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Lakshmi or Annapurna ko Rakhen Khush | लक्ष्मी और अन्नपूर्णा को रखें खुश | Keep Goddess Lakshmi and Annapurna Happy

लक्ष्मी और अन्नपूर्णा को खुश कैसे रखें ( How to Delight Goddess Lakshmi and Annapurna )
हमारे ऋषि मुनियों ने जीवन को जीने, समाज को इक्कठा रखने और एक सफल जीवन के लिए कुछ परम्पराएँ बनाई थी, जिनका पुराने समय से आज तक नियमित रूप से पालन किया जाता है. किन्तु आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ लोग ऐसे भी है जो इन सब परम्पराओं को धीरे धीरे भूलते जा रहे है या जल्दबाजी में नियम स्वरूप नहीं कर पाते. अगर पुराने समय की बात की जाएँ तो हर शाम पूरा परिवार एक जगह एकत्रित हो जाता था और घर का सबसे बड़ा बुजुर्ग सबको अनेक परम्पराओं और कहानियों से अवगत कराता था किन्तु आज के समय में मिश्रित परिवार देखने को ही नहीं मिलते, जिसके कारण भी लोग इतने अमूल्य ज्ञान से वंचित रह जाते है. CLICK HERE TO KNOW धन की देवी लक्ष्मी जी को मनाने के ख़ास तरीके ... 
Lakshmi or Annapurna ko Rakhen Khush
Lakshmi or Annapurna ko Rakhen Khush
वहीँ छोटे परिवारों में रहने वाले लोग सारा दिन पैसे के पीछे भागते रहते है, वे पैसे को पा भी लेते है किन्तु क्या उन्हें उनकी कमाई का पूरा लाभ मिलता है क्या वे खुद को संतुष्ट महसूस कर पाते है. उनका पैसे आने से पहले जाने का रास्ता खोज लेता है. इस तरह ना तो आपके घर पर देवी लक्ष्मी की ही कृपा रहती है और ना ही माता अन्नपूर्णा की. लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे है जो आपके जीवन में खुशियाँ भर सकते है तो आप इन्हें अपने जीवन में अवश्य अपनाएँ. 

·     समय पर सोयें ( Sleep on Time ) : आजकल लोग अपने फ़ोन का देर रात तक इस्तेमाल करते रहते है जिसकी वजह से उन्हें समय पर नींद नहीं आती और ना ही वे समय पर उठ ही पाते है. आपकी ये जीवनशैली आपके शरीर को आलसी बना देती है, जबकि शरीर को सुबह की मधुर बेला और हवा की बहुत आवश्यकता होती है. अगर आप उस हवा को नही ले पाते है तो इससे आपकी उम्र निरंतर कम होती चली जाती है. इसीलिए हर बड़ा बुजुर्ग आपको सुबह जल्दी उठकर घुमने की सलाह अवश्य देता है. घूमकर आने के बाद आप नहा लें और देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा अर्चना करें, सुबह की पूजा हर देव को पसंद होती है. कानों में पड़ने वाला हर मंत्र आपके मन को पवित्र और निर्मल करता है और आप बुरे विचारों से दूर रहते है.  CLICK HERE TO KNOW घर में लक्ष्मी जी को बुलाते है कबूतर ...
लक्ष्मी और अन्नपूर्णा को रखें खुश
लक्ष्मी और अन्नपूर्णा को रखें खुश
·     हथेलियों के दर्शन ( See Your Palms Daily ) : आप एक आदत डाल लें और सुबह उठते ही पहली नजर अपनी हथेलियों पर डालें, साथ ही आप जमीन पर पाँव रखने से पहले धरती माँ से कहें कि आप उनके ऊपर पाँव रखने के लिए क्षमा मांगते है. ये तो आप जानते ही है कि धरती हमारी माँ है वो ही हमे खाने के लिए अन्न देती है इसलिए आप उन्हें प्रणाम अवश्य करें. 

