इस वेबसाइट पर किसी भी तरह के विज्ञापन देने के लिए जरूर CONTACT करें. EMAIL - info@jagrantoday.com

SUBSCRIBE FOR ALL SCIENCE EXPERIMENTS. KIDS AND YOUNG STUDENTS CAN LEARN BETTER FROM THESE PRACTICAL EXPERIMENTS OF SCIENCE:


https://www.youtube.com/channel/UCcXJEycifFbZEOS2PHNAZ9Q

विज्ञानं की सभी ज्ञानवर्धक प्रक्टिकाल्स के लिए अभी सब्सक्राइब करें दिए गये इस चैनल को

Lavan Bhaskar Churn Nirmaan Saamagri or Vidhi | लवण भास्कर चूर्ण निर्माण सामग्री और विधि

लवण भास्कर चूर्ण घर पे बनायें ( Prepare Lavan Bhakar Churn at Home )
लवण भास्कर चूर्ण खाने को पचाने के लिए एक बेहतरीन योग मना जाता है इसे सर्वप्रथम आचार्य  भास्कर ने बनाया था. आयुर्वेद को अनेक संज्ञाएँ दी जाती है जैसेकि आयुर्वेद को जीवन का वेद माना जाता है क्योकि ये व्यक्ति को निरोगी रखने के योगों से भरा हुआ है, साथ ही आयुर्वेद हमे हमेशा ये शिक्षा देता है कि निरोगी कैसे रहा जाएँ और अगर कभी कोई रोग शरीर को शिकार बना भी ले तो उसे दूर कैसे किया जाए. आयुर्वेदिक उपचारों की सबसे ख़ास बात ये होती है कि उनसे किसी तरह का साइड इफ़ेक्ट नहीं होता. आज हम आपको एक ऐसे ही आयुवेदिक योग से परिचित करा रहे है जो स्वास्थ्य और पाचन तंत्र के लिए काफी लाभदायी रहता है और इस योग को लवण भास्कर चूर्ण कहा जाता है. CLICK HERE TO KNOW अनेक रोगों का एक उपाय त्रियोग ... 
Lavan Bhaskar Churn Nirmaan Saamagri or Vidhi
Lavan Bhaskar Churn Nirmaan Saamagri or Vidhi
लवण भास्कर चूर्ण की खासियत ( Importance of Lavan Bhaskar Churn ) :
इसकी सबसे ख़ास बात ये है कि ये निरापद योग है जिसे 1 से 3 ग्राम की मात्रा में लेने पर व्यक्ति की सभी उदर सम्बन्धी समस्याएं दूर हो जाती है. इस योग का प्रयोग काँजी, पानी और दही के साथ लिया जाता है किन्तु मूढढे के साथ लेने पर इसका सर्वाधिक लाभ मिलता है.

अगर इस चूर्ण को रात के समय गर्म पानी के साथ लिया जाए तो खुलकर शौच आता है, जिससे कब्ज में राहत मिलती है. वहीँ अगर इस चूर्ण में समान मात्रा में पंचसकार चूर्ण मिलाकर प्रयोग किया जाए तो ये दस्त तक लगा देता है जिससे दिन में 3 से 4 बार दस्त आते है और पेट पूरी तरह साफ़ हो जाता है.

इसका सेवन त्वचा सम्बन्धी सभी रोगों से निजात पाने और आम वात रोगों को दूर करने के लिए भी होता है. भूख बढाने, पेट की वायु को बाहर निकलने, डकार इत्यादि में भी इस चूर्ण का इस्तेमाल  फायदेमंद रहता है. CLICK HERE TO KNOW भारंगी के जीवनदायी प्रयोग ...
लवण भास्कर चूर्ण निर्माण सामग्री और विधि
लवण भास्कर चूर्ण निर्माण सामग्री और विधि
कैसे बनाएं लवण भास्कर चूर्ण ( How to Prepare Lavan Bhaskar Churn ) :
·         सामग्री ( Material Required ) :
-    96 ग्राम : समुद्री नमक

-    48 ग्राम : अनार दाना

-    24 ग्राम : विडनमक

-    24 ग्राम : सेंधा नमक

-    24 ग्राम : पीपल

-    24 ग्राम : काला जीरा

-    24 ग्राम : पिपलामुल

-    24 ग्राम : तेजपत्ता

-    24 ग्राम : तालीस पत्र

-    24 ग्राम : नागकेशर

-    24 ग्राम : अम्लवेत

-    12 ग्राम : जीरा

-    12 ग्राम : काली मिर्च

-    12 ग्राम : सौंठ

-    06 ग्राम : इलायची

-    06 ग्राम : दालचीनी
घर पर बनायें लवण भास्कर पाउडर
घर पर बनायें लवण भास्कर पाउडर
सबसे पहली बात तो ये कि उपरलिखित सारी सामग्री किसी भी पंसारी के पास आसानी से मिल जायेगी. इनसे चूर्ण बनाने के लिए आप सबसे पहले सभी सामग्री को छान लें और उसमें नीम्बू का रस मिलाएं. अब इस मिश्रण को छाया में सुखाएं, इस प्रक्रिया को भावना देना भी कहा जाता है. बस इतना मात्र करने से ही आपका लवण भास्कर चूर्ण तैयार हो जाता है.

सावधानी ( Cautions ) : इस चूर्ण को लेते वक़्त आपको ध्यान रखना है कि उच्च रक्तचाप रोगी और गुर्दे के रोगों से परेशान व्यक्ति इसका सेवन ना करें.

लवण भास्कर चूर्ण के लाभ या इसको बनाने की विधि के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो. 
Lavan Bhaskar Churn
Lavan Bhaskar Churn

Dear Visitors, आप जिस विषय को भी Search या तलाश रहे है अगर वो आपको नहीं मिला या अधुरा मिला है या मिला है लेकिन कोई कमी है तो तुरंत निचे कमेंट डाल कर सूचित करें, आपको तुरंत सही और सटीक सुचना आपके इच्छित विषय से सम्बंधित दी जाएगी.


इस तरह के व्यवहार के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !


प्रार्थनीय
जागरण टुडे टीम

1 comment:

  1. लवण भास्कर चूर्ण से दस्त तो नही होते।

    ReplyDelete

ALL TIME HOT