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Mirgi ke Rog ke lakshan Karan or Upachar | मिर्गी के रोग के लक्षण कारण और उपचार | Epilepsy Disease’s Symptoms Causes And Treatment

मिर्गी का रोग (Epilepsy Disease)
मिर्गी का रोग एक ऐसा रोग हैं. जिससे पीड़ित होने पर व्यक्ति को दौरे पड़ते रहते हैं. जिसके कारण कई बार व्यक्ति बेहोश भी हो जाता हैं. मिर्गी एक मस्तिष्क से जुडी हुई बिमारी हैं. जैसे यदि किसी व्यक्ति का मस्तिष्क ठीक ढंग से कार्य न कर पा रहा हो तो व्यक्ति को मिर्गी का रोग हो सकता हैं. मिर्गी का रोग व्यक्ति के द्वारा अत्यधिक नशीले पदार्थों का सेवन करने के कारण, मस्तिष्क में गहरी चोट लगने के कारण या मानसिक सदमा लगने के कारण भी हो सकता हैं.

लक्षण (Symptoms)
1.    मिर्गी के रोग से ग्रस्त होने पर व्यक्ति के शरीर में झटके आना तथा शरीर का अकड़ जाता हैं.

2.    उसकी आँखे ऊपर की ओर उलट जाती हैं.

3.    व्यक्ति का अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं रहता. इसलिए वह अनियंत्रित शारीरिक गतिविधियाँ करता हैं.

4.    मिर्गी के दौरे आने पर व्यक्ति अपने होंठों को तथा जीभ को काटने लगता हैं.

5.    कई बार व्यक्ति मिर्गी के दौरे आने पर एक जगह अपनी निगाहों को केन्द्रित कर लगातार देखता रहता हैं. CLICK HERE TO READ MORE ABOUT गठिया रोग के कारण और लक्षण ...
Mirgi ke Rog ke lakshan Karan or Upachar
Mirgi ke Rog ke lakshan Karan or Upachar

मिर्गी के रोग का उपचार (Treatment of Epilepsy Disease)

निम्बू और हिंग
1.    मिर्गी की बिमारी से राहत पाने के लिए एक निम्बू लें और थोडा सा हिंग का पाउडर लें.

2.    अब निम्बू को दो भागों में काट लें और उसपर थोडा - सा हिंग पाउडर छिड़क दें.

3.    अब इस निम्बू के रस को आराम – आराम से चूसें.

4.    इसके अलावा निम्बू के साथ गोरखमुंडी का भी प्रयोग कर सकते हैं.

निम्बू में हिंग पाउडर या गोरखमुंडी मिलाकर रोजाना चूसने से कुछ ही दिनों में मिर्गी के दौरे आने बंद हो जायेंगे.

बिजौरा निम्बू का रस तथा निर्गुण्डी का रस
1.    मिर्गी की बिमारी को ठीक करने के लिए एक बिजौरा निम्बू लें और निर्गुण्डी के पौधे की पत्तियां लें.

2.    अब बिजौरा नीबू को काट लें और उसका रस एक कटोरी में निकाल लें.

3.    अब निर्गुण्डी के पौधे की पत्तियां लें और उन्हें धोने के बाद पीसकर इसका रस निकाल लें. CLICK HERE TO READ MORE ABOUT थायराइड और उसके कारण ...
मिर्गी के रोग के लक्षण कारण और उपचार
मिर्गी के रोग के लक्षण कारण और उपचार 

4.    अब बिजौरे निम्बू के रस में निर्गुण्डी के पत्तियों का रस डालकर अच्छी तरह से मिला लें.

5.    अब बिजौरे निम्बू और निर्गुण्डी के रस की बूंदों को अपनी नाक में डाल लें.

लगातार 4 दिनों तक बिजौरे निम्बू और निर्गुण्डी के रस को नाक में डालने से आपको मिर्गी के रोग में काफी राहत मिलेगी.



प्याज का रस
1.    मिर्गी के दौरों से हमेशा – हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए प्याज लें और उन्हें पिसकर लगभग 75 मिली. रस निकाल लें.

2.    अब एक गिलास में थोडा पानी लें और इसमें प्याज के रस को मिला लें.
3.    इसके बाद सुबह उठकर इस पानी का सेवन करें.

