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Kundali Mein Videsh Jane Ke Jyotish Yog | कुंडली में विदेश जाने के ज्योतिष योग | Astrological Options to Visit Foreign Countries

कुंडली में विदेश यात्रा करने के योग
आज के आधुनिक युग में हर व्यक्ति विदेश जाने की इच्छा रखता हैं तथा विदेश जाने के लिए अथक प्रयास भी करता हैं. लेकिन कई बार कुछ लोगों की कुंडली में विदेश जाने के योग तो होते हैं लेकिन वो विदेश जाने में असमर्थ रहते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार कुंडली में विदेश यात्रा करने के योग बनने का यह अर्थ नहीं हैं कि व्यक्ति विदेश अवश्य ही जायेंगा. ज्योतिषियों के मतानुसार विदेश जाने के लिए व्यक्ति की कुंडली में व्यय स्थान, ग्रह तथा राशी का भी अनुकूल योग बनना आवश्यक होता हैं. ज्योतिषियों के अनुसार कुंडली में विदेश योग के बनने के साथ – साथ राशी, व्यय स्थान तथा ग्रह आदि का निश्चित योग बनना जरूरी हैं. जिनके बारे में जानकारी निम्नलिखित दी गई हैं –

1.       विदेश जाने के योग का कमजोर होना – विदेश यात्रा करने के लिए यह बहुत ही आवश्यक हैं कि आपकी कुंडली में विदेश जाने का पूर्ण योग बन रहा हो. ज्योतिषियों के अनुसार विदेश जाने के योग में कमी होने से विदेश में आजीविका की सम्भावना या अधिक समय तक विदेश में रहने की सम्भावना कम होती हैं. विदेश यात्रा के योग के कमजोर होने की स्थिति में यह भी हो सकता हैं कि व्यक्ति अपने जन्म स्थान से दूर जाकर अपने ही देश में नौकरी या व्यवसाय करने लग जाये और हमेशा के लिए वहाँ का निवासी बन जाये. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
Kundali Me Videsh Jane Ke Jyotish Yog
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2.       व्यय स्थान – विदेश यात्रा के योग के बनने के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्यय स्थान होता हैं. विदेश जाने का निश्चित योग कब बनेगा तथा विदेश में कितने समय तक व्यक्ति निवास कर पायेगा इसके लिए व्यय स्थान में स्थिर राशी का होना बहुत ही आवश्यक हैं.

-    चर राशी – अगर आपके व्यय स्थान में स्थित राशी चर हैं तो आप विदेश में बहुत ही कम समय तक रह पायेंगे. अगर आपके व्यय स्थान में कोई स्थिर राशी स्थित है तो आप विदेश में अधिक समय तक निवास कर सकते हैं.

-    द्विस्वभाव राशी – अगर आपके व्यय स्थान में द्विस्वभाव राशी स्थित हैं तो आपका विदेश में जाना और आना लगा रहेगा.

व्यय स्थान में किस राशी और ग्रह के होने पर आपकी कुंडली में किस देश में जाने का योग बनता हैं इसके बारे में भी आप जान सकते हैं. जिसके बारे में जानकारी निम्नलिखित हैं - 
1.       शुक्र ग्रह – अगर आपके व्यय स्थान में शुक्र ग्रह स्थित हैं तो आपका अमेरिका जैसे नये विचारों व तकनिकी प्रणाली वाले देश में जाने का योग बनता हैं. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...
 
कुंडली में विदेश जाने के ज्योतिष योग
कुंडली में विदेश जाने के ज्योतिष योग 
2.       शनि ग्रह – अगर आपके व्यय स्थान में शनि ग्रह स्थित हैं तो आपका इंग्लैण्ड जैसे पुराने विचारों वाले देश में जाने का योग बनता हैं.

3.       राहू – केतु - यदि आपके व्यय स्थान में राहू और केतु ग्रह स्थित हैं तो आपका अरब देश में जाने का योग बनता हैं.

व्यय स्थान में तृतीय स्थान का प्रवास होने पर, सप्तम, नवम तथा द्वादश स्थानों का प्रवास होने पर विदेश में कितने समय तक निवास होगा इसके बारे में भी आप जान सकते हैं.
1.       तृतीय स्थान का प्रवास होने पर – व्यय स्थान में तृतीय स्थान का प्रवास होने पर जन्म स्थान से नजदीक स्थान में प्रवास होने की सम्भावना रहती हैं.

2.       सप्तम स्थान का प्रवास होने पर – व्यय स्थान में सप्तम स्थान का प्रवास होने पर जीवन साथी के साथ प्रवास करने के योग बनते हैं.

3.       नवम स्थान से प्रवास – व्यय स्थान में नवम स्थान के प्रवास के होने पर आपकी कुंडली में जन्म स्थान से दूरदराज के क्षेत्रों की यात्रा करने के योग बनते हैं.

