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Dishaon se Prapt Hoti Hain Sakaratmak Pragti | दिशाओं से प्राप्त होती हैं सकारात्मक प्रगति

सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है दिशाएँ (Directions Gives Us Positive Energy)
व्यक्ति का जीवन में सकारात्मक होना बहुत ही आवश्यक हैं. क्योंकि सकारात्मक होने से ही व्यक्ति के मन में सकारात्मक विचार आते हैं और फिर उसके जीवन में भी सब कुछ सही और सकारात्मक होगा. सकारात्मक बनने के लिए और मन में सकारात्मक विचार आने के लिए यह जरुरी हैं कि आप एक ऐसे माहौल या वातावरण में रहें जहाँ नकारात्मकता न हो. यदि आपके आस – पास नकारात्मकता होगी तो आपके मन में विचार भी नकारात्मक आयेंगे. वास्तु शास्त्र में बताया गया हैं कि सकारात्मक ऊर्जा का सम्बन्ध हमारे घर की दिशाओं से जुडा होता हैं. इसीलिए यदि आप अपने जीवन में सकारात्मकता चाहते हैं तो नीचे बताए गये नियमों को अपनाकर अपने घर का निर्माण कराएँ. क्योंकि यदि आप घर का निर्माण दिशाओं व सकारात्मकता को ध्यान रखकर नहीं करवाते हैं तो इससे आपके घर में हमेशा नकारात्मकता का प्रसार रहेगा. आपका कोई भी कार्य सम्पूर्ण नहीं हो पायेगा. CLICK HERE TO READ MORE ABOUT पैसे की तंगी के सात कारण ...
Dishaon se Prapt Hoti Hain Sakaratmk Pragti
Dishaon se Prapt Hoti Hain Sakaratmk Pragti
सकारात्मक ऊर्जा से दिशाओं का सम्बन्ध (Connectivity Between Positive Energy And Directions)
1. पूर्व दिशा (East) पूर्व दिशा को धन – ऐश्वर्य के साथ – साथ सौर्य ऊर्जा प्रदान करने वाली दिशा माना जाता हैं. इसीलिए जब भी आप अपना घर बनवाएं तो इस दिशा के स्थान को अधिक खुला छोड़ने का प्रयास करें. इस दिशा की भूमि को अन्य दिशा की भूमि से थोडा नीचा रखें, इसके साथ घर में सकारात्मक और सूर्य की किरणों का सदैव प्रवाह बना रहे.  इसके लिए अपने घर की खिड़कियाँ और दरवाजे भी इसी दिशा में बनवाएं. आप चाहें तो अपने घर का बरामदा, बालकनी तथा वाशबेसिन भी इसी दिशा में बना सकते हैं. इसके साथ ही यदि आपके बच्चों का पढाई में कम ध्यान लगता हैं तो उनको इसी दिशा की ओर मुख करके पढने के लिए कहें. उनके ऊपर भी इस दिशा का सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. CLICK HERE TO READ MORE ABOUT उन्नति और धन अर्जित करने के लिए वास्तु उपाय ...
 दिशाओं से प्राप्त होती हैं सकारात्मक प्रगति
 दिशाओं से प्राप्त होती हैं सकारात्मक प्रगति
2.   उत्तर दिशा (North) वास्तु शास्त्र के अनुसार प्रत्येक घर की उत्तर दिशा से घर में चुम्बकीय किरणों का प्रवेश होता हैं. ये चुम्बकीय तरंगे मनुष्य के शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होती हैं. माना जाता हैं कि इन तरंगों से मानव शरीर का रक्त संचार तथा स्वाथ्य ठीक रहता हैं. यह दिशा स्वास्थ्य के लिए तो फायदेमंद होती ही हैं इसके साथ ही यह दिशा धन को भी आकर्षित करती हैं. यदि आप भी अपने घर में धन का प्रवेश तथा स्वास्थ्य को ठीक रखना चाहते हैं तो इसके लिए घर की उत्तर दिशा की ओर बालकनी का मुख रखिए.

