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Badalti Ast Vyast Jivanshaili | बदलती अस्त व्यस्त जीवनशैली | Changed Confused Disturbed Life

हमारा आज का अस्त व्यस्त जीवन ( Today’s Disturbed Life )
आज हम एक भागती हुई दुनिया में रह रहे है जहाँ पर ना तो किसी के पास किसी के लिए समय है और ना ही किसी को किसी से मिलने की चिंता है. पहले लोगों के दिल से दिल मिला करते थे और आज किसी को किसी से मिलने तक का समय नही है. पहले लोगों के पास समय होता था जिसमे वो एक दुसरे के साथ बैठकर अपने दुःख सुनते थे. जिससे उनकी परेशानियां भी कम हो जाया करती थी. लेकिन आज तो किसी को किसी की बातों पर भी विश्वास नहीं रहा और ना ही वो समय अब रहा जिसमे घंटों बैठ कर बातें की जाती थी. सबको सिर्फ एक ही बात का डर है कि कही हम किसी से पीछे ना रह जाये और हमेशा की तरह जल्दबाजी में गलतियाँ कर बैठते है. CLICK HERE TO KNOW एक मौत धीमे धीमे ... 
Badalti Ast Vyast Jivanshaili
Badalti Ast Vyast Jivanshaili
·         लापरवाह बनता जीवन ( Reckless Life ) :  इस तेज भागते जीवन ने इंसान को इतना लापरवाह बना दिया है की उसे किसी चीज की परवाह नहीं रही. उसका जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. उसके किसी भी काम का कोई समय नहीं रह गया है. ना तो उसके सोने का कोई समय है और न ही खाने पीने का कोई ठिकाना है. किसी को लेकर भी उसको जवाबदेही नहीं रही और उसके कही भी रहने का ठिकाना नहीं है. सबसे बड़ी बात यह है की हमे अस्त व्यस्त करने वाली हमारी सोच ही होती है और कोई नहीं.

·         परेशानी का दूसरा नाम जीवन ( Another Name of Life is Trouble ) : जिंदगी परेशानियों का दूसरा नाम है और अगर जीवन मिला है तो परेशानी होना आम बात है, इसमें कुछ भी नया नहीं है. जिंदगी में छोटी छोटी परेशानियाँ तो आती जाती है और अगर हम इन परेशानियों को लेकर बैठ गयें तो हम जिंदगी का असली मजा खो देंगे. इसलिए हमको परेशानियों को पीछे छोड़ कर आने वाली खुशिओं पर ध्यान देना चाहिये. वैसे जिंदगी का असली मजा तो परेशानियों को दूर करने में ही आता है. अगर परेशानियाँ ही न हो तो जीवन बड़ा ही सरल हो जाएगा और किसी तरह का कोई आनंद नहीं रह जायेगा. ध्यान देने वाली बात यह है की, जिंदगी में आगे वही जाता है जो इन छोटी छोटी परेशानियों को पार कर जाता है. परेशानियों से मुँह मोड़ लेने वाला हमेशा हारता हैं. अपने जीवन में व्यस्त रहना अच्छी बात है. लेकिन अस्त व्यस्त रहना तो बिलकुल भी शोभा नहीं देता. इसलिए व्यस्त बने किन्तु अस्त व्यस्त नहीं. CLICK HERE TO KNOW निरंतर बढ़ते रोगों का मुख्य कारण ... 
बदलती अस्त व्यस्त जीवनशैली
बदलती अस्त व्यस्त जीवनशैली
·         समय से आगे चलने की कोशिश ( Tries to Walk Ahead of Time ) : समय की पाबन्दी तो अब किसी पर रही नहीं, लेकिन इतिहास गवाह है कि जिसने समय से आगे चलने की कोशिश की है, समय ने उसको उतना ही पछाड़ा है. समय मूल्यवान है और सर्वोपरि भी है. जिसने भी समय को नष्ट किया है समय ने उसको उतना ही नष्ट किया है. इसलिए समय के मूल्य को पहचाने. सही समय पर सही फैसला लेना सीखे. इससे आने वाले दिनों में आकाश में आपका ही झंडा बुलंद होगा. जो समय बीत गया वो दोबारा नहीं आने वाला इसलिए सही समय पर सही कार्य करना सीखे. समय की परवाह करे तो समय आपकी भी परवाह करेगा.

