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Anvle ka Bimariyon mein Upchar | आंवले से बिमारियों का उपचार | Myrobalan Uses in Diseases Treatment

आंवले का उपयोग करके बहुत – सी बिमारियों से मुक्ति मिल सकती हैं. बिमारियों से मुक्ति पाने के लिए इसका प्रयोग एक औषधि के रूप में किया जाता हैं. आंवले का औषधि के रूप में उपयोग निम्न बिमारियों को ठीक करने के लिए किया जाता हैं.


1.    यदि किसी औरत को श्वेत प्रदर का रोग हो गया हैं तो उस व्यक्ति को आंवले का उपयोग करना चाहिए. श्वेत प्रदर के रोग को दूर करने के लिए आंवले का चुर्ण बहुत ही उपयोगी होता हैं. इस रोग को दूर करने के लिए रोगी व्यक्ति को 4 ग्राम आंवले के चुर्ण का सेवन शहद के साथ करना चाहिए. श्वेत प्रदर के रोग को दूर कर ने के लिए आंवले का चुर्ण और शहद का प्रयोग दिन में दो बार अर्थात सुबह और शाम को रोजाना करना चाहिए. आंवले के चुर्ण को लगातार एक महीने तक खाने से श्वेत प्रदर के रोग से शीघ्र ही राहत मिलेगी.


2.     कभी – कभी साधारण सी लगने वाली खांसी की बिमारी भी गम्भीर बिमारी का रूप धारण कर लेती हैं. ऐसा कई व्यक्तियों के साथ होता हैं. जिनकी खांसी की शुरुआत तो सूखी खांसी से होती हैं. लेकिन कुछ दिनों के बाद उनकी खांसी के साथ खून आने लगता हैं. ऐसे व्यक्तियों के लिए आंवले का चुर्ण बहुत ही लाभदायक होता हैं. सूखी खांसी के साथ खून आने की बिमारी से ग्रस्त लोगों को 3 ग्राम आंवले के चुर्ण को दूध के साथ फांक लेना चाहिए. जल्दी ही उनकी खांसी में खून आने की शिकायत दूर हो जाएगी.


3.    पेट में कब पथरी की बिमारी हो जाती हैं. यह पता ही नही चलता. पथरी की बिमारी शरीर में अलग – अलग भागों में हो जाती हैं. किसी को पथरी की बिमारी गुर्दे में हो जाती हैं, तो किसी को मूत्राशय में. अधिकतर लोगों को पथरी की बिमारी पेट में स्थित पित्त की थैली में हो जाती हैं. जिन लोगो को पथरी की बिमारी हो जाती हैं, उन लोगों को काफी तकलीफ उठानी पडती हैं. पथरी की बिमारी के होने पर शरीर के जिस भाग में पथरी हुई हैं, उस जगह पर बहुत ही दर्द होता हैं. पथरी की बिमारी के हो जाने पर रोगी अधिक तेल, घी, मसाले से बने हुए भोजन का भी सेवन नही कर पाता. ऐसे में पथरी की बिमारी से राहत पाने के लिए आंवले का चुर्ण बहुत ही लाभकारी होता हैं. पथरी की बिमारी को दूर करने के लिए आंवले के चुर्ण को मूली के साथ खाना चाहिए. मूली और आंवले के चुर्ण का सेवन पथरी की बिमारी से ग्रस्त व्यक्ति को दिन में दो – चार बार करना चाहिए. मूली और आंवले को खाते रहने से पथरी धीरे – धेरे गल कर ख़त्म हो जाती है. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
आंवले से बिमारियों का उपचार
आंवले से बिमारियों का उपचार

4.    अगर किसी व्यक्ति को पेशाब में जलन की शिकायत हैं तो उसके लिए आंवला बहुत ही उत्तम फल हैं. पेशाब में जलन की शिकायत को दूर करने के लिए आंवले का प्रयोग कई प्रकार से किया जा सकता हैं. 


1.    पेशाब में जलन की शिकायत को दूर करने के लिए आंवला और हल्दी का काढ़ा बहुत ही सहायक होते हैं. इसके लिए 12 ग्राम हल्दी लें. 12 ग्राम आंवला लें. अब एक बर्तन में पानी लें. आंवले को टुकड़ों में काट कर पानी में डाल दें. अब हल्दी को पानी में डालें. पानी को अच्छी तरह 15 – 20 मिनट तक उबाल लें. अब पानी को उतारकर छान लें. अब इस काढ़े का सेवन करें. आपकी इस बिमारी को दूर करने में हल्दी और आंवले के काढ़े का सेवन करने से लाभ होगा. 


2.     आंवले के चुर्ण के साथ मिश्री का सेवन करने से भी पेशाब में जलन की शिकायत खत्म हो जाती हैं. इसके लिए 3 ग्राम आंवले का चुर्ण लें. 3 ग्राम मिश्री लें. अब एक गिलास पानी लें और उसके साथ आंवले के चुर्ण को तथा मिश्री को फांक लें. पेशाब में जलन की बीमारी में लाभ होगा.


3.    पेशाब में जलन को दूर करने के लिए आंवले का रस और शहद बहुत ही उपयोगी होते हैं. इसके लिए एक कप आंवले के रस लें. अब 4 चम्मच शहद लें और उसे आंवले के रस में मिला दें. अब इस रस का सेवन दिन में तीन बार रोजाना करें. इस रस का सेवन करने से पेशाब में जलन होने से मुक्ति मिलेगी. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
Myrobalan Uses in Diseases Treatment
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5.    कभी – कभी अत्यधिक ठंड पड़ने पर तथा कुछ ज्यादा ठंडा पदार्थ खाने पर गला बैठ जाता हैं. गला बैठ जने पर आंवले का प्रयोग करना बहुत ही फायदेमंद होता हैं. गला बैठ जाने पर आंवले का प्रयोग विभिन्न प्रकार से किया जा सकता हैं. 


1.    गला बैठ जाने पर आंवले का चुर्ण और शहद बहुत ही लाभकारी सिद्ध होता हैं. गले को ठीक करने के लिए आंवले का चुर्ण लें. थोड़ा शहद लें. अब इन दोनों को मिलाकर चाट लें. आपके गले में जल्दी ही आराम हो जायेगा.


2.    गल बैठ जाने पर आंवले का प्रयोग एक और तरीके से किया जा सकता हैं. इसके लिए एक गिलास पानी लें और उसके साथ आंवले के चुर्ण को फांक लें. गला ठीक हो जायेगा.


3.    गले को ठीक करने के लिए आंवले का चुर्ण अत्यंत ही उपयोगी होता हैं. गले में राहत पाने के लिए गाय का दूध लें और उसके साथ आंवले के चुर्ण को फांक लें. आपका गला खुल जायेगा.

 
Anvle ka Bimariyon mein Upchar
Anvle ka Bimariyon mein Upchar

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