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Bahuupyogi Soyabin ki Visheshtayen | बहुउपयोगी सोयाबीन की विशेषतायें | The Qualities of Useful Soyabean

सोयाबीन ( Soyabean )
सोयाबीन को तिलहन की एक ऐसी ख़ास फसल माना जाता है जिसको खाने से ना सिर्फ मानव शरीर का पोषण होता है बल्कि उसका स्वास्थ्य भी उत्तम रहता है. ये खाद्य पदार्थ शरीर में पौषक तत्वों की हर कमी को पूर्ण करने में अहम होता है क्योकि इसमें लगभग सभी जरूरी तत्व समाहित होते है. जहाँ इसके प्रोटीन शरीर को जवान रखते है, वहीं इसका फाइबर पेट के कैंसर को रोकने में मददगार होता है, इसमें कुछ ऐसे एसिड भी है जो चोलेस्त्रोल को कम करते है तो कुछ ऐसे तत्व भी है जो एंटीबायोटिक व एंटीसेप्टिक की तरह कार्य करते है. कहते का अर्थ ये है कि ये एक ऐसा सम्पूर्ण खाद्य पदार्थ है जिसका सेवन आपको हर तरह की सुरक्षा प्रदान करने के साथ साथ आपको हष्ट पुष्ट और स्वस्थ रखने में भी सहायक होता है. आज हम अपनी इस पोस्ट में आपको सोयाबीन के कुछ ऐसे गुणों से परिचित करायेंगे जो हमे निरोगी रखते है. CLICK HERE TO KNOW कैंसर की काट है सोयाबीन ... 
Bahuupyogi Soyabin ki Visheshtayen
Bahuupyogi Soyabin ki Visheshtayen
निरोगी काया के लिए सोयाबीन का प्रयोग ( Eat Soyabean Daily for Disease Free Body and Life ) :
·         दिल के रोग ( Cures Heart Problem ) : इनमें करीब 25 प्रतिशत तक वसा मिलती है, जिसमें 85 % तो अस्न्तृप्त वसीय अम्ल शामिल होता है. ये एक ऐसा अम्ल है जो हर तरह के हृदय रोग का उपचार करने में समर्थ होता है. इसके अलावा इसमें लेसिथिन नाम का एक ऐसा पदार्थ भी है जो दिल की नसों के लिए जरूरी होता है और उनकी कार्यक्षमता को बढाता है.

·         मानसिक रोग ( Give Mental Strength ) : अक्सर हम सुनते है कि किसी की याददाश्त कमजोर हो गयी है या किसी को मिर्गी आ गयी है या कोई फेफड़ों के रोग से लगातार ग्रस्त है ये सब तब होता है जब शरीर में फ़ास्फ़रोस की मात्रा कम हो जाती है, जबकि इसके विपरीत सोयाबीन फॉस्फोरस के प्रचुर स्त्रोतों में से एक है इस तरह देखा जाए तो ये आसान इसे इन सभी रोगों को दूर कर सकता है. यहीं नहीं सोयाबीन का सेवन ज्ञान तंतुओं की भी रक्षा करता है, माना जाता है कि सोयाबीन का सेवन मछली के सेवन के समान गुणकारी होता है. CLICK HERE TO KNOW घर पर बनायें सोयाबीन मिल्क और दही वडे ...
बहुउपयोगी सोयाबीन की विशेषतायें
बहुउपयोगी सोयाबीन की विशेषतायें
·         कोलेस्ट्रॉल ( Control Cholesterol ) : अक्सर खून में कोलेस्ट्रॉल या वसा की मात्रा अधिक हो जाती है और कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने का अर्थ है दिल के रोगों का आगमन. वैसे तो सोयाबीन में भी वसा होती है किन्तु इसकी वसा की बनावट थोड़ी अलग होती है अर्थात इसमें 15 % तो सन्तृप्त वसा होती है, जबकि 25 % मोनो सन्तृप्त वसा होती है, साथ ही इसमें 60 % पाली असन्तृप्त वसा भी होती है. सोयाबीन में वसा की इस बनावट के कारण ये शरीर के लिए लाभदायी होती है नाकि हानिकारक. ये खून में एलडीएल की मात्रा को बढाता है जिससे कोलेस्ट्रॉल धीरे धीरे कम होने लगता है.

