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Tinnitus ke Lakshan or Upchar | टिनिटस के लक्षण और उपचार | Symptoms and Treatment for Tinnitus

टिनिटस ( Tinnitus )
क्या आपको कभी ऐसा महसूस हुआ है कि बाहर तो कोई आवाज़ नहीं है किन्तु फिर भी आपके कानों में कुछ गूंज रहा है. अगर हाँ तो इसी को टिनिटस कहते है. अगर ये लगातार किसी व्यक्ति को परेशान कर रहा है तो ये बिलकुल ठीक नहीं है. वैसे आपको बता दें कि टिनिटस ना तो कोई रोग है और ना ही कोई समस्या बल्कि ये आने वाले रोगों की तरफ एक संकेत और लक्षण की तरह होती है. ऐसे में पीड़ित की रक्तवाहिनियाँ रोगग्रस्त हो सकती है, उनके सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. किन्तु घबराए नहीं क्योकि इसका उपचार संभव है और वो भी घरेलू. लेकिन उन्हें जानने से पहले हम टिनिटस के लक्षण, प्रकार और कारणों के बारे में भी जान लेते है, ताकि इसे बेहतर तरीके से समझा जा सके. CLICK HERE TO KNOW कान की सांय सांय भगाए मुली ...
Tinnitus ke Lakshan or Upchar
Tinnitus ke Lakshan or Upchar
टिनिटस के प्रकार ( Types of Tinnitus ) :
इसके मुख्यतः 2 प्रकार होते है जो निम्नलिखित है -

-    व्यक्तिपरक टिनिटस ( Subjective Tinnitus ) : ये वो टिनिटस है जिससे टिनिटस के 80 % रोगी ग्रस्त होते है, इस टिनिटस को आप सुन सकते है और यही इसकी ख़ास पहचान भी है. ये तभी होता है जब व्यक्ति के कान का कोई हिस्सा ( बाहरी, मध्य या अंदरूनी ) किसी समस्या से जूझ रहा हो. अगर सुनने की नसों में कोई परेशानी आती है तो भी टिनिटस होने की संभावना बढ़ जाती है.

-    वस्तुगत टिनिटस ( Objective Tinnitus ) : इस टिनिटस को पीड़ित खुद नहीं सुन पाता, सिर्फ चिकित्सक ही अपने यंत्रों की मदद से इसे सुनते है. ये टिनिटस तब होता है जब रक्त धमनियों में परेशानी आती है. इसके अलावा ये अंदरूनी हड्डियों की समस्या या मरोड़ के कारण भी हो सकता है.

टिनिटस के कारण ( Causes of Tinnitus ) :
§  तेज आवाज में गाने सुनना ( Listening Music in Loud Voice ) : आपने भी इस बात को अवश्य नोटिस किया होगा कि आजकल हर लड़का या लड़की कानों में लीड लगाकर तेज आवाज में गाने सुनता रहता है या अपने घर में स्पीकर की आवाज तेज करके टीवी सुनता है म्यूजिक सुनता है. उस वक़्त तो उसे बड़ा आनंद आता है किन्तु बाद में उसका यही आनंद उसके लिए सजा में परिवर्तित हो जाता है क्योकि लगातार कानों का तेज आवाज के संपर्क में रहना टिनिटस का एक बड़ा कारण है. ऐसा उन लोगों के साथ भी हो सकता है जो फैक्ट्री में काम करते है क्योकि वहाँ भी मशीन लगातार शोर करती रहती है. CLICK HERE TO KNOW आँख कान नाक के रोगों का उपचार ... 
टिनिटस के लक्षण और उपचार
टिनिटस के लक्षण और उपचार
§  कान की हड्डी में परिवर्तन ( Change in Ear Bone ) : कभी कभी कान की हड्डी कड़ी हो जाती है जिसके कारण वो कान में अदने लगती है और आप सही तरह सुन नहीं पाते. इस तरह हड्डियों का बढना या कडा होना आनुवांशिक होता है और ये भी टिनिटस होने का एक कारण है.

§  उम्र बढ़ने पर ( Increasing Age ) : जैसे जैसे आयु बढती जाती है वैसे वैसे इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ता जाता है और तरह तरह के रोग आसानी से शरीर में प्रवेश कर लेते है. इसीलिए वृद्ध लोगों की सुनने देखने समझने की क्षमता क्षीण हो जाती है. टिनिटस भी एक ऐसी समस्या है जो 60 या इससे अधिक उम्र के व्यक्तियों को अपना शिकार बनाने से बिलकुल पीछे नहीं हटती. इस उम्र में होने वाले टिनिटस को प्रेस्बाईक्युसिस कहा जाता है.