4.       द्वादश स्थान से प्रवास होने पर – व्यय स्थान में द्वादश स्थान से प्रवास होने पर आपकी कुंडली में विदश जाने का योग बनता हैं. 
Astrological Options to Visit Foreign Countries
Astrological Options to Visit Foreign Countries 
5.       पंचम व नवम स्थान – अगर आपकी कुंडली में पंचम व नवम स्थान परिवर्तन कर रहे हो तो आपकी कुंडली में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की यात्रा के योग बन रहे हैं.

6.       पापग्रह – यदि आपके व्यय स्थान में पापग्रह का योग बन रहा हो तो आपको यात्रा में हानि हो सकती हैं.

7.       लग्नेश – अष्टमेश – अगर आपके व्यय स्थान में लग्नेश – अष्टमेश का कुयोग बन रहा हैं तो यात्रा में कोई दुर्घटना हो सकती हैं.

8.       नवमेश पंचम – अगर आपके कुंडली में नवमेश पंचम में हो तो आपके बच्चो के द्वारा आपको यात्रा कराने के योग बनते हैं.

9.       गुरु – यदि आपके प्रवास स्थान में गुरु का प्रभाव हो तो आप कोई तीर्थ यात्रा कर सकते हैं.

10.   वायु तत्व – वायु तत्व राशी वाले व्यक्ति का हवाई यात्रा करने का योग बनता हैं.
बाहर देश जाने की संभावना
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11.   जल तत्व – जल तत्व राशी वाले व्यक्ति के जल यात्रा करने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं.

12.   अग्नि तत्व – अग्नि तत्व राशी वाले व्यक्ति सडक यात्रा कर सकते हैं.

यदि आपकी कुंडली में ये स्थान और इनके अधिपति अधिक बलवान हो तो आपके जीवन में यात्रा करने के योग बनते ही रहते हैं. यदि आपके व्यय स्थान में शनि, राहू, नैपच्युन ग्रहों में से एक हैं तो आप विदेश यात्रा अवश्य करेंगे.
विदेश जाने के लिए कुंडली में कुछ आवश्यक योग बनने होते हैं जिनकी जानकारी निम्नलिखित दी गई हैं –
1.       आपकी कुंडली में पूर्ण विदेश योग के बनने के लिए नवम स्थान में चर राशी का बलवान होना आवश्यक होता हैं.

2.       विदेश जाने के योग के बनने के लिए नवम तथा व्यय स्थान में अन्योन्य योग का होना भी आवश्यक होता हैं.

3.       विदेश जाने का योग कुंडली में अधिकतर तब बनता हैं जब आपकी कुंडली में तृतीय स्थान, भाग्य स्थान और व्यय स्थान के ग्रह की दिशा एक साथ चल रही हो.

4.       विदेश यात्रा के योग तृतीय स्थान, भाग्य स्थान और व्यय स्थानों का स्वामी चाहे कोई भी हो, उस ग्रह के उपरोक्त स्थानों के नक्षत्रों में होने पर भी विदेश यात्रा करने का योग बनता हैं.

5.       यदि आपकी कुंडली में तृतीयेश, भाग्येश और व्ययेश का सम्बंध एक दुसरे के साथ बन रहा हैं तो आपका विदेश जाना निश्चित हैं.


कुंडली में विदेश यात्रा के इसी तरह के अन्य उपायों और योगो को जाने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते है. 
Foreign Trip Options According to Horoscope
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10 comments:

  1. I AM SEARCHING KARTIKEY SATRUNJAY STOTRA

    ReplyDelete
    Replies
    1. Naresh Ji,

      You should contact to any Grocer (Pansaari).

      Sampark ke Liye Dhanyavaad
      Jagran Today Team

      Delete
  2. Deepak Kis Disha, kiskone me rakhe

    ReplyDelete
  3. Videos Jane ke yog hain meri kundli main kya

    ReplyDelete
  4. Hello acharya ji meri kundli main videsh main job karne ka yog hai ya nahi

    ReplyDelete
  5. Pandit Ji, I got the offer to work abroad but later the offer was recalled. Not sure what happened. Can you advice on how can I get a job abroad?

    ReplyDelete
  6. know about my foreign settlement... is it in my kundali??? my name is amit dob is 5 October 1980 and time is 9 am delhi

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  7. My dob is 27/04/1985. Sham 6:10 pm Saturday janam Stan misrikh sitapur.. Meri kundali videsh Jane ka yog hai? Research apply kerna chahti Hu.

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  8. My dob 27/04/1985, 6:10 pm Saturday, plce misrikh sitapur.. Sir meri kundali videsh Jane ka yog hai. Wahan work kerne ka....

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