इस वेबसाइट पर किसी भी तरह के विज्ञापन देने के लिए जरूर CONTACT करें. EMAIL - info@jagrantoday.com

SUBSCRIBE FOR ALL SCIENCE EXPERIMENTS. KIDS AND YOUNG STUDENTS CAN LEARN BETTER FROM THESE PRACTICAL EXPERIMENTS OF SCIENCE:


https://www.youtube.com/channel/UCcXJEycifFbZEOS2PHNAZ9Q

विज्ञानं की सभी ज्ञानवर्धक प्रक्टिकाल्स के लिए अभी सब्सक्राइब करें दिए गये इस चैनल को

Bahut Aasan Lekin 100% Kargar Faldayi Vastu Tips | बहुत आसान लेकिन 100% कारगर फलदायी वास्तु टिप्स

कारगर वास्तु टिप्स
दोस्तों वास्तु शास्त्र वो विज्ञान है जिसके अंतर्गत हमे बताया जाता है कि घर ऑफिस या अन्य किसी भी जगह पर कौन सी चीज किस दिशा में कैसे होनी चाहियें, किस कमरे को कहाँ बनवाना चाहियें, घर में कौन सा पौधा लगाना चाहियें और किस चीज के घर में होने से फायदा या नुक्सान हो सकता है इत्यादि. कुछ लोग इन बातों को अंधविश्वास मानते है लेकिन ऐसा नहीं है, बल्कि बाकी विज्ञान की ही तरह वास्तु विज्ञान भी सत्य पर आधारित है. इसीलिए आज हम आपको कुछ ऐसे बहुत ही आसान लेकिन 100% कारगर वास्तु टिप्स के बारे में बताने वाले है जो घर में सुख समृद्धि और शांति लाते है. तो आप भी इन्हें आजमायें, आपको खुद जवाब मिल जाएगा कि वास्तु मिथक है या सच. CLICK HERE TO KNOW मकान की नकारात्मकता दूर करें ...
बहुत आसान लेकिन 100% कारगर फलदायी वास्तु टिप्स
बहुत आसान लेकिन 100% कारगर फलदायी वास्तु टिप्स
100% फलदायी वास्तु टिप्स :
§  किस दिशा में हो कौन सा कक्ष : जब भी घर का निर्माण किया जाता है तो सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि आखिर कौन सा कमरा किस दिशा में होना चाहियें. लेकिन अगर आप वास्तु शास्त्र की सहायता लें तो आपको इसका जवाब बड़ी आसानी से मिल जाएगा. वास्तुशास्त्र के अनुसार

-    पूर्व             :      बच्चों के कमरे और लिविंग रूम के लिए
-    पश्चिम          :      किचन, डाइनिंग एरिया और बच्चों के कमरे के लिए
-    उत्तर           :      ड्राइंग रूम, बैठक और तिजोरी के लिए
-    दक्षिण          :      बेड रूम के लिए
-    उत्तर पूर्व        :      प्रार्थना कक्ष, स्टडी रूम, पानी के स्त्रोत या खुले स्थान के लिए
-    उत्तर पश्चिम     :      मेहमानों के कमरे के लिए
-    दक्षिण पश्चिम    :      सीढियों और भारी सामान रखने के लिए
-    दक्षिण पूर्व       :      जेनरेटर या इन्वर्टर के लिए उत्तम मानी जाती है.

इन सब के अलावा, ध्यान रहे कि घर के मध्य स्थान को हमेशा खाली और साफ़ रखें क्योकि उसे घर का ब्रह्म स्थान माना जाता है.

§  खुशियों के लिए वास्तु : जब व्यक्ति अपने घर में आता है तो उसे एक अलग ही शान्ति और ख़ुशी का आभास होता है. लेकिन कई बार कुछ वास्तु दोषों के कारण घर में छोटी मोटी बातों को लेकर अनबन होने लगती है जिससे घर की खुशियाँ दूर हो जाती है. ऐसे में आप ध्यान रखें कि

-    आप घर के दरवाजों में तेल जरुर डालें क्योकि दरवाजों से आने वाली ये आवाज एक अशुभ वास्तु दोष है.

-    घर के जल प्रवाह और घर के कूलर पंखों की मरम्मत कराएं क्योकि घर में बहता पानी और खराब सामान नकारात्मकता फैलाती है जिससे घर में झगडे होते है.

