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Virya Vikaar or Prsav mein Anvle ya Amla se Upchar | वीर्य विकार या प्रसव में आंवले से उपचार | Myrobalan for Semen disorder and Delivery

1.    पेट में कीड़े की समस्या अधिकतर बच्चों को होती हैं. लेकिन कभी – कभी इस बीमारी का शिकार बड़े भी हो जाते हैं. पेट में कीड़े हो जाने पर पेट में दर्द भी होने लगता हैं. यह बीमारी अधिक मीठी चीजों का सेवन करने से होती हैं. पेट में कीड़े पेट में अन्य किसी बीमारी के हो जाने पर भी हो जाते हैं. पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए आंवले का रस अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता हैं. पेट के कीड़ों को आंवले में उपस्थित उसकी अम्लता नष्ट कर देती हैं. पेट के कीड़ों से राहत पाने के लिए प्रतिदिन खाली पेट 35 ग्राम रस का सेवन करें. आंवले के रस का प्रयोग लगातार एक - डेढ़ हफ्ते तक करें, आपके पेट के कीड़े नष्ट हो जायेंगे.

2.    बालों में भी अनेक प्रकार के रोग हो जाते हैं. आंवला तो वैसे भी बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद फल होता हैं. आंवले का प्रयोग करने से बाल मजबूत होते हैं. अगर बालों में रुसी हो तो आंवलों का प्रयोग करना चाहिए . आंवले का प्रयोग करने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं. आंवले के प्रयोग करने से बाल रेशमी और काले भी होते हैं. बालों के रोगों से मुक्ति पाने के लिए आंवले के चुर्ण को पानी में मिला लें. अब 10 या 12 तुलसी की पत्तियों को लें और उसे खूब बारीक़ पीस लें. अब पीसी हुई तुलसी की पत्तियों को आंवले के चुर्ण के पानी में मिला लें. अब इन दोनों के मिश्रण को बालों की जड़ों में लगा लें और बालों को 10 मिनट तक ऐसे ही रहने दें. 10 मिनट के बाद बालों को पानी से धो लें. आपके बालों के रोग दूर हो जायेंगे और साथ ही साथ आपके बाल इस मिश्रण को लगाने से काले, घने और लम्बे भी हो जायेंगे.
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3.    मधुमेह अर्थार्त डायबिटीज की बीमारी अधिक मीठा खाने के कारण हो जाती हैं. इस बीमारी के होने पर ब्लडप्रेशर कभी बढ़ता हैं तो कभी कम हो जाता हैं. यह बीमारी बहुत ही घटक होती हैं. इस बीमारी के अधिक बढ़ जाने पर लोग अपनी जिन्दगी से हाथ भी धो बैठते हैं. इस बीमारी को ठीक करने के लिए या इस बीमारी पर नियन्त्रण पाने के लिए भी आंवले के रस का प्रयोग किया जा सकता हैं. मधुमेह की बीमारी से ग्रस्त रोगी को आंवले के रस में नमक मिलाकर पीना चाहिए. प्रतिदिन आंवले के रस का सेवन करते रहने पर इस बीमारी से ही छुटकारा मिल जाता हैं. लगातार आंवले के रस का सेवन करने पर कुछ ही महीनों में यह बीमारी ठीक हो जाएगी. मधुमेह की बीमारी से छुटकारा पाने के लिए आंवले तथा जामुन की गुठलियों के प्रयोग से बने चुर्ण का भी प्रयोग कर सकते हैं. इस चुर्ण को बनाना बहुत ही आसान हैं. इस चुर्ण को बनाने के लिए 6 या 7 गुठली सूखे आंवले की लें. 6 या 7 गुठली जामुन की लें. अब इन दोनों की गुठलियों को एक साथ पीस कर चुर्ण बना लें. अब एक गिलास पानी या गाय का दूध लें और उसके साथ एक चम्मच चुर्ण को फांक लें. आपको मधुमेह के रोग से जल्द मुक्ति मिलेगी.

4.    प्रसव बिना किसी कष्ट के हो इसके लिए भी आंवले का उपयोग किया जा सकता हैं. इसके लिए 100 ग्राम आवला लें. अब एक बर्तन में 400 ग्राम पानी डाल लें. अब उस पानी को उबलने के लिए रख दें और उसमे आंवलों को डाल दें. पानी को तब तक उबालें जब तक की पानी आधा न हो जाए. जब आधा पानी शेष रह जाये तो पानी को उतारकर उसमे थोडा शहद मिला लें और उसका सेवन करें. आंवलों का सेवन करने से प्रसव सुख पूर्वक होगा.

5.    शरीर में ताकत को बढ़ाने के लिए आंवला बहुत ही लाभकारी होता हैं. आंवले और फलों की तुलना में शरीर को अत्यधिक ताकत प्रदान करता हैं. शरीर की ताकत को बढ़ाने के लिए एक कप शहद लें. अब 4 चम्मच आंवले का रस लें और उसे शहद में मिला लें. अब दूध लें और उसके साथ शहद और आंवले के रस का सेवन करे. शरीर में ताकत बनाए रखने के लिए प्रतिदिन इसका सेवन करें.

