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Kya Kya Kar Sakti Hai Kalaunji | क्या क्या कर सकती है कलौंजी | What Can Nigella Seeds Do


रोगनिवारक कलौंजी ( Nigella Seeds Prevents Every Diseases )
कलौंजी में ऐसे अनेक पौषक तत्व, खनिज तत्व और अम्ल पाए जाते है जो इसे ख़ास बनाते है और इसकी इसी खासियत का प्रयोग रोगों से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है, जिसकी वजह से इसे रोगनिवारक किटाणुरोधक कलौंजी के नाम से भी जाना जाता है. मुख्यतः कलौंजी के बीजों का ही औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, किन्तु कुछ रोग ऐसे भी जहाँ इसके पत्तों और फल से उपचार होता है. तो आओ जानते है कि कलौंजी का उपयोग किन किन बीमारियों में किस प्रकार किया जाता है. CLICK HERE TO KNOW हर मर्ज की दवा है कलौंजी ...
Kya Kya Kar Sakti Hai Kalaunji
Kya Kya Kar Sakti Hai Kalaunji
·     कैंसर ( Cancer ) : गुणों की खान कलौंजी में थाइमोक्विनोन नाम का एक पौषक तत्व भी पाया जाता है, ये तत्व अग्नाशय में होने वाले कैंसर को रोकता है अर्थात कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं के विकास को रोकता है और अपना पूरा प्रयास करके उन्हें खत्म भी कर देता है. एक शुद्ध के अनुसार पाया गया है कि वे व्यक्ति जो कैंसर के लिए ऑपरेशन करा चुके है उन्हें अपने आहार में कलौंजी खानी चाहियें. इससे उन्हें दुबारा कैंसर होने का ख़तरा बिलकुल नहीं होता. ऐसा करें से उनके शरीर में एंटी बॉडीज का निर्माण होता है और कैंसर रोधी कोशिकाओं की संख्या बढती है. 

·     किटाणुरोधक कलौंजी ( Nigella Seeds Resists Bacteria ) : जहाँ कलौंजी में अनेक तरह के खनिज तत्व होते है वहीँ ये हर तरह के कीटाणुओं चाहे वो ग्राम पॉजिटिव हो या ग्राम नेगेटिव हो, सभी पर वार करने में भी पूरी तरह सक्षम है. मुख्य रूप से ये एस. विरिडेन्स, शिगेला, . कोलाई, स्टेफाइलोकोकस ऑरियस, स्यूडोमोनास एरूजिनोसा, एस. पाइरोजन, सालमोनेला टाइफी, वाइब्रियो कोलेराइ, आदि कीटाणुओं को साफ़ करती है. इसके अलावा कलौंजी को फंगस रोधी भी माना जाता है.  CLICK HERE TO KNOW कलौंजी का गुणकारी तेल ...
क्या क्या कर सकती है कलौंजी
क्या क्या कर सकती है कलौंजी
·     एच. आई. वी ( HIV AIDS ) : एक अन्य शोध के अंतर्गत कलौंजी का उपयोग उन लोगों के ऊपर भी किया गया जिनको एड्स था और निष्कर्ष ये निकला कि अगर एड्स के रोगियों को नियमित रूप से लहसुन, शहद के कैप्सूल और कलौंजी दी जाए तो शरीर में टी 4 और टी 8 नाम की लिंफेटीक कोशिकायें आश्चर्यजनक तरीके के बढती जाती है. ये कोशिकायें ही एड्स जैसे रोग से लड़ने के लिए सर्वाधिक जरूरी होती है. 