रोजाना सुबह उठने के बाद प्याज के रस में पानी मिलकर सेवन करने से आपको मिर्गी के दौरे पड़ने बंद हो जायेगें. इसके अलावा यदि मिर्गी के रोग से ग्रस्त व्यक्ति मिर्गी के दौरे पड़ने के बाद बेहोश हो जाता हैं तो भी आप प्याज के रस का प्रयोग कर सकते हैं. मिर्गी के रोग से पीड़ित व्यक्ति की बेहोशी दूर करने के लिए थोडा सा प्याज का रस लें और उसे रोगी व्यक्ति को सुंघा दें. प्याज के रस को थोड़ी देर सूंघाने के बाद व्यक्ति की बेहोशी बिल्कुल ख़त्म हो जायेगी.
Epilepsy Disease’s Symptoms Causes And Treatment
Epilepsy Disease’s Symptoms Causes And Treatment


लहसुन
मिर्गी की बिमारी से प्रभावित व्यक्ति को यदि दौरे पड़ने के बाद बेहोशी आ गई है तो आप लहसुन का प्रयोग कर सकते हैं.

1.    लहसुन का प्रयोग करने के लिए कुछ लहसुन की कलियाँ लें और उनके ऊपर के छिलके हटा दें.

2.    लहसुन की कलियों को छिलने के पश्चात् इन्हें अच्छी तरह से कूट लें.

3.    अब कूटे हुए लहसुन को बेहोश हुए व्यक्ति को सुंघाए. लहसुन की कलियों को कूटकर सुंघाने के कुछ ही मिनट बाद व्यक्ति की बेहोशी दूर हो जायेगी.

दूध और लहसुन
1.    मिर्गी के रोग से मुक्ति पाने के लिए लहसुन की 10 कली लें और एक गिलास दूध लें.

2.    अब एक बर्तन में दूध डालें और उसे उबालने के लिए रख दें.

3.    जब दूध अच्छी तरह से उबल जाएँ तो इसमें लहसुन की कलियाँ डाल दें.

4.    लहसुन की कलियों को दूध में कुछ देर उबालने के बाद उसे उतार कर पीने लायक ठंडा कर लें.

5.    अब इस दूध में से लहसुन की कलियों को निकालकर इन्हें खा लें.

6.    लहसुन का सेवन करने के बाद जिस दूध में लहसुन को उबाला था. उसे पी लें.

7.    इसके अलावा आप मिर्गी के रोग से मुक्त होने के लिए लहसुन की कलियों को सरसों के तेल में भी सेंक कर खा सकते हैं. लहसुन की कलियों को दूध में मिलाकर खाने से या सरसों के तेल में भूनकर कर खाने से आपको जल्द ही मिर्गी के रोग से हमेशा – हमेशा के लिए मुक्ति मिल जायेगी.

लहसुन और तिल
यदि किसी व्यक्ति को वायु के कारण मिर्गी के दौरे आते हैं तो भी आप लहसुन का प्रयोग कर सकते हैं.

1.    वायु के द्वारा पैदा होने वाले मिर्गी के रोग को दूर करने के लिए एक ग्राम लहसुन लें और तिन ग्राम तिल लें.

2.    अब इन दोनों को एक साथ मिलाकर खूब महीन पीस लें.

3.     पिसने के बाद तिल तथा लहसुन के इस मिश्रण का सेवन करें.
लगातार 15 से 20 दिनों तक इस मिश्रण का सेवन करने से आपको इस रोग में आराम मिल जाएगा.

लहसुन और घी
मिर्गी के रोग के लिए लहसुन बहुत ही फायदेमंद होता हैं. मिर्गी के रोग को ठीक करने के लिए आप इसका प्रयोग अनेक प्रकार से कर सकते हैं. जैसे यदि आप लहसुन की कलियों को घी में भूनकर प्रतिदिन खाएं तो आपको मिर्गी के रोग और रोग के कारण होने वाले दौरों से छुटकारा मिल जाएगा.
Mirgi ki Behoshi ko Door Karne ke Upay
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लहसुन और काला तिल
1.    मिर्गी की बिमारी के निदान हेतु 10 ग्राम लहसुन लें और 30 ग्राम काला तिल लें.

2.    अब काले तिल को तथा लहसुन को एक साथ कूट लें.

3.    लहसुन और तिल को कूटने के बाद इस मिश्रण का सेवन करें.

रोजाना दिन में एक बार 25 दिनों तक इस मिश्रण का सेवन करने से मिर्गी का रोग ठीक हो जाएगा.  

मिर्गी के रोग को ठीक करने के अन्य उपायों को जानने के लिए आप नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हैं. 
Mirgi ke Rog ke liye Ghreloo Chikitsa
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5 comments:

  1. please send me another treatment without garlic and onian

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  2. Pls tell me perfect treatment for mirgi

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  3. Seizure kya bimari h ye Thik ho Sakthi hai ya nahi

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  4. Dear all please tell permanent treatment of seizure my sister is suffering from seizure.WO din m 2 -3 bar gir jati h.teeth chipak jate h please help me

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  5. Mera 7 saal ka beta hai. C.p children hai.
    Dora aata hai to bahot thak jata hai. Kuvh bacche k liye mufid ilaz ho to bataiye plz.
    98277 00002

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