-    अगर घर का वायव्य कोण नीचा है तो उसे उंचा करवाएं वर्ना आपके शत्रु बढ़ते जायेंगे और आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ेगा.

-    घर के उत्तर पूर्व में खिडकियों और दरवाजों की सबसे ज्यादा संख्या होनी चाहियें.

§  धन बाधाओं को करे दूर : अगर आपको धन संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो वास्तु शास्त्र के अनुसार इसका कारण घर के अंदर ही छिपा हुआ है जिसे हम देखकर भी अनदेखा कर देते है जैसेकि

-    बेड रूम की खिडकियों में हमेशा क्रिस्टल जरुर लगवाएं क्योकि जब रौशनी इससे टकराकर आती है तो इससे घर में सकारात्मकता फैलती है और आपके धन प्राप्ति के मार्ग खुलते है.

-    अगर आपके घर में खर्च अधिक होता है तो अपनी तिजोरी के सामने एक शीशा ऐसे लगायें जिससे कि उसका प्रतिबिंब धन रखने वाले स्थान पर हो.

-    घर की छत पर हमेशा एक बर्तन में पानी भरकर और कुछ अनाज जरुर रखें. इससे भी आपकी धन संबंधी बाधाएं दूर होती है.

§  रसोई घर के लिए वास्तु : रसोई को घर का हेल्थ डिपार्टमेंट भी कहते है इसलिए अगर रसोई के वास्तु में कोई दोष होता है तो उसका प्रभाव घर के हर सदस्य के स्वस्थ्य पर पड़ता है, घर में आपसी कलह शुरू हो जाता है तो धन के अभाव का सामना करना पड़ता है तो आप इन वास्तु उपायों को अपनाएँ

-    रसोई घर को बनवाते वक़्त इस बात का ध्यान रखें कि उसका प्रवेश द्वार दक्षिण दिशा या आग्नेय दिशा की तरफ ना होकर पूर्व या उत्तर दिशा में हो.

-    जबकि आप रसोई घर में गैस या चूल्हे हो बनाने के लिए आग्नेय कोण का चुनाव करें. अगर आप ईशान कोण में चूल्हे को रखते हो तो ये आपकी संतान पर बुरा प्रभाव डालता है.

-    इस बात को भी सुनिश्चित कर लें कि घर के मुख्य दरवाजे से रसोई ना दिखे, ये रसोई घर का सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है. अगर आपके घर में ऐसा है तो मुख्य दरवाजे और रसोई के बीच में एक पर्दा जरुर लगवा दें.

-    झूठे बर्तनों के लिए सिंक उत्तर या पूर्व दिशा की तरफ बनवाना चाहियें, वजनदार डिब्बों को पश्चिम दिशा में अलमारी बनवाएं और अन्न के बर्तनों को उत्तर पश्चिम में रखें.

§  मुख्य दरवाजे के लिए वास्तु : चाहे घर हो, ऑफिस हो या दूकान हो, मुख्य दरवाजे का सही दिशा और सही वास्तु के साथ बना होना बहुत आवश्य है तभी आपको समृद्धि और उन्नति मिलती है. जिस तरह हमारे शरीर में मुख का महत्व है ठीक उसी तरह घर या ऑफिस में मुख्य द्वार का महत्व है.

-    आप जिस भी दिशा में चाहो मुख्य दरवाजे को बनाएं लेकिन सबसे पहले उस दिशा को 9 बराबर भागों में बाँट लें और फिर 5 हिस्से दाई तरफ छोड़ दें और 2 हिस्से बायीं तरफ छोड़ दें, फिर जो 2 हिस्से बचें उसे में अपने घर के मुख्य दरवाजे को बनवाएं.

-    मुख्य द्वार घर के बाकी सभी दरवाजों की तुलना में थोड़ा बड़ा और सुन्दर होना चाहियें.

-    आपको घर के मेन गेट पर हमेशा अच्छी रोशनी को बनाएं रखना चाहियें, ताकि लोग जब भी आपके घर में इंटर करें तो वो गेट को अच्छी तरह देख सके.