·     मधुमेह ( Diabetes ) : कलौंजी में कुछ ऐसे तेल भी होते है जो उड़नशील होते है. इसीलिए जब कलौंजी के तेल से शरीर की मालिश की जाती है या उसको भोजन में इस्तेमाल किया जाता है तो ये रक्त में मिलकर उसकी शर्करा को भी कम कर देता है. मधुमेह में कलौंजी का इस्तेमाल करने के लिए आपको 1 कप कलौंजी, इतनी ही मात्रा में राई, ½ कप पितपाप्र का चूर्ण और ½ कप अनार के छिलकों को लेना है. आप सारी सामग्री को सुखाकर उन्हें पीस लें और उनका पाउडर बना लें. इसके बाद आपको रोजाना सुबह नाश्ते के समय इस मिश्रण के ½ छोटी चम्मच को लेना है, मिश्रण को लेंने के लिए भी आप कलौंजी का तेल ही इस्तेमाल करें.  
What Can Nigella Seeds Do
What Can Nigella Seeds Do
·     पेट के कीड़े ( Stomach Worms ) : पेट के कीड़ों को बाहर निकालने के लिए मुख्यतः पिपरेजिन नाम की दवा का इस्तेमाल होता है किन्तु जब कलौंजी के गुणों पर शोध की गयी तो इसे पेट के कीड़ों को निकालने के लिए पिपरेजिन दवा से भी बेहतर पाया गया. ये कीड़ों को पेट के अंदर ही मारने में सक्षम होती है. इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको ½ छोटी चम्मच कलौंजी का तेल और ½ बड़ी चम्मच सिरके को मिलाना है और इस मिश्रण को दिन में 3 बार पीना है. इस प्रयोग के 10 दिन के भीतर ही आपके पेट के सभी कीड मर जायेंगे. किन्तु ध्यान रहे कि जब तक आप इस उपाय को अपना रहे है तब तक आपको मीठे का सेवन बिलकुल भी नहीं करना है. 

·     सुजन ( Swelling ) : इसमें पाया जाने वाला थाइमोक्विनोन तत्व और निजेलोन तत्व मिलकर आइकोसेनोयड्स के बनने में अवरोध पैदा करते है. आइकोसेनोयड्स शरीर में सुजन और दर्द पैदा करता है और जब ये बनेगा ही नहीं तो आपको सुजन होगी ही नहीं. 

·     रामबाण दवा कलौंजी ( A Specific Medicine Nigella Seed ) : कलौंजी का हर तत्व किसी ना किसी रूप से शरीर के लिए लाभदायी ही होता है और इसलिए इसकों हर मर्ज की दवा माना जाता है. ये दूध व मूत्र में वृद्धि करती है, गंजापन दूर करती है, जुखाम, खांसी, बुखार को पल भर में ठीक कर देती है. अगर कोई माइग्रेन या लकवे की वजह से परेशान है तो उसको भी कलौंजी का सेवन करना चाहियें. साथ ही ये पीलिया, बवासीर, मोतियाबिंद, कान के दर्द, सफ़ेद दाग इत्यादि जैसे रोगों में भी बहुत फायदेमंद सिद्ध होती है. इन सब रोगों में कलौंजी का इस्तेमाल करने के लिए आपको ½ बड़ी चम्मच कलौंजी के तेल को 1 ग्लास अंगूर के रस में अच्छी तरह मिलाकर उसका प्रतिदिन 3 बार सेवन करना है. इसके अलावा आप सब्जी में लहसुन मिलाएं और 40 दिनों तक ऐसे आटे की रोटी खानी है जिसमे 2 किलों गेंहूँ और 1 किलों जौ का प्रतिशत मिश्रित हो. किन्तु ध्यान रहे कि इन 40 दिनों में आप बैंगन, आलू और अरवी को बिलकुल ना खाएं. 
नया जीवन देती है कलौंजी
नया जीवन देती है कलौंजी
·     दमा ( Asthma ) : वे लोग जिन्हें श्वास संबधी समस्यायें है, छाती में दर्द है या दमा रोग है उन्हें रोजाना कलौंजी के तेल से अपनी कमर और छाती की मालिश करनी चाहियें. इसके अलावा आप रोजाना 3 बड़ी चम्मच कलौंजी का तेल पी भी सकते है और अधिक लाभ लेने के लिए आप पानी में कलौंजी का तेल डालकर उसे उबालें और उसकी भाप को लें. 

