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Mantra Ka Arth Pryog | मन्त्र का अर्थ प्रयोग | Uses of Mantras

मन्त्र का अर्थ (Definition Of Mantra)
मन्त्रों का प्रयोग हमारे देश में प्राचीन काल से ही विभिन्न कार्यों की सिद्धि के लिए होता आ रहा हैं. मन्त्रों का प्रयोग ब्राह्मण तथा तांत्रिक दोनों ही करते हैं. इनके अलावा आम व्यक्ति भी अपनी समस्याओं से चिंताओं से मुक्त होने के लिए इनका प्रयोग करते हैं.

मन्त्रों के विभिन्न प्रयोग (Different Uses Of Mantras)
मन्त्रों के द्वारा अलग – अलग कार्यों की सिद्धि होती हैं. कोई दैवीय शक्ति अर्जित करने के लिए मन्त्रों का प्रयोग करता हैं. विभिन्न देवी – देवताओं को प्रसन्न करने के लिए मन्त्रों का उच्चारण करता हैं. तो वहीं तांत्रिक मन्त्रों का प्रयोग तांत्रिक विद्या को प्राप्त करने के लिए, लोगों की परेशानियों को दूर करने के लिए करते हैं. CLICK HERE TO READ MORE POST ...
Mantra Ka Arth Pryog
Mantra Ka Arth Pryog


मन्त्र का शाब्दिक अर्थ
मन्त्र एक सिद्धांत हैं जिसका प्रयोग तांत्रिक अपने प्रयोगों को सफल बनाने के लिए करते हैं.

मन्त्र दो शब्दों से मिलकर बना हैं. “मन” तथा “त्र”.

1.       मन्त्र शब्द में मन का अर्थ हैं – मनन करना या ध्यानस्त होना.

2.       मन्त्र में त्र वर्ण का अर्थ हैं – रक्षा करना.

मन्त्रों की उपयोगिता (Importance Of Mantras )
1.       मन्त्रों का प्रयोग तांत्रिकों के द्वारा किये गये आविष्कारों को सफल बनाने के लिए किया जाता हैं.
2.       मन्त्र लक्ष्य प्राप्त करने का एक साधन हैं.

3.       मन्त्रों के द्वारा ही यह पता चलता हैं कि तंत्र की सिद्धि के लिए किस तरह इसे किस यंत्र में शामिल करना हैं. जिसके द्वारा साधक अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं.

4.       मन्त्रों के सिद्ध होने पर ही किसी भी तंत्र को पूरा किया जा सकता हैं. उदहारण के लिए “ क्रिंग ह्रंग ” एक पूरा सिद्ध मन्त्र हैं. CLICK HERE TO READ MORE POST ...
मन्त्र का अर्थ प्रयोग
मन्त्र का अर्थ प्रयोग


5.       मन्त्र साधक की रक्षा के लिए भी उपयोगी होते हैं.

6.       मन्त्रों का प्रयोग समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए करते हैं.

7.       मन्त्रों का प्रयोग देवी – देवताओं की अराधना करने के लिए भी किया जाता हैं.

8.       मन्त्रों का उच्चारण करने से मनुष्य के शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता हैं.

9.       मन्त्र मनुष्य का भीतरी आवरण दूर कर उसके मन को स्वच्छ एवं निर्मल बना देता हैं.

 मन्त्रों का उच्चारण करने के लिए आवश्यक बातें
1.       किसी भी प्रकार के प्रयोग की सिद्धि के लिए मन्त्रों का उच्चारण सही दिशा में तथा तंत्र के या पूजा के नियमों को ध्यान में रखकर करना चाहिए.

2.       मन्त्रों का उच्चारण करने के बाद फल की प्राप्ति तभी होती हैं जब मन्त्रों का उच्चारण शुद्ध किया गया हो. इस लिए मन्त्रों का जाप करते समय मन्त्रों का उच्चारण शुद्ध किया जाना चाहिए.

मन्त्र का अर्थ, उपयोगिता, प्रयोग के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते है.
Uses of Mantras
Uses of Mantras 



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