3.उत्तर – पूर्व दिशा / ईशान कोण (North East) - घर की उत्तर पूर्व दिशा एक ऐसी दिशा हैं जिसमें सभी देवता निवास करते हैं.  इसीलिए इस दिशा को वास्तु शास्त्र में बहुत ही अहम स्थान दिया गया हैं तथा यह भी माना गया हैं कि इस कोण में ही उत्तर तथा पूर्व दिशा की ऊर्जा एक साथ एकत्रित होती हैं तथा इसी दिशा में चुम्बकीय तरंगे और सौर ऊर्जा भी उपस्थित होती हैं. इसीलिए घर बनवाते समय इस कोण के स्थान को अधिक खुला रखें और स्वीमिंग पूल यदि आप बनवाना चाहते हैं तो इसी दिशा में बनवाएं और अपने घर के प्रवेश द्वार का मुख भी इसी दिशा की ओर रखें
Ghar mein Positive Energy Layen 8 Dishayen
Ghar mein Positive Energy Layen 8 Dishayen
4.उत्तर – पश्चिम दिशा (North West) – इस दिशा को वायव्य कोण के नाम से भी जाना जाता हैं. इस दिशा को वायु की प्रवेश दिशा भी माना जाता हैं. इस दिशा में आप गौशाला, बेडरूम तथा वाहनों को खड़ा करने के लिए गैरेज तथा भोजन कक्ष भी बनवा सकते हैं.

5.  पश्चिम दिशा (West) – पश्चिम दिशा वह दिशा जहाँ पर सूर्य की किरणें बहुत ही कम पहुँच पाती हैं. इसीलिए आप इस दिशा में शौचालय बनवा सकते हैं. इस कोण को आप पूरी तरह से बंद भी रख सकते हैं. क्योंकि इस दिशा में नकारात्मक ऊर्जा का वास अधिक होता हैं तथा भवन बनवाते समय इस दिशा की भूमि को अन्य दिशाओं से थोडा ऊंचा स्थान दें.  

6.  दक्षिण पश्चिम दिशा (South West) – इस दिशा को राक्षस दिशा के नाम से भी जाना जाता हैं तथा यह माना जाता हैं कि परिवार के मुखिया का कक्ष इसी दिशा में होना चाहिए. इस दिशा में खिड़की और दरवाजे न बनवाएं तथा सीढियों का निर्माण आप इस दिशा में करवा सकते हैं. इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि इस दिशा में कोई गड्डा, नल, शौचालय न हो. वास्तु शास्त्र में इन तीनों का इस स्थान में होना वर्जित हैं.
Dishaon mein Chhupa Sakaratmkta or Unnati ka Raj
Dishaon mein Chhupa Sakaratmkta or Unnati ka Raj
7.दक्षिण पूर्व दिशा (South East) यह दिशा अग्नि दिशा होती हैं. इस दिशा में आप अग्नि से जुड़े हुए काम करने के लिए कमरा बनवा सकते हैं. जैसे इस स्थान में आप ट्रांसफार्मर, रसोईघर, जनरेटर, ब्वायलर तथा सेप्टिक टंक को व्यवस्थित कर सकते हैं.

8.    दक्षिण (South) यह स्थान यम का स्थान होता हैं. लेकिन इस स्थान का सम्बन्ध धन से जुडा होता हैं. इसीलिए यदि अप घर के निर्माण के साथ फैक्ट्री, व्यवसाय या व्यापारिक स्थान का निर्माण करवाना चाहते हैं. इनका मुख इस दिशा की ओर रखें. इससे आपके हर काम में आपको सफलता हासिल होगी. इसके साथ ही आपको धन – वैभव की भी प्राप्ति होगी.

सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाली दिशाओं के बारे में अधिक जानने के लिए आप नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हैं.
Vastu Dilaye Khushhal Jivan
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