·     पथरी ( Kidney Stone ) : अधिकतर पथरी गुर्दे या मूत्राशय में ही होती है. ऐसी स्थिति में आप 250 ग्राम कलौंजी को पीसकर उसका पाउडर तैयार करें, अब आप इसमें 250 ग्राम शुद्ध शहद भी मिला लें और इस मिश्रण को सुरक्षित रख लें. इस मिश्रण को लेने के लिए आपको सुबह नाश्ते के समय का इंतजार करना है और मिश्रण की 2 बड़ी चम्मच को 1 कप ग्राम पानी व 1 छोटी चम्मच कलौंजी के तेल के साथ नियमित रूप से ग्रहण करना है. इस उपाय के 1 सप्ताह के भीतर ही पथरी छोटे छोटे हिस्सों में टूटकर बाहर निकल जायेगी. 
Rognivarak Kitanurodhak Kalaunji
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·     अवसाद ( Gangrene ) : अवसाद होने पर या सुस्ती होने पर आप 1 ग्लास संतरे का रस लें और उसमें 1 बड़ा चम्मच कलौंजी का तेल मिलाकर उसको पी जाएँ. इस उपाय को आप रोजाना 10 दिन तक प्रयोग में लायें. आपको खुद ब खुद फर्क महसूस हो जाएगा.  


·     हृदय रोग ( Heart Diseases ) : हृदय रोगों के होने के मुख्य कारण हृदय की धमनियों में रुकावट का पैदा होना और रक्त चाप का अनियंत्रित होना होता है. किन्तु कलौंजी का उपयोग धमनियों को खोलता है और रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी सहायक होता है. हृदय रोगों से बचने के लिए आपको रोजाना सुबह के समय ½ चम्मच कलौंजी का तेल किसी गर्म पेय जैसेकि दूध में मिलाकर लेना है. इसके अलावा आप नाश्ते के समय 2 कलियाँ लहसुन की भी अवश्य लें. साथ ही आप हर तीसरे दिन कलौंजी व लहसुन के तेल के मिश्रण सी 30 मिनट तक धुप में बैठकर शरीर की मसाज कराएं. इस उपाय के 1 महीने के अंदर ही आपको परिणाम आपके सामने आ जायेंगे. 
Har Bimari Dard ka Ilaaj Kalaunji
Har Bimari Dard ka Ilaaj Kalaunji
·     सिर दर्द ( Headache ) : अक्सर जब भी सिर दर्द की बात होती है तो आधासीसी का दर्द सामने आ जाता है किन्तु एक और ऐसा दर्द भी है जो निरंतर पीड़ा पहुंचाता है और वो है कनपटी के आसपास होने वाला दर्द. इस दर्द से मुक्ति का सरल सा उपाय है, जिसके अनुसार आपको रोजाना कलौंजी के तेल से कनपटी के आसपास मालिश करनी है. साथ ही आप सुबह नाश्ते के समय 1 चम्मच कलौंजी के तेल की भी अवश्य पियें. करीब 8 -10 दिनों के अंदर ये दर्द पूर्ण रूप से दूर हो जाता है. 

·     बाल झाड़ना ( Hair Fall ) : अगर आपके बाल झाड़ते है तो ये एक बहुत बड़ी समस्या का रूप ले सकती है जिसे गंजापन भी कहा जाता है. किन्तु एक उपाय के अनुसार आप सबसे पहले अपने बालाओं में 15 मिनट तक निम्बू का रस लगायें रखें और उसके बाद उसको अच्छी तरह शैम्पू से साफ़ कर लें. अब आपको बालों को पूर्ण रूप से सुखाना है और उनमे कलौंजी का तेल लगाना है. इस उपाय को आप 1 सप्ताह तक अपनाएँ. आपको बाल निश्चित रूप से झड़ने बंद हो जायेंगे. 
Jivandayni Kalaunji
Jivandayni Kalaunji
·     नेत्र रोग ( Eye Diseases ) : वहीँ नेत्र संबंधी रोग होने या नेत्रों की रौशनी के कमजोर हो जाने पर आप रोजाना रात को सोने से पहले कलौंजी का तेल अपनी उँगलियों पर लगते हुए उन्हें पलकों के व आँखों के आसपास लगाएं. साथ ही आप 1 माह तक 1 ग्लास गाजर के रस में 1 बड़ी चम्मच कलौंजी के तेल को मिलाकर पियें. निश्चित रूप से आपकी आँखों की रौशनी वापस आ जायेगी और आपको नेत्रों से संबंधी सभी रोड़ों से भी निजात मिलेगी. 