·     सूर्योदय से पहले झाड़ू लगाएं ( Clean Your House before Sun Rise ) : ये बात गृहणियों पर लागू होती है कि उन्हें सुबह सुरज के निकलने से पहले उठना चाहियें और सूर्योदय से पहले ही घर में झाड़ू लगा देनी चाहियें. झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है इसलिए ध्यान रखें कि झाड़ू पर कभी पाँव ना लगाया जाएँ और उन्हें हमेशा दूसरों की नजरों से दूर छुपाकर रखना चाहियें. झाड़ू से गन्दगी निकालने का अर्थ है घर की गरीबी और दरिद्रता को दूर करना. अगर आप झाड़ू से जुड़े ये वास्तु नियम अपनाते है तो यकीन मानियें कि आपके घर में हमेशा लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहेगी. घर के लोगों की आय में वृद्धि होती है, वहीँ अगर आप झाड़ू को जलाते है तो देवी लक्ष्मी आपसे रुष्ट हो जाती है और आपको कोई भी श्राप दे सकती है.  
Keep Goddess Lakshmi and Annapurna Happy
Keep Goddess Lakshmi and Annapurna Happy
·     पौंछे में नमक ( Use Salt in Wipe ) : झाड़ू लगाने के तुरंत बाद घर में पौंछा लगा देना सर्वोत्तम माना गया है, साथ ही आप पौंछे में नमक अवश्य मिलाएं. इस तरह पौंछा एक तरह के एंटी बैक्टीरियल के रूप में काम करता है और घर की सारी नकारात्मकता को दूर करता है. ये घर में एक नयी ऊर्जा के संचार का भी माध्यम बनता है. एक अन्य उपाय के अनुसार आप घर के हर कोने में थोडा सा नमक डाल दें इससे भी घर का वातावरण सुखद बना रहता है. 

·     पूजा पाठ ( Prayer ) : जब आप सुबह पूजा के लिए जाएँ तो आप अपना मुंह पूर्व या फिर उत्तर दिशा की तरफ रखें, ध्यान रहे कि पूजा सुबह 8 बजे से पहले कर लें. पूजन आपको जमीन पर बैठकर करना है और बैठने के लिए आप किसी आसन को भी बिछा सकते है. आसान बिछाने के पीछे एक तर्क ये है कि इससे हमारे शरीर की ऊर्जा जमीन में प्रवेश नहीं करती, इस तरह आप ईश्वर का स्मरण ध्यान करते वक़्त जो ऊर्जा हासिल करते हो वो पूरा दिन आपके साथ ही रहती है. अगर आप कुश के आसन का इस्तेमाल करते है तो ये आपके लिए उत्तम सिद्ध होता है लेकिन ध्यान रहे कि वो पवित्र जरुर हो. 
देवी देवताओं की कृपा पाने के नियम
देवी देवताओं की कृपा पाने के नियम
·     कलश पूजन ( Urn Worship ) : हर देवी देवता को कलश पूजन बहुत प्रिय होता है इसलिए आपको पूजन के दौरान ताजे पानी से भरे कलश को जरुर शामिल करना चाहियें. आप कलश की भी पूजा करें और उसके पानी से सभी देवी देवताओं को जल अर्पित करें. पूजा के बाद आप इस कलश के पानी से सूर्य देव को अर्ध्य दे सकते हो. 

·     अग्नि का प्रयोग ( Use Fire ) : अक्सर आपने देखा होगा कि लोग पूजा के दौरान अगरबत्ती, दीपक, धुप इत्यादि जलाते है और इस्तेमाल की गयी माचिस को फूंक मारकर भुझा देते है, ऐसा कदापि नहीं करना चाहियें क्योकि ये अग्निदेव का अपमान है. आप माचिस को बुझाने के लिए उन्हें हिलाएं या हाथ से हवा करें. पूजा में अगरबत्ती, दीपक और धुप इत्यादि को रखने के लिए आप दक्षिण पूर्व दिशा का चुनाव करें. साथ ही आप अपने घर के मुख्य द्वार के दाहीने तरफ स्वास्तिक भी अवश्य बनायें, शास्त्रों में लिखा है कि जिस घर में स्वास्तिक बना होता है वहाँ सभी देवी देवताओं की कृपा होती है और उस घर में गणेश जी वास करते है, जो घर के माहौल को मंगल बनाते है. 
Ghar ko Khushhal Rakhne ke Upay
Ghar ko Khushhal Rakhne ke Upay
·     जुत्ते चप्पल को व्यवस्थित रखें ( Manage Your Sleepers ) : आधुनिक युग में लोगों ने तरह तरह की शिक्षाओं को ग्रहण किया है किन्तु वे आज भी अपने जुत्ते चप्पलों की इज्जत करना नहीं सीखें लेकिन आपको बता दें कि अगर आपके जुत्ते अव्यवस्थित रहते है तो इसका सीधा असर आपके घर की शान्ति पर पड़ता है और घर में अशांति वास करने लगती है. अगर आप दक्षिण में रहने वालें लोगों की बात करें तो वे अपने हर समान को व्यवस्थित रखते है. वहीँ अगर विज्ञान की बात करें तो उनका भी मानना है कि जब व्यक्ति बाहर से आता है तो उसके जुत्ते चप्पलों में बाहर की धुल मिटटी व बैक्टीरिया लगे होते है जो नकारात्मकता का प्रतिक है अगर वे घर में इधर उधर पड़े रहे तो इससे घर में भी नकारात्मकता उत्पन्न हो जाती है. 

