिक धर्म का अपने समय पर होना बहुत ही आवश्यक होता हैं. मासिक धर्म के शुरू होने की जैसे एक उम्र होती हैं. ठीक उसी प्रकार इसके समाप्त होने की भी उम्र होती हैं. किसी भी महिला को मासिक धर्म 32 साल तक होता हैं. जबसे महिला को मासिक धर्म होने शुरु होते तब से ही उसमे 32 साल जोड़ देने चाहिए. अर्थार्त  इसके समाप्त होने तक महिला की उम्र 48, 49 या 50 हो सकती हैं. इससे पहले या बाद में मासिक धर्म के समाप्त होना मासिक धर्म की  अनियमितता का सूचक होता हैं. यह अनियमितता महिला को कुछ शारीरिक व मानसिक कारणों से हो सकती हैं. तो चलिए इसके कारणों व लक्षणों के बारे में थोडा जान लेते हैं.


 मासिक धर्म की अनियमितता के कारण

1.    मासिक धर्म की अनियमितता महिला की किसी प्रकार की बिमारी के कारण भी हो सकती हैं. अगर कोई महिला एक महीने से अधिक समय तक बीमार हो तो उसे मासिक धर्म की अनियमितता की शिकायत हो सकती हैं.

2.    अगर किसी महिला को थायराइड की बीमारी हैं. तो उसे भी मासिक धर्म की अनियमितता की समस्या हो सकती हैं.


3.    मासिक धर्म की अनियमितता गर्भावस्था की शुरुआत के कारण भी हो सकती हैं.


4.    अधिकतर स्त्रियां हमेशा परेशान रहती हैं. जिससे उनके उपर मानसिक दबाव व तनाव बढ़ जाता हैं. प्रत्येक महिला के शरीर में तिन प्रकार के हार्मोन होते हैं. एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन तथा टेस्टोंस्टेरोन आदि. इन तीनों में से अगर महिला अधिक तनाव में रहती हैं तो पहले दो हार्मोन पर सीधा असर पड़ता हैं. जिसके कारण महिला के मासिक धर्म में अनियमितता होनी शुरू हो जाती हैं.


5.    कभी – कभी अधिक व्यायाम करने के कारण भी महिला को मासिक धर्म की अनियमितता की शिकायत हो जाती हैं. अधिक व्यायाम करने से महिला के शरीर में उपस्थित एस्ट्रोजन हार्मोन  की संख्या में वृद्धि हो जाती हैं. जिससे मासिक धर्म रुक जाते हैं और महिला को मासिक धर्म की अनियमितता की समस्या का सामना करना पड़ता हैं.


6.    मासिक धर्म की अनियमितता महिला के खानपान में असंतुलन के कारण भी हो जाती हैं. 


7.    मासिक धर्म की अनियमितता महिला के शरीर का वजन बढने या घटने के कारण भी हो जाती है. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...

 
अनियमित मासिक धर्म के कारण लक्षण और उपचार
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मासिक धर्म की अनियमितता के लक्षण

1.    मासिक धर्म की अनियमितता के होने पर महिला के गर्भाशय में दर्द होता हैं.


2.    मासिक धर्म की अनियमितता से महिला को भूख कम लगती हैं.


3.    मासिक धर्म की अनियमितता के होने पर महिला के शरीर में दर्द रहता हैं. खासतौर महिला के स्तनों में, पेट में, हाथ – पैर में तथा कमर में. 


4.    मासिक धर्म की अनियमितता के होने पर महिला को अधिक थकान भी महसूस होती हैं.


5.       मासिक धर्म के ठीक समय पर न होने के कारण महिला को पेट में कब्ज तथा दस्त की भी शिकायत हो जाती हैं.


6.    मासिक धर्म की अनियमितता होने से महिला के शरीर में स्थित गर्भाशय में रक्त का थक्का बन जाता हैं.



अनियमित मासिक धर्म से बचने के लिए क्या उपाय करें

1.    मासिक धर्म की अनियमितता को ठीक करने के लिए महिलाएं गरम दूध और अजवायन का सेवन कर सकती हैं. इस समस्या को दूर करने के लिए एक गिलास दूध लें और उसके साथ 8 से 10 ग्राम तक अजवायन लें. अब अजवायन को खाकर उसके ऊपर से दुध पी लें. मासिक धर्म की अनियमितता ठीक हो जाएगी.