§  काम में मोम जमना ( Wax in Ear ) : जिस तरह बाहरी शरीर की सफाई अहम होती है उसी तरह शरीर के अन्य अंदरूनी हिस्सों की सफाई भी आवश्यक है, अगर आप अपने कानों की गन्दगी को दूर नहीं करते हो तो कानों में बैक्टीरिया बढ़ जाते है. इस समस्या से बचने के लिए कुछ लोग कानों में वैक्स या मोम लगवाते है किन्तु अधिक मोम का इस्तेमाल भी कानों को प्रभावित करता है और टिनिटस रोग का कारण बनता है.
Symptoms and Treatment for Tinnitus
Symptoms and Treatment for Tinnitus
टिनिटस के लक्षण ( Symptoms Of Tinnitus ) :
·         कान का बेवजह गूंजना ( Echo in Ears ) : इसका सबसे पहला लक्षण यही है कि आपके कानों में कुछ गूंजता रहता है, गूंजने की ये आवाज आपके मस्तिष्क में जाकर लगती है और सिर दर्द पैदा करती है.

·         सिसकारी ( Sibilance in Ear )

·         कानों का बजना ( Ringing Ear )

·         दहाड़ ( Roar ) भी टिनिटस के लक्षण है.

जितनी अधिक आवाज होगी तो समझ जाने की समस्या भी उतनी ही बड़ी है. कई मामलों में तो ये भी देखा गया है कि आवाज सिर्फ एक कान में ही गूंजती है, तो कुछ के दोनों कानों में. इसके अलावा कुछ के कानों में आने वाली ये आवाज इतनी तेज होती है कि उसके बोलने वाली आवाज को भी दबा देती है. ये एक ऐसी समस्या है जो अस्थायी रूप से भी हो सकती है और स्थायी रूप से भी, अगर स्थायी हो गयी तो समस्या बढती जायेगी इसीलिए जैसे ही इसका आभास हो तुरंत किसी अच्छे चिकित्सक से मिले और उपचार आरम्भ कराएं.
कान में बजने वाली घटी को रोकें
कान में बजने वाली घटी को रोकें
टिनिटस से बचाव के कुछ उपाय ( Some Tips to Cure Tinnitus ) :
·         मोम निकालें ( Remove Wax from Ear ) : जैसाकि हमने टिनिटस होने के कारणों के बारे में पढ़ा कि ये समस्या कानों में मोम के अधिक होने से भी हो सकती है तो कभी भी कानों में मोम को जमा न होने  दें, समय समय पर कानों को साफ़ करते रहें लेकिन ध्यान रहें कि इसके लिए किसी नुकीली चीज या पीन का इस्तेमाल ना करें क्योकि वो कानों को हानि पहुंचाकर आपको बहरा भी कर सकते है.

·         बाहरी शोर से बचाव ( Protection from External Noise ) : इसके 2 तरीके है पहला तो आप खुद पर काबू रखें और सिमित आवाज में ही संगीत का आनंद लें और दूसरा अगर आप किसी ऐसी जगह कार्य करते है जहाँ मशीनों की आवाज अधिक है तो आप कानों की रक्षा करने वाले मास्क व यन्त्र का इस्तेमाल करें क्योकि ये मास्क आवाज को अंदर नहीं आने देते, इसके अलावा धुल मिटटी से भी कानों का बचाव होता है.
Tinnitus Kya Hai Jaanen Kaaran or Prakaar
Tinnitus Kya Hai Jaanen Kaaran or Prakaar
·         वाइट नॉइज़ मशीन ( Use White Noise Machine ) : प्रकृति भी हर समय मधुर संगीत गाती है और प्रकृति का ये संगीत मन को मोहकर शान्ति पहुंचाता है. तो आप चाहें तो वाइट नॉइज़ मशीन का इस्तेमाल भी कर सकते है क्योकि इसमें से प्रकृति की आवाजें जैसेकि नदियों के चलने की आवाज, चिड़ियाओं की चहचहाट, वृक्षों का झूमना, पवन का बहना इत्यादि जैसी अनेक आवाजें सुनाई देती है. इस मशीन का टिनिटस से निजात पाने के लिए बड़ी मात्रा में इस्तेमाल होता है.

·         दवाओं का साइड इफ़ेक्ट ( Be Aware of Side Effects of Medicine ) : आप इसे टिनिटस के कारण के रूप में देख सकते है क्योकि अगर आप बार बार टिनिटस की दवाओं को बदल रहें है तो वे कानों पर कुछ साइड इफ़ेक्ट और हानिकारक प्रभाव छोड़ जाती है, ऐसे में टिनिटस की समस्या भयंकर रूप भी ले सकती है.

टिनिटस के अन्य कारण, प्रकार, लक्षण और इससे बचाव के उपायों व तरीकों के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो.
Tinnitus se Bachaav ke Upay
Tinnitus se Bachaav ke Upay

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4 comments:

  1. KANO KE SITY KA KYA ELAJ HAI ESKA UTTAR JANANA HAI

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  2. Sir mere kaano main kuch gunjne ki awaj aati hai aur kisi se baat karne se awaj Sir mai dard paida karti hai kya karu

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  3. Homiyopethi elaaj ke bare mainbatayi

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  4. Muje tinitus ka elopathiic upchar Janna h please send me to the prefect medicine for tinitus

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