·         सबसे मुश्किल काम संतुष्टि ( The Hardest Work is Satisfaction ) : संतुष्ट होना इस दुनिया का सबसे मुश्किल और महत्वपूर्ण कार्य है. आज की दुनिया में कोई भी इंसान अपनी जिन्दगी से संतुष्ट नहीं है. जिसके पास जो है हर इंसान को उससे ज्यादा चाहिये है. संतुष्टि एक ऐसे रोग का नाम है जो कभी भी ठीक नहीं हो सकता है. यह एक ऐसा कुआँ है जो कभी नहीं भर सकता. इसलिए जो आपके पास अभी है उसके लिए भगवान् को धन्यवाद कहना न भूले और उसी में संतुष्ट रहना सीखे. क्योंकि समय से पहले और भाग्य के बाद ना तो किसी को कुछ मिला है और ना ही मिलेगा. अगर आप एक समय पर संतुष्ट नहीं है तो आप किसी और समय पर भी संतुष्ट नहीं रह पाओगे. अगर आपको पैसे का लोभ है और आप सोचते हो की एक बार ढेर सारा पैसा आ जाने से आप संतुष्ट हो जाओगे तो ये आपका वहम हैं. क्योकि इंसान को जितना मिलता है वो उससे ज्यादा के बारे में सोचने लगता है और इसीलिए वो कभी भी संतुष्ट नहीं रह सकता. असंतुष्ट रहना तो हमारे मन का स्वभाव ही हैं. हमारा मन एक तरह से भविष्य में रहता है और यही इसकी सबसे बड़ी गलती है. भविष्य में रहने वाला इंसान कभी भी संतुष्ट नहीं हो सकता. वो हमेशा दुसरो जैसा बनने के बारे में सोचता रहेगा, जो की बाद में एक महत्वकांक्षा का रूप धारण कर लेता है.
Changed Confused Disturbed Life
Changed Confused Disturbed Life
·         असफल होने की दो श्रेणियाँ ( Two Categories to be Failed ) : दुनिया में आये हो तो इसके रंग रूप भी देखने पड़ेगे. असफल होना भी इन्ही में से एक है अर्थात अगर आप असफल हो रहे हो तो इसका मतलब यह नहीं है की आपने कुछ खो दिया है. असफल होने वाला इंसान अपनी नाकामयाबी से हमेशा कुछ न कुछ नया सीखता ही है. इस दुनिया में असफल होने की भी दो श्रेणियां बांटी गई है.

-    उनमे से एक में वो इंसान आते है जो आपने किसी विचार में पुरे मन और होश से काम नहीं करते और बिना कोई योजना बनाये कार्य करने लग जाते है. इससे उनको सफलता नहीं मिलती. क्योकि किसी भी कार्य में योजना बनाना एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी होती है और

-    इसी श्रेणी में दुसरे वो लोग होते है जो हर विचार पर बहुत ध्यान से सोचते है और खूब मेहनत करते है और तो और वो लोग तो योजना भी बनाते है लेकिन सफल नहीं हो पाते. क्योकि वो अपने कार्य को आगे की रुपरेखा नहीं दे पाते. लेकिन इनमे से सही तरीका तो यही है की आप अपने कार्य पर खूब ध्यान से विचार विमर्श करे.
परिशानियों का दूसरा नाम जीवन
परिशानियों का दूसरा नाम जीवन
·         अपनी योजना स्वयं बनाएं ( Make Your Plans by Your Own ) : आपको अपने अनुरूप अपनी योजना बनानी चाहिये न कि किसी और को देख कर. अगर आप किसी और को देख कर अपनी योजना बनायेगे तो सफलता आपके हाथों में कभी भी नहीं आ पाएगीं. आपको अपनी समझ और साधनों को ध्यान में रख कर अपनी योजना बनानी चाहिये और फिर अपने पुरे बल से अपने कार्य में जुट जाना चाहिये. लेकिन ध्यान रहे की आपको अपने परिश्रम से ही अपना कार्य पूरा करना है तभी आप संतुष्ट हो पाओगे. क्योकि असली संतुष्टी तभी मिलती है जब आपके अपने मेहनत और परिश्रम का पसीना बहा होगा. हर बहुचर्चित और महत्वपूर्ण इंसान हमारे जैसें ही होते है लेकिन वो अपने तप और और त्याग और परिश्रम से ही उपर तक पहुचते है.

