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Plliha Vriddhi Kaaran Lakshan or Upchar | प्लीहा वृद्धि कारण लक्षण और उपचार | Causes Symptoms and Treatment of Spleenomegaly

प्लीहा का बढ़ना ( Spleen Enlargement )
 प्लीहा में वृद्धि जिसे तिल्ली का बढ़ना भी कहा जाता है, वो मनुष्य पेट में बायीं तरह ऊपर चतुर्भाग में स्थित होती है. इसका सीधा संबंध किसी भी रोग की प्रक्रिया से सम्बंधित होता है. जिसमे प्लीहा की असामान्य लाल रक्त कोशिकाएं खराब हो जाती है. इसका मुख्य कार्य होता है कि ये इन लाल कोशिकाओं की रक्त की आपूर्ति को पूरा करना है. किन्तु इसके कार्य करने की क्षमता में दिक्कत उत्पन्न होने की कारण या इसकी वृद्धि होने के कारण अनेक तरह के पेट के विकार, खून की कमी धातुक्षय की शिकायत इत्यादि शुरू हो जाती है. अगर इस रोग को शुरू में नियंत्रित नही किया जाता तो इससे अनेक अन्य रोग होने का भी खतरा रहता है. CLICK HERE TO KNOW थायराइड के आयुर्वेदिक उपचार ...
Plliha Vriddhi Kaaran Lakshan or Upchar
Plliha Vriddhi Kaaran Lakshan or Upchar
तिल्ली के बढ़ने के कारण ( Causes of Enlargement of Spleen ) :
·         मलेरिया ( Malaria ) : प्लीहा का मुख्य कारण मलेरिया होता है क्योकि मलेरिया में रक्त की कमी हो जाती है जिससे प्लीहा या तिल्ली पर अधिक जोर पड़ता है और प्लीहा रक्त कणों में अपने में एकत्र कर लेती है जो इसके बढ़ने का कारण बनती है.

·         थैलेसिमिया ( Thalassemia ) : ये एक ऐसा रक्त विकार रोग है जो बच्चो में उसके माता पिता से आता है. जिस कारण से उनके रक्त निर्माण में समस्यायें उत्पन्न होने लगती है.

·         हीमोग्लोबिन के निर्माण में समस्या ( Problem in Making of Hemoglobin ) : जिन व्यक्तियों के रक्त में हीमोग्लोबिन का निर्माण नही हो पाता या निर्माण में समस्या होती है उन्हें भी प्लीहा रोग होता है. CLICK HERE TO KNOW दमा के कारण और लक्षण ... 
Plliha Vriddhi Kaaran Lakshan or Upchar
Plliha Vriddhi Kaaran Lakshan or Upchar
·         लाल रक्त कोशिकाओं की कमी ( Deficiency of Red Blood Cells ) : क्योकि प्लीहा का कार्य रक्त कोशिकाओं की कमी को पूरा करना है किन्तु अगर किसी रोग के कारण लाल रक्त कोशिकाओं की अधिक कमी हो जाती है तो उससे भी तिल्ली का आकार बढ़ने लगता है.

प्लीहा के लक्षण ( Spleen Symptoms ) :
·         उक्त भाग का ठोस होना ( Hardness of Upper Part ) : तिल्ली की वृद्धि के कारण स्पर्श से उक्त हिस्सा कठोर और उठा हुआ दिखाई देने लगता है. इस तरह आपको पीड़ा तो नही होगी किन्तु अगर इसका समय रहते उपचार नही किया गया तो इससे अमाशय पर बुरा प्रभाव पड़ता है.

·         पेट में विकार ( Problems in Stomach ) : कब्ज, वायु रोग, रक्ताल्पता, धातुक्षय और पेट के बायें हिस्से में दर्द इत्यादि पेट के रोग रोगी को घेर लेते है जिससे उसकी परेशानी में इजाफा हो जाता है. CLICK HERE TO KNOW आधासीसी दर्द के घरेलू उपचार ... 
Causes Symptoms and Treatment of Spleenomegaly
Causes Symptoms and Treatment of Spleenomegaly
·         अन्य रोग ( Other Disease ) : पीड़ित व्यक्ति को खांसी, मुत्रावरोध, सांस फूलना, वमन और बुखार रहने लगता है साथ ही उसका किसी भी कार्य में मन नही लगता और वो बिस्तर पर पड़ा रहता है.

·         जलोदर ( Ascites ) : अगर इस रोग का सही वक़्त पर उपचार नही होता तो इससे जलोदर रोग होने की सम्भावना बढ़ जाती है.

तिल्ली में वृद्धि के घरेलू उपचार ( Remedies for Spleenomegaly ) :
§  सेंधा नमक और अजवायन ( Rock Salt and Parsley ) : आप प्रतिदिन 2 ग्राम अजवायन में ½ ग्राम सेंधा नमक मिलाएं और उन्हें अच्छी तरह पीसकर पाउडर तैयार करें. इस पाउडर को आप गर्म पानी के साथ लें आपको तिल्ली की वृद्धि में अवश्य लाभ मिलेगा.  