·     खाने का सम्मान ( Respect Food ) : लोग अपने आप को इतना बड़ा समझने लगे है कि उनको खाना भी उनकी बिस्तर पर ही चाहियें. जबकि आपको बता दें कि शैया को श्वासन भी कहते है इसलिए बिस्तर पर भोजन के जाने का अर्थ शव पर भोजन जाने से लगाया जाता है, जो अन्न का अपमान है. इससे आपको मानसिक रोग होते, बुरे सपने दिखने लगते है और शरीर हमेशा थका हुआ महसूस करता है. वहीँ अगर आप भूमि पर बैठकर खाना खाते है तो मन को प्रसन्नता होती है, आत्मा तृप्त महसूस होती है और आप रोगमुक्त रहते है. अन्न जमीन से ही उगता है तो जमीन / धरती अन्न की माँ है और जब अन्न धरती के पास बैठकर खाया जाता है तो आप समझ ही सकते है कि अन्नपूर्णा खुद को कितना सम्मानित महसूस करती होंगी. 
Chhoti Chhoti Baaten Laati Hai Ghar mein Khushiyan
Chhoti Chhoti Baaten Laati Hai Ghar mein Khushiyan
·     पहली और अंतिम रोटी ( First and Last Bread ) : गृहणी रोटी बनाते वक़्त इस बात को भी ध्यान रखें कि उन्हें सबसे पहली रोटी को गाय को खिलाना है और अंतिम रोटी को किसी कुत्ते को. जिस घर के लोग इस नियम का रोजाना पालन करते है उस घर के लोगों का सम्मान दिन प्रतिदिन बढ़ता रहता है, उनके पितृ खुश रहते है और घर में दिन दुगनी रात चौगुनी उन्नति होती है. 

·     मकड़ी के जले ( Remove Spider Webs ) : जैसाकि आप जानते ही होंगे कि जले बंधन डालते है इसलिए अगर आपको अपने घर के किसी भी कोने में कोई जाला दिखाई दें तो आप उसे तुरंत साफ़ कर दें और कोनों को साफ़ सुथरा व धुल रहित रखें. ये घर की समृद्धि को भी रोकते है और आपको सुखी नहीं रहने देते. सुबह सुबह घर की खिडकियों को खोल कर रखें ताकि घर में सूर्य देव की किरणें प्रवेश कर सके और हर वास्तुदोष को दूर कर सके.
Safalta Prapti ki Prampraayen
Safalta Prapti ki Prampraayen
आपको ये सब बातें बहुत छोटी छोटी प्रतीत होती होंगी किन्तु ये बातें ही सही मायने में घर को खुशहाल व सुखी बनाती है, साथ ही परिवारजन रोगमुक्त रहते है और जो घर इन बातों को स्मरण रखता है व इनका पालन करता है उनके घर में ही देवी लक्ष्मी और अन्नपूर्णा जी अपनी कृपा आशीर्वाद बनाकर रखती है. 

घर की सुख समृद्धि शान्ति को बनायें रखें के अन्य उपाय तरीकों को जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो. 
Sukh Smriddhi Paane ka Amulya Gyan
Sukh Smriddhi Paane ka Amulya Gyan

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