-    घर के किसी भी दरवाजे को खोलते वक़्त आवाज का आना एक बड़ा वास्तु दोष है और अगर घर के मुख्य दरवाजे से ही आवाज आयें तो समझ जाएँ कि घर में धन का अभाव, कलह और बीमारियाँ बढ़ जायेंगी. इसलिए समय समय पर दरवाजों की मरम्मत जरुर करवाएं.

§  खिडकियों का वास्तु : खिड़कियाँ घर में प्रकाश और ऊर्जा का संचार करती है, तो अगर खिड़कियाँ अशुभ दिशा में होंगी तो वे नकारात्मक ऊर्जा को घर में लायेंगी और अगर शुभ दिशा में होंगी तो सकारात्मकता का आगमन होगा.

-    घर में खिडकियों की संख्या को हमेशा सम ( मतलब 2, 4, 6, 8 इत्यादि ) रखें.

-    खिडकियों के लिए पूर्व, उत्तर और पश्चिम दिशा उत्तम मानी जाती है क्योकि इन दिशाओं से घर में शुद्ध हवा और पर्याप्त रौशनी आती है.

-    इसके अलावा मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ खिड़कियाँ जरुर बनवाएं ताकि घर में चुम्बकीय चक्र पूरा हो सके और घर में सदा सुख शान्ति बनी रहे.

-    रोजाना सुबह घर की खिडकियों को जरुर खोलें ताकि घर में ताज़ी हवा, सकारात्मक ऊर्जा और स्वच्छ प्रकाश आता रहे. अगर आप सुबह खिडकियों को बंद रखते हो तो इससे संतान को दुर्घटना का डर बना रहता है.
Bahut Aasan Lekin 100% Kargar Faldayi Vastu Tips
Bahut Aasan Lekin 100% Kargar Faldayi Vastu Tips
§  सीढियों का वास्तु : वास्तु शास्त्र का मानना है कि घर की सीढियाँ घर के सदस्यों के भाग्य को प्रभावित करती है. तो अगर सीढियाँ वास्तु अनुसार होंगी तो घर का हर सदस्य उन्नति करेगा.

-    सीढियों को घर के दक्षिण भाग में दीवार के साथ बनवाएं, इससे घर में धन आता है और घर के सदस्य अपने हर काम में सफल होते है.

-    अगर आप घर में घुमावदार सीढियाँ बनवा रहे हो तो ध्यान रहे कि उनका घुमान क्लॉक वाइज ही हो.

-    साथ ही इस बात को भी सुनिश्चित कर लें सीढियों की संख्या 10, 20 या 30, यानि 0 के साथ खत्म ना हो.

-    किसी भी सीढि की ऊँचाई को 7 इंच से ज्यादा ना रखें और इस बात का ध्यान रखें कि सीढियों के नीचे रसोई, स्नान घर, टॉयलेट या पूजाघर ना हो.

दोस्तों ये है कुछ वास्तु उपाय जिन्हें अपनाकर आप अपने जीवन में खुशियाँ, सुख, समृद्धि और शान्ति ला सकते हो. तो अगर आपको भी लगता है कि आपके घर में कोई वास्तु दोष है, घर में कलह रहता है, आपका काम नहीं चल रहा है, घर के सदस्य रोग ग्रस्त है या कोई अन्य समस्या है तो आप अभी इन वास्तु उपायों को अपनाकर घर के सभी वास्तु दोषों को दूर करें.

ऐसे ही अन्य 100% कारगर फलदायी वास्तु टिप्स के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो.



YOU MAY ALSO LIKE



Rojmarra Ke Jivan ke Upyogi Vastu Tips, Ghar mein Dhan ki Vriddhi Karte hai Ye Upay, Sukh Smriddhi ke Kamyaab Vastu Tricks, Kis Disha mein Ho Kaun sa Kamra, Mukhya Darvaje Khidkiyon ka Vastu

Dear Visitors, आप जिस विषय को भी Search या तलाश रहे है अगर वो आपको नहीं मिला या अधुरा मिला है या मिला है लेकिन कोई कमी है तो तुरंत निचे कमेंट डाल कर सूचित करें, आपको तुरंत सही और सटीक सुचना आपके इच्छित विषय से सम्बंधित दी जाएगी.


इस तरह के व्यवहार के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !


प्रार्थनीय
जागरण टुडे टीम

No comments:

Post a Comment

ALL TIME HOT