·         अपने कर्तव्यों को जाने ( Know Your Duties and Responsibilities ) : सबसे जरूरी और मत्वपूर्ण बात है कर्तव्य. आपको अपने कर्तव्य के बारे में पता होना चाहिये. आपको अपनी जीवनशैली में इतना भी व्यस्त नहीं होना चाहिये की अपने कर्तव्यों का ध्यान ही न रहे. हर इंसान के लिए सबसे पहले अपने कर्तव्य होने चाहिये, चाहें वो किसी के लिए भी हो. अगर आपको अपने कर्तव्यों के बारे में पता होगा, अगर आप अपने कर्तव्यों के लिए सजग रहेगें तो आपको सफलता तक पहुचने तक कोई भी नहीं रोक सकता.
Laaparvaah Hoti Jindagi
Laaparvaah Hoti Jindagi
·         अपना लक्ष्य निर्धारित करें और उसको पाने का पूर्ण प्रयास करें ( Set Your Goal and Try Hard to Get It  ) : एक और सबसे महत्वपूर्ण बात है लक्ष्य. आपके पास एक लक्ष्य होना अति आवश्यक है नहीं तो आप ऐसे ही घूमते रह जाओगे. किसी को यह सोचने तक का भी समय नहीं है की उसे जाना कहा है अर्थात सभी इस माया रूपी जंजाल संसार में, इस तेज भागते संसार में सबके साथ भागने में व्यस्त है. कोई ये नहीं सोच रहा की उसको जाना कहा है अथवा उसकी मंजिल क्या है. इसलिए सबसे पहले अपना लक्ष्य निर्धारित करे.

·         जल्दबाजी से बचें ( Don’t Hurry or Haste ) : जल्दबाजी में कोई कार्य न करे, जल्दी का काम शैतान का काम होता है. अत: किसी भी कार्य में उतावलापन न दिखाए, अन्यथा सफलता आपके हाथो में आकर भी चली जायगी. परन्तु चिंता की बात तो यह है की आज के इस भागते हुए संसार में सभी एक दुसरे से उतावले मालूम पड़ते हैं. हर किसी को कही न कही जाने की जल्दी है. लेकिन यह किसी को नहीं पता की उनको जाना कहा हैं. हर किसी को हर किसी चीज का परिणाम भी बहुत जल्दी चाहिये होता है. वैसे तो तत्काल में रेल में सीट आरक्षित कराई जाती है लेकिन आज के युग में तो तत्काल में ही सारे परिणाम आरक्षित करा लिए जाते हैं.
Smay se Aage Bhagne ki Koshish
Smay se Aage Bhagne ki Koshish
प्रतीक्षा की बातें तो आज किसी सपने की बाते हो गई हैं. कही भी चले जाओ, प्रतीक्षा की बातें तो कोई करता ही नहीं. सभी बोलते है की हमको जल्दी है. अब कोई उनसे यह पूछने वाला हो की इतनी भी क्या जल्दी जो थोड़ी देर बैठ कर विश्राम भी ना किया जा सके. जीवन में इतनी सारी बातो के चलते इंसानी दिमाग अस्त व्यस्त हो जाना लाजमी है. इससे हानी ही हानी होती है और आप असफलता का एक नया रास्ता चुन लेते हो.

·         छोटी छोटी चीजों से शुरुआत करें ( Start with Small Things ) : हमने पहले भी आपको बताया है की जीवन में छोटी छोटी चीजों से ही खुशियों की शुरुआत होती है अर्थात उन छोटी छोटी खुशियों को पहचाने और उनका आनंद ले. फिर देखिएगा कि किस तरह आपके जीवन में सब कुछ सकारात्मक होना शुरू हो जायेगा.