·     मानसिक तनाव ( Mental Stress ) : आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव का होना आमबात होता है. किन्तु अगर आप रोजाना दिन में 2 बार अपने चाय के कप में 1 चम्मच कलौंजी के तेल की मिलाकर पीते हो तो इससे आपके मन को शान्ति मिलती है और आप खुद को हल्का महसूस कर पाते हो. 

·     स्त्री गुप्त रोग ( Female Venereal Diseases ) : स्त्रियों में अनेक तरह के गुप्त रोगों की समस्या लगातार उत्पन्न होती रहती है जिनमें से अधिकतर श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर, रक्त स्त्राव, माहवारी में समस्या इत्यादि होता है. किन्तु कलौंजी के गुण उनके लिए भी लाभदायी सिद्ध होते है. इसलिए उन्हें 2 ग्लास पानी को कुछ पुदीने की पत्तियाँ डालकर उबालना चाहियें. जब वो उबल जाएँ तो उसमें आप ½ चम्मच कलौंजी का तेल भी अवश्य डाल दें और ठंडा होने पर इसका सेवन करें. इस मिश्रण को आपको दिन में 2 बार पीना है. परहेज के रूप में आपको अंडे, मछली, बैंगन और आचार से दूर रहना है. 

·     पुरुष गुप्त रोग ( Male Venereal Diseases ) : महिलायें ही नहीं पुरुष भी अनेक तरह के गुप्त रोगों से परेशान रहते है इनमें से मुख्य है स्वपन दोष, पुरुषहीनता, स्तंभन दोष इत्यादि. किन्तु अगर पुरुष रोजाना 1 ग्लास सेब के रस में ½ छोटी चम्मच कलौंजी के तेल को मिलाकर उसका सेवन करते है तो करीब 21 दिनों के अंदर ही उनका शरीर इतना सशक्त हो जाता है कि उसको किसी भी तरह का रोग नहीं सताता. इसके साथ ही पुरुष रोजाना अपने गुप्तांगों में कलौंजी के तेल से मालिश भी कर सकते है. किन्तु ध्यान रहे कि आपको मसालेदार चीजों से दूर रहना है. 
Swasthyavardhak Kalaunji
Swasthyavardhak Kalaunji
·     आकर्षक त्वचा ( Attractive Skin ) : सुन्दर त्वचा पाना किसका सपना नहीं होता, सभी चाहते है कि वे इतने आकर्षक दिखे कि सभी उनकी तारीफ करने और उनके मित्र बने. उनके इसी सपने को पूरा करने का काम भी कलौंजी ही करती है. जिसके लिए आपको 1 बड़ी चम्मच कलौंजी का तेल लेना है और उसमें उतनी ही मात्रा में जैतून का तेल मिलाना है. इस मिश्रण से आपको रोजाना अपने तेल की मालिश करनी है और करीब 1 घंटे तक चेहरे पर ही लगे रहने देना है. इस तरह करीब 1 सप्ताह के बाद आपकी त्वचा में बेजोड़ निखार आ जाता है और आपका चेहरा दमक व चमक उठता है. इसके साथ ही अगर आपको कोई चर्म रोग है तो आपको रोजाना सुबह 1 चम्मच शहद के साथ 1 चम्मच कलौंजी के तेल को लेना है. 

तो आप भी कलौंजी का प्रयोग कर के खुद को स्वस्थ और रोगमुक्त रख सकते है. साथ ही कलौंजी के अन्य रोगों में इस्तेमाल के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो. 
Vilakshan Kalaunji
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इस तरह के व्यवहार के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !


प्रार्थनीय
जागरण टुडे टीम

3 comments:

  1. बुढ़ापे में घुटने के दर्द के लिए कलौंजी का उपयोग बतायें
    मेरा ईमेल: ddhiren.rkl@gmail.com

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  2. safayd daag ka kalonji se elaaj

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  3. safayd daag ka kalonji se elaaj batay

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