2.    मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने के लिए आप दालचीनी के चुर्ण का भी प्रयोग कर सकते हैं. इस रोग की समस्या से निदान पाने के लिए 4 या 5 ग्राम चुर्ण का पानी के साथ रोजाना का सेवन करें. रोजाना दालचीनी के चुर्ण का सेवन करने से मासिक धर्म में किसी भी प्रकार की समय नहीं होती तथा अगर आपके शरीर में मासिक धर्म की अनियमितता से दर्द हो रहा हो तो वह भी ठीक हो जाता हैं.
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Ayurvedic Treatment for Irregular Menstruation
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3.    मासिक धर्म की अनियमितता से आराम पाने के लिए आप राई (सरसों) के दानों का भी उपयोग कर सकते हैं. मासिक धर्म की अनियमितता को खत्म करने के लिए राई के दानों को पीस लें. अब राई के इस चुर्ण को खाना खाते समय पहले के कुछ निवालों के साथ खाएं. राइ का सेवन खाने के साथ करने से मासिक धर्म से सम्बन्धित सभी प्रकार की दिक्कतें ठीक हो जाती हैं.


4.      यदि किसी महिला को मासिक धर्म ठीक समय पर न हो तो वह गाजर के रस का उपयोग कर सकती हैं. इस समस्या से निदान पाने के लिए गाजर के रस के साथ पानी का सेवन करें. दिन में दो बार गाजर के रस के साथ पानी को पीने से मासिक धर्म ठीक समय पर होंगे.


5.    मासिक धर्म के समय पर न होने पर आप तिल और गुड़ का भी सेवन कर सकते हैं. इस बीमारी से निजात पाने के लिए 20 गर्म तिल लें. अब एक बर्तन में 400 ग्राम पानी लें. अब पानी को गरम करने के लिए रख दें और उसमें तिल को डाल दें. अब इस पानी को कुछ देर तक उबाल लें. जब पानी अच्छी तरह से पककर आधा हो जाये तो उसे उतारकर रख दें और उसमें गुड़ डालकर मिला लें. अब इसका सेवन करें. इस मिश्रण का को पीने से मासिक धर्म समय पर होंगे तथा पेट का दर्द भी ठीक हो जायेगा.


6.    अगर किसी महिला को मासिक धर्म कम होते हैं. तो वह गुड़ के साथ काले तिल का सेवन कर सकती हैं. इसके लिए एक बर्तन में पानी को उबालने के लिए रख दें और उसमें काला  तील डाल दें. थोड़ी देर का बाद पानी को उतार लें और थोडा गुनगुना रहने पर इसका सेवन करें. गुड़ और काले तिल के इस मिश्रण का सेवन करने से मासिक धर्म खुल कर होंगे.


7.    तुलसी के पत्तों की ही भांति तुलसी के बीज भी बहुत ही उपयोगी होते हैं. मासिक धर्म के नियमित समय पर न होने पर आप इन बीजों का प्रयोग कर सकते हैं. मासिक धर्म की इस समस्या से राहत पाने के लिए तुलसी के बीजों को पानी में डालकर उबाल लें. उबालने के बाद पानी को उतारकर रख दे. थोड़ी देर के बाद इस पानी का सेवन करें. आपको अनियमितता से छुट्टी मिलेगी.

मासिक धर्म की अनियमितता की समस्या को दूर करने के लिए आप गाजर के रस का या गाजर के सूप का भी सेवन कर सकते हैं. गाजर के रस का या गाजर के सूप को पीने से मासिक धर्म की अनियमितता से छुटकारा जल्दी मिल जाता हैं.

 
Aniymit Maasik Dharm ke Karan Lakshan or Upchar
Aniymit Maasik Dharm ke Karan Lakshan or Upchar


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2 comments:

  1. मासिक धर्म जल्दी हो गया, साफ नही है और बहुत दिनो से हो रहा है

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  2. अंडाशय में गाँठ होने से भी माहवारी रूक जाता है क्या?

    ReplyDelete

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