§  गियोल और शहद ( Honey and Giyol ) : 3 ग्राम पीपल लेकर उसका पाउडर बना लें और उसमे 2 चम्मच गियोल के रस के मिलाएं. इसके ऊपर से आप 2 चम्मच शहद के भी डाल लें और इस मिश्रण को चाटें. इससे भी आपको तिल्ली  विकार से आराम मिलता है.

§  त्रिफला और काली मिर्च ( Triphala and Black Pepper ) : आपको एक काढ़ा तैयार करना है जिसके लिए आपको कुछ जरूरी सामग्री की आवश्यकता पड़ेगी जो इस प्रकार है. आप सौंठ, दारुहल्दी, गियोल, सहिजन की छल, पीपल, त्रिफला, काली मिर्च और पुनर्नवा. इस सामग्री के मिश्रण से आप एक काढ़ा तैयार कर लें और उसे पी जायें. शीघ्र ही आपको प्लीहा रोग से मुक्ति मिलेगी.
तिल्ली में वृद्धि होने पर करें ये उपाय
तिल्ली में वृद्धि होने पर करें ये उपाय
§  पुराना गुड ( Old Jaggery ) : माना जाता है कि नये गुड से अधिक लाभदायी पुराना गुड होता है अगर आपके पास पुराना गुड ना भी हो तो आप नये गुड को धुप में रखकर प्रयोग में ला सकते हो. इसको प्लीहा के रोग में इस्तेमाल करने के लिए आप कुछ बड़ी हरद में सेंधा नमक मिलायें और उसमे पीपल का चूर्ण डालें. इस पाउडर का आप गुड के साथ प्रतिदिन नियमित रूप से सेवन करें.

§  अंजीर ( Figs ) : अगर रोगी 2 अंजीर को प्रातः काल जामुन के सिरके में डुबोकर खाता है तो उससे भी रोगी को तिल्ली रोग से जल्द छुटकारा मिलता है.

§  नौसादर ( Ammonium Chloride ) : शीघ्र लाभ पाने के लिए रोगी को प्रतिदिन सुबह उठकर ½ ग्राम नौसादर को गर्म पानी के साथ लेना चाहियें. इससे भी आपको जल्द आराम मिलता है.
प्लीहा वृद्धि
प्लीहा वृद्धि
§  बैंगन ( Brinjal ) : बैंगन में अनेक तरह के पौषक तत्व पायें जाते है और इसमें जल तत्व की भी अधिकता होती है इस तरह से शरीर के लिए पूर्ण रूप से लाभदायक होता है. अगर आपकी तिल्ली या लीवर बढ़ गया हिया तो उस स्थिति में आप बैंगन को भुन लें. इस भुने हुए बैंगन को आप पुराने गुड के साथ प्रतिदिन खली पेट के साथ लें. आप इस उपाय को कम से कम एक माह तक अपनायें आपको खुद ही इसका लाभ प्रत्यक्ष हो जायेगा.


प्लीहा के रोग के अन्य कारण, लक्षण और उसके घरेलू उपचार संबंधी किसी भी अन्य सहायता के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो. 
तिल्ली का बढ़ना
तिल्ली का बढ़ना
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जागरण टुडे टीम

7 comments:

  1. मेरा तिल्ली बढ़ गया है, क्या ये रोग ठीक हो सकता है, उसके वजह से मेरा पेट भी फुला फुला सा लगता है, कृपया इसे जल्दी ठीक करने का उपचार बताये..

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    1. जी हाँ, तितली के बढ़ने के रोग को ठीक किया जा सकता है. ऊपर प्लीहा / तितली वृद्धि के रोग को ठीक करने के लिए लाभदायी उपाय दिए गएँ है. आप उन्हें अपनाएँ आपको जरुर लाभ मिलेगा, अगर आपको ऊपर दिए उपायों में कुछ समझ नहीं आ रहा या कोई और समस्या है तो आप हमे दुबारा कमेंट करके बताएं आपकी पूरी सहायता की जायेगी.

      संपर्क के लिए धन्यवाद
      जागरण टुडे टीम

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  2. मेरी तिल्ली बढ़ गयी है, कृपया आसान उपचार बताये

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    1. रोहित विश्वकर्मा जी,

      ऊपर पोस्ट में तिल्ली वृद्धि के उपचार के लिए आसान घरेलू उपाय दिए गए है आप उनमें से किसी भी उपाय को अपना सकते है. अगर आपको ऊपर दिए किसी भी उपाय में कोई संदेह रहता है तो आप दोबारा कमेंट अवश्य करें.

      संपर्क के लिए धन्यवाद
      जागरण टुडे टीम

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  3. Sir 4 month ke bachhe ko hos skti hai kya... Nd ho skti hai to plzz ilaz batye

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  4. Sir 4 month ke bachhe ko ho skti hai kya or haan to plzz ilaz btaye

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  5. मुझे प्लीहा व्रद्धि, स्टेज 2 पित्ताशय में पत्थरी के साथ गदूद (प्रोस्टेट) 35g है इनके लिए मुझे क्या करना होगा।

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