·         उच्च रक्तचाप ( Good for High Blood Pressure Patients ) : अगर आपका रक्तचाप काबू से बाहर हो जाता है तो आपको लगातार 8 सप्ताह तक ½ कप सोयाबीन को भुनकर खाने से लाभ अवश्य मिलेगा. अगर आप इसका स्वाद बढना चाहते है तो इसमें सिर्फ काली मिर्च का ही उपयोग करें.
The Qualities of Useful Soyabean
The Qualities of Useful Soyabean
·         हड्डियों को दे मजबूती ( Strengthen Bones ) : हड्डियों के कमजोर होने का अर्थ है शरीर में कमजोरी और शरीर में कमजोरी का अर्थ है कार्यक्षमता का खत्म होना है, फ्रैक्चर की संभावना बढ़ना और अस्थिक्षारता रोग होना. इसलिए हड्डियों का मजबूत होना बहुत आवश्यक है और सोयाबीन ऐसा कर सकता है क्योकि इसमें कैल्शियम की भी मात्रा काफी अधिक होती है, जो हड्डियों को स्वस्थ रखती है.

·         रजोनिवृत्ति ( Removes Menstruation Problem ) : महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान काफी पीड़ा का सामना करना पड़ता है. महिलायें रजोनिवृत्ति से तब ग्रस्त होती है जब उनकी हड्डियों में आंस्टियो आर्थराइटिस हो जात है. ऐसे में पहले उनके घुटनों में दर्द आरम्भ होता है फिर उनका मासिक धर्म अचानक बंद हो जाता है और एस्ट्रोजन हार्मोन कम हो जाता है. इसका इलाज भी सोयाबीन के पास है क्योकि इसमें फायटोएस्ट्रोजन होता है जो उनके एस्ट्रोजन की मात्रा को बढाता है और रजोनिवृत्ति की संभावना को खत्म करता है. वैसे महिलाओं को सिर्फ समस्या होने पर ही नहीं वैसे भी सोयाबीन का सेवन करना चाहियें.

·         शरीर में प्रोटीन बढाए ( Increases Level of Protein in Body ) : शरीर में प्रोटीन का होना आवश्यक है क्योकि ये शरीर को मजबूत और स्वस्थ रखने के साथ साथ उसके अनेक अंगों ( जैसेकि नाख़ून, त्वचा, मांसपेशियां और बाल इत्यादि ) की रचना भी करता है. ये मस्तिष्क, फेफड़ों, दिल की रचना में भी सहायक होता है.
क्यों ख़ास है सोयाबीन
क्यों ख़ास है सोयाबीनक्यों ख़ास है सोयाबीन
·         मूत्र रोग से छुटकारा ( Cures Urinary Diseases  ) : बहुमूत्र के रोगियों की संख्या निरंतर बढती जा रही है, ये रोग मधुमेह के कारण होता है. इस रोग से निजात पाने के लिए रोगियों को रोजाना सोयाबीन का सेवन अवश्य करना चाहियें.

इनके अलावा भी सोयाबीन का इस्तेमाल अनेक रोगों में होता है जैसेकि गठिया, मधुमेह, पेट के कीड़ों को मारने और स्तन में दूध बढाने इत्यादि.

बहुउपयोगी सोयाबीन की अन्य विशेषता और उनका बाकी रोगों में इस्तेमाल के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो. 
Rog Nivaran mein Soyabean ka Prayog
Rog Nivaran mein Soyabean ka Prayog

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