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Patiala ke Maharaj Bhupindra Singh ki Aishvary Bhari Jindagi | पटियाला के महाराज भूपिंदर सिंह की ऐश्वर्य भरी जिंदगी | Full of Grandeur Life of Kind Bhupindra Singh

पटियाला के महाराज भूपिंदर सिंह ( King of Patiala Bhupindra Singh )
भारतीय इतिहास में बहुत सारे महाराज हुएसभी ने अपनी वीरता और साहस का परिचय दियाइन महाराजों ने अपनी वीरता के साथ साथ अपनी संपत्ति का भी परिचय दियाइन महाराजाओं में से सबसे धनी महाराज हुए पटियाला के महाराज भूपिंदर सिंहमहाराजा भूपिंदर सिंह अपनी संपत्ति और सैन्य शक्ति के लिए प्रसिद्ध थेसूत्रों के अनुसार महाराजा भूपिंदर सिंह की संपत्ति का पता चला है जोकि निम्नलिखित है. CLICK HERE TO KNOW महाराजा अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं ...
Patiala ke Maharaj Bhupindra Singh ki Aishvary Bhari Jindagi
Patiala ke Maharaj Bhupindra Singh ki Aishvary Bhari Jindagi
भूपिंदर सिंह का जन्म और पढाई ( Birth and Education of King Bhupendra Singh ) :
पटियाला के मोती बाग पैलेस में महाराजा भूपिंदर सिंह का जन्म हुआ थाउन्होंने पाकिस्तान के लाहौर में स्थित एचिसन कालेज पढाई की. महाराज भूपिंदर सिंह को राजपाठ सँभालने का सौभाग्य उनके पिता की मृत्यु के बाद प्राप्त हुआउस समय उनकी उम्र सिर्फ नौ साल थी. 18 साल की उम्र पूरी करने के बाद तत्कालीन वायसराय ने तीन नवंबर 1910 को उन्हें महाराज की मान्यता दी.

ऐश्वर्य भरी जिंदगी ( Life Full of Grandeur ) :
विलासिता और शानो - शौकत भरी जिंदगी के लिए महाराज जाने जाते थे. महाराज भूपिंदर सिंह पहले ऐसे भारतीय थे जिनके पास तीन हवाई जहाज थेइसके अलावा उनके पास 20 रोल्स रॉयस करों का काफिला भी था. जिस थाली में वे खाना खाते थे उसकी कीमत करीब 17 करोड़ रूपये थी. हीरों से जड़ा हार जोकि 166 करोड़ का और 365 रानियाँ थीइन सबके अलावा उनके पास अपार सम्पत्ति का खजाना था.

पटियाला पैग जोकि देश विदेश में बहुत ही प्रसिद्ध हैपटियाला पैग की शुरुआत पटियाला के महाराज भूपिंदर सिंह ने ही की थीअपने खास अंदाज के लिए महाराज जाने जाते थेआइये जानते हैं कि महाराज भूपिंदर सिंह क्यों प्रसिद्ध थे.

  • करोड़ों का डिनर सेट ( Dinner Set of Billions ) :
करोड़ों की खाने की थाली के साथ साथ उनके रसोई घर में जितने भी बर्तन थे वे सभी सोने और चांदी के बने हुए थे. लन्दन की एक कंपनी गोल्डस्मिथ एंड सिल्वरस्मिथ थी उसी कंपनी ने महाराज के सभी बर्तनों और डिनर सेट को तैयार किया था.

  • राजा के पास खुद का विमान था ( King Had His Own Plane ) :
भूपिंदर सिंह भारत के पहले महाराज थे जिनके पास विमान थे. राजा भूपिंदर सिंह के पास एक चीफ इंजीनियर तहइस इंजीनियर को भूपिंदर सिंह ने युरोप भेजाताकि वहां पर जाकर विमानों का अध्ययन कर सकेउसके बाद भूपिंदर सिंह ने तीन विमान खरीद लिए. CLICK HERE TO KNOW छत्रपति शिवाजी जयंती की शुभकामनाएं ... 
पटियाला के महाराज भूपिंदर सिंह की ऐश्वर्य भरी जिंदगी
पटियाला के महाराज भूपिंदर सिंह की ऐश्वर्य भरी जिंदगी
  • 166 करोड़ का हीरों से जड़ा हार ( Diamond Necklace Worth Rupee 166 ) :
राजा भूपिंदर सिंह के पास सबसे महंगा हीरों का हार थाउनके पास 2930 हीरों से जड़ा एक हार थाआज़ादी के बाद राजा का हार चोरी हो गया थाकहते हैं कि राजा के पास दुनिया का सातवाँ सबसे बड़ा हीरा थाउनका ये हीरों से जड़ा हार एक हज़ार कैरेट के करीब में थाराजा के इस हार की कुल कीमत 166 करोड़ थी.

  • 44 कारों के थे मालिक ( Owner of 44 Cars ) :
राजा भूपिंदर सिंह 44 कारों के मालिक थेगौर करने वाली बात ये थी कि राजा ने सभी करों को खास अपने तरीके से बनवाया था और सभी कार बेशकीमती थीं. 44 ख़ास कारों के अलावा उनके पास 20 रोल्स रॉयस कारें भी थी.

  • रॉल्स रॉयस कार को बनाया गार्बेज ट्रक ( Made Garbage Truck of Rolls Royal Cars ) :
एक बार जब रोल्स रॉयस कार का हाईएंड मॉडल आया था तब महाराजा भूपिंदर सिंह रॉल्स रॉयस के शोरूम में कार के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए गए थे. शोरूम के सेल्सैम को उनके बारे में जानकारी नही थीउसने यह कह दिया कि आप यहाँ से जाइये आप नहीं खरीद पाएंगेसेल्समैन की बात ने उन्हें काफी दुखी कर दिया और उसी समय शोरूम में मौजूद सारी कारों को खरिद लियाइतना ही नहीं उन्होंने सभी करों की छत को कटवा दिया और उन कारों को कुंडा ढोने के काम में लगा दिया.

  • राजा की 365 रानियां थीं ( 365 Cars of King ) :
इतिहासकार गवाह हैं कि राजा कि वैसे तो 10 अधिकृत रानियां थीलेकिन देखा जाये तो उनके पास कुल 365 रानियां थींजो सभी आपस में मिलजुल कर रहा करतीं थीं.

  • 10 रानियों से 83 बच्चे ( 83 Childs by 10 Queens ) :
महाराजा भूपिंदर सिंह की जो दस अधिकृत रानियाँ थीं उनसे राजा को 83 बचे हुए थेपरंतु इन सभी बच्चों में से 53 ही जीवित रह पाए थे.

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Full of Grandeur Life of Kind Bhupindra Singh
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