उतावलापन ( Temerity ) :
कोई भी व्यक्ति जब बिना कुछ सोचे समझे और दूरगामी परिणामों की चिंता किये बिना कोई कार्य कर डाले तो उसको उतावलापन कहा जाता है. यह इंसानी स्वभाव सिर्फ़ हमको प्रभावित नहीं करता अपितु हमारे आस पास के सभी लोगों को भी बहुत प्रभावित करता हैं और एक तरह की अव्यवस्था को पैदा कर के हमारे सामने प्रस्तुत कर देता हैं. और यह बात सिर्फ किसी एक इंसान की नहीं कही जा रही है अपितु यह आज के इस भागते हुए संसार की सचाई है जो हर दुसरे इंसान में देखी जा सकती हैं. आज के इस यूग में इंसान जितना प्रभावित है उतना आज से पहले अभी भी नहीं देखा गया. उसको अपनी कोई चिंता नहीं है. हमेशा अपने कार्य को लेकर चिंतित रहना आजकल उसका स्वभाव बन गया है और इन्ही सब बातो ने इंसानी दिमाग को एक दम खाली कर दिया है. इस तरह के इंसान प्राय: मानसिक परेशानियों से घिरे रहते हैं और फिर अपने कार्य का गुस्सा वो अपने परिवार पर निकालते है. जिससे बच्चों पर भी गलत प्रभाव पड़ता हैं.
Waqt ki Kami ka Swasthya par Prabhav
Waqt ki Kami ka Swasthya par Prabhav
·          हड़बड़ी ने बनाया इंसान से मशीन ( Rush is Converting Men into Machine ) : पहले जो इंसान अपने दिमाग की बजाए अपने दिल की सुनता था आज उसके पास दिल नामक कोई अंग रह ही नहीं गया हैं. हड़बड़ी से ही हड़बड़ी पैदा होती है. आज इंसान बस एक मशीन बनकर रह गया है. उसके अंदर न तो दिल रह गया हैं और न ही दिमाग. आज के इस भागती हुए समय ने दुनिया को बेशक से बहुत आगे पहुचाया हो लेकिन इसने इंसानी चैन और सुकून छीन लिया हैं और इस कारण वो आराम नहीं कर पाता और विभिन्न तरह की बीमारियाँ उसे घेर लेती हैं. इन सभी चीजो की वजह से इंसान को एक बहुत गंभीर बीमारी जरुर हो जाती है वो है नर्वस ब्रेकडाउन. जिसकी वजह से इंसान शंका और कुंठा से भर जाता हैं. ऐसे लोग अपने आप तो परेशानियों में रहते ही है साथ ही साथ वो दुसरो के लिए भी परेशानियाँ खड़ी कर देते हैं. हर बीमारी की तरह ही इस बीमारी का भी उपचार है किन्तु इसका उपचार किसी दवाई से नही हो सकता और ना ही कोई विशेष चिकित्सक इसका इलाज कर सकता हैं. इसके लिए इंसान को विश्राम, शांति, और विकास की शैली अपनानी पड़ेगी.

·          अस्त व्यस्त जीवन बनता है क्रोधी और चिडचिडे ( Disturb Life Increases Anger and Irritation ) : ये सब तो बातें तो हुई अस्त व्यस्त जीवन की. लेकिन अगर आपको इस तरह के जीवन से छुटकारा चाहिये है तो आपको ध्यान और योग का साथ अपनाना चाहिए. अस्त व्यस्त वाला जीवन इंसान को अति क्रोधी और चिडचिडे स्वभाव वाला इंसान बना देता हैं. सबसे पहले इंसान का अपने क्रोध और स्वयं अपने उपर अनुशासन और नियंत्रण होना अति आवश्यक हैं. अगर इंसान का अपने उपर नियंत्रण रहेगा तो वो किसी भी परिस्थिति को पार कर जायेगा. इंसान को हमेशा अपने काम में ही व्यस्त नहीं रहना चाहिये अपितु उसके पास अपने परिवार और सम्बन्धियों के लिए भी समय होना चाहिए. इससे उसके सम्बन्ध भी मधुर बनेगे और वो अपनी कार्य में बोरियत भी महसूस नहीं करेगा और कार्य को एक अच्छे और ताजे स्वभाव से शुरू कर पायेगा.
Asafal Hone ki 2 Shreniyan
Asafal Hone ki 2 Shreniyan
·          मन पर नियंत्रण नहीं ( Losing Control Over Your Mind ) : आज के इस भागते हुए जीवन में हमारी सबसे बड़ी समस्या यह है कि हम अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाते जिसके कारण बहुत सारी परेशानियाँ आ जाती हैं. इसलिए सबसे पहले हमे अपने मन पर नियंत्रण करना सीखना होगा. हम कभी भी शांत मन से बैठ कर यह नहीं सोचते की हम क्या कर रहे है और क्यों कर रहे हैं और ऐसा करने के पीछे हमारा उदेश्य क्या हैं. हम सिर्फ कार्य को करते जाते हैं बिना उसके बारे में कुछ सोचे. हमे जरूरत हैं एक शांत और ताजे दिमाग की और इसके लिए हमे शांत दिमाग से सोचना पड़ेगा. वैसे तो बोला जाता हैं की आराम हराम होता है लेकिन अगर आप एक पल भी आराम नहीं करोगे तो वही कार्य हराम हो जायेगा. इसलिए आपको आराम करने की जरूरत भी हैं और आपको सुकून की भी जरूरत हैं. ऐशो आराम कभी भी अपने आप आपके पास नहीं आता उसको खोजना पड़ता है.

