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Dimagi Bukhar ka Ilaaj | दिमागी बुखार का इलाज

दिमागी बुखार का इलाज
दोस्तों, दिमागी बुखार वो खतरनाक संक्रमण है जो मेनिन्गोकोकस नाम के जीवाणु के कारण फैलती है, इस बुखार में पीड़ित व्यक्ति के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी सुजाने लगती है, जिससे उसे सिर, गर्दन और कमर में असहनीय दर्द होता है. गौरतलब है कि हर साल दिमागी बुखार से परेशान लोगों की संख्या लगातार बढती जा रही है.  CLICK HERE TO KNOW साइनस के उपचार के घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खे ... 
दिमागी बुखार का इलाज
दिमागी बुखार का इलाज
दिमागी बुखार कैसे फैलता है :
मैनिंजाइटिस यानि के दिमागी बुखार में बैक्टीरिया ब्लूड्सस्ट्रीम में घुसकर दिमाग और रीढ़ की हड्डी में पहुँच जाता है. इसके अलावा वे व्यक्ति जो जुखाम या साइनस की रोग से परेशान है उनके नाक या मुहँ से भी ये बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर लेता है और दिमाग में सुजन का कारण बनता है.

दिमागी बुखार के प्रकार :
·         वायरल मैनिंजाइटिस : वायरल मैनिंजाइटिस सबसे आम दिमागी बुखार है और इसीलिए ये ज्यादा गंभीर भी नहीं होता. ये मच्छरों से पैदा होने वाले वायरस के रूप में शरीर में पहुँचता है और दिमागी बुखार का कारण बनता है. इस बुखार के लिए कोई उपचार भी विशेष नहीं है ये 7-8 दिनों में खूब ब खुद ठीक हो जाता है.

·         बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस : लेकिन बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस बहुत गंभीर दिमागी बुखार है, अगर इसका उपचार आरम्भ में हे ना किया जाएँ तो ये विकलांगता और मृत्यु का कारण भी बन सकता है.

·         फंगल मैनिंजाइटिस : इस दिमागी बुखार का ख़तरा सबसे कम होता है और ना ही ये एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति को प्रभावित करता है. लेकिन अगर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है तो आप तुरंत इसका शिकार बना सकते हो. वे व्यक्ति जो कैंसर या एचाईवी से ग्रस्ति है उन्हें फंगल मैनिंजाइटिस होने का ख़तरा सबसे अधिक होता है.

मस्तिष्क ज्वर के लक्षण :
-    शरीर पर लाल, पीले और बैंगनी रंग के निशान
-    गर्दन में अकडन
-    कमर, सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द
-    हाथ पैरों का कांपना और ठंडा पड़ जाना
-    साँसों का असामान्य होना
-    उलटी और
-    चमकदार रौशनी से चिड

अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो आप तुरंत ग्लास टेस्ट कराकर ये पता कर सकते हो कि आपको दिमागी बुखार है या नहीं.

ग्लास टेस्ट क्या है :
ग्लास टेस्ट में एक काँच को लिया जाता है और फिर उसके किनारे से शरीर पर पड़े धब्बों को दबाया जाता है. अगर धब्बा फेड हो गया तो आपको दिमागी बुखार नहीं है लेकिन अगर धब्बा फेड नहीं हुआ तो समझे कि आपकी परेशानी बढ़ने वाली है क्योकि ये दिमागी बुखार का गंभीर लक्षण है. धीरे धीरे शरीर पर पड़े ये दाने गुलाबी और फिर बैंगनी हो जाते है और रोग को और भी गंभीर स्थिति में ले जाते है.
Dimagi Bukhar ka Ilaaj
Dimagi Bukhar ka Ilaaj
दिमागी बुखार का सामान्य उपचार :
-    आप अपने शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम दें

-    अपने कमरे में शांति और अँधेरा बनाये रखें

-    लगातार ओआरएस का घोल गर्म पानी में लेते रहे लेकिन बाकि तरल खाद्य पदार्थों से दूर रहें.

-    आप लहसुन और अनार के जूस का सेवन कर सकते हो.

-    बुखार को कम करने के लिए आप सिर पर कपडे में बर्फ रखकर सिर पर रखें.

-    अगर रोगी को उलटी आये तो आप उलटी के बाद एक करवट लेकर लेट जाएँ ताकि आपको उलटी की महक ना आये.

दिमागी बुखार के अन्य कारण लक्षण और उपचार के बारे में आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो.



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