6.    बुखार होने पर आंवले का प्रयोग करना बहुत ही फायदेमंद होता हैं. बुखार अधिक हो जाने पर शरीर में बेचैनी भी हो जाती हैं. आंवला बुखार तथा शरीर की बेचैनी को दूर करने में सहायक होता हैं. बुखार से राहत पाने के लिए सूखा आंवला लें. हर्रे लें. थोडा पीपल लें. चिमड़ की जड़ और थोडा सेंधा नमक लें. अब इन सभी को मिलाकर पीस कर इसका चुर्ण तैयार कर लें. इस चुर्ण को खाने से सभी प्रकार के बुखार से छुटकारा पाया जा सकता हैं. 

7.    मूर्छा की स्थिति में भी आंवले के रस का प्रयोग किया जा सकता हैं. यदि किसी व्यक्ति को ज्यादा चक्कर आए और वह मूर्छित हो जाए तो उसको आंवले के रस में घी मिलाकर पिलाना चाहिए. आंवले के रस में घी मिलाकर पिलाने से मूर्छा दूर हो जाती हैं.

8.    अगर किसी व्यक्ति को अम्लपित्त की शिकायत हो तो उसे आंवले की गोलियों को बनाकर उसका सेवन करना चाहिए. आंवले की गोलियों को बनाने के लिए 10 ग्राम सूखा आंवला लें. अब एक बर्तन लें और उसमे पानी डालकर उसमे आंवले को डाल दें. सुबह उठकर पानी में से आंवले को निकाल लें. अब 5 ग्राम सौंठ लें. 2 ग्राम जीरा लें और इन्हें आंवले के साथ पीस लें. अब पिसे हुए मिश्रण की गोलियाँ बना लें. प्रतिदिन एक गोली को खाकर उसके बाद दूध पी लें. अम्लपित्त की बिमारी में आराम होगा. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
 
Myrobalan for Semen disorder and Delivery
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9.    अगर किसी व्यक्ति का हृदय तथा मस्तिष्क कमजोर हैं तो उसे आंवले के रस का सेवन करना चाहिये. इसके लिए 8 आंवलों का रस लें और उसे जब आप आधा भोजन कर चुके हो तो उसमे आधा गिलास पानी मिलाकर पी जाए. आंवले के रस के सेवन करने के बाद पूरा भोजन कर लें. ऐसे ही लगातार 22 या 23 दिनों तक आंवले के रस का सेवन करें. आपके मस्तिष्क और हृदय को ताकत मिलेगी.  

10.                    यदि किसी व्यक्ति के शरीर पर खुजली हो रही हो तो उसके लिए भी आंवला का चुर्ण बहुत ही उपयोगी फल हैं. शरीर की खुजली को खत्म करने के लिए नारियल का तेल लें. अब आंवले थोडा आंवले का चुर्ण लें और उसे नारियल के तेल में मिला लें. अब नारियल के तेल और आंवले के चुर्ण से बने मिश्रण को शरीर में जहाँ पर खुजली हो रही हैं. उस पर लगाये. खुजली जल्द ही खत्म हो जाएगी.

11.                    वीर्य विकार की बिमारी में आंवले का रस का सेवन करना बहुत ही लाभदायक होता हैं. वीर्य विकार की बिमारी से मुक्त होने के लिए 6 चम्मच शहद लें. 6 चम्मच आंवले का रस लें. अब एक गिलास हल्का गरम पानी लें और उसमें शहद और आंवले के रस को डाल कर अच्छी तरह मिलाकर इसका सेवन करें. आपकी वीर्य विकार की बिमारी में लाभ होगा तथा शरीर में शुक्राणुओं की मात्रा बढ़ेगी. 

12.                    कुछ ऐसे व्यक्ति हते हैं जिनको भूलने की बिमारी हो जाती हैं. भूलने की बिमारी अधिकतर वृद्ध लोगो को होती हैं. क्यूंकि उनकी स्मरण शक्ति समय तथा उम्र के साथ कमजोर हो जाती हैं. स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए भी आंवला बहुत ही उपयोगी होता हैं. स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए आंवले को घिस लें. अब एक काँच का बर्तन लें और उसमे आंवले को भर दें. अब उस बर्तन में शहद डालकर लें. करीब डेढ़ हफ्ते तक आंवले को धूप में रखे. अब आंवले और शहद के मिश्रण को रोजाना सुबह खाली पेट खाने के बाद नाश्ता कर लें. आपकी स्मरण शक्ति का विकास होगा. 

 
वीर्य विकार या प्रसव में आंवले से उपचार
वीर्य विकार या प्रसव में आंवले से उपचार
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