·          समय की कमी का स्वास्थ्य पर प्रभाव ( Effect of Lack of Time over Health ) : समय की कमी आज के जीवन में हर किसी के पास देखी जा सकती हैं. किसी के पास भी किसी दुसरे के लिए समय नहीं हैं. यहाँ तक की एक इंसान को अपने परिवार के लिए भी समय नहीं हैं. इंसान का कोई समय नहीं हैं. इस दौड़ते हुए जीवन में वो कब सोता हैं और कब उसका सवेरा होता हैं, किसी को कुछ नहीं पता. 12 बजे तक जागना और फिर सुबह 9 से 10 बजे तक उठाना और उठने के बाद सीधा कार्य श्रेत्र में भागना. यह किस प्रणाली में जीवन व्यतित कर रहे हैं हम. जिसमे न तो कोई नियम रह गया हैं और ना ही कोई नियंत्रण. इंसान को इंसान के लिए तक समय नही हैं.
Sabse Mushkil Kaam Santushti
Sabse Mushkil Kaam Santushti
·          चीजों को प्रस्तुत करने का नया तरीका खोजें ( Find Other Ways to Represent Your Views ) : बस यह बात ध्यान रखिये कि जिंदगी का कोई भी लम्हा या कोई भी अंश मामूली नहीं होता हैं. जिंदगी में कुछ भी नया नहीं होता, नया होता हैं तो बस इसका प्रस्तुत करने का तरीका. जिंदगी चीजों को तरह तरह से हमारे सामने प्रस्तुत करती हैं. जिन्दगी के छोटे छोटे कदमो में ही ख़ुशी तलाशिये और फिर देखिये की आपकी जिन्दगी किस तरह एक सुहाने सफर की तरह बिलकुल मजें में जाती हैं और इन सब चीजों के लिए अनिवार्य है कि हम अपने को नियंत्रण में और अनुशासित रखे. एक अच्छा और साफ़ सुथरा जीवन जीने की शैली को अपनाये. एक संतुलन के लिए सबसे जरूरी हैं ध्यान. जिसको हम मैडिटेशन भी बोलते हैं. ध्यान करने से आपके सभी रोग दूर हो जाते हैं और फिर हर सुबह ध्यान करने से आप पिछले दिन की कमियों और क्रोध को भूलकर अपने एक नए दिन की शुरुआत बड़े ही अच्छे और शांत स्वभाव से करते हो. जिससे आपका दिन भी बहुत अच्छा और खुशनुमा गुजरता हैं. ध्यान हमे शांति का ज्ञान देती हैं. शांति को अगर आप अपने दिनचर्या में शामिल करना चाहते हो तो रोजाना सुबह उठकर ध्यान करे. इससे आपको सुकून भरा जीवन जीने में आसानी होंगी. यह आपको शांति और सुकून के साथ साथ एक नए तरह की ख़ुशी का ज्ञान करेगा.

बदलते और अस्त व्यस्त आज के जीवन में स्थिरता लाने और उसे सही मार्ग पर ले जाने के तरीके और उपायों को बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो.
हमारा आज का अस्त व्यस्त जीवन
हमारा आज का अस्त व्यस्त जीवन

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