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Prostate Gland Ya Gadud Badh Jane ke Karan Upchar Aur Savdhaniyan | प्रोस्टेट ग्लैंड या गदूद बढ़ जाने के कारण उपचार और सावधानियां

प्रोस्टेट ग्लैंड
पुरुषों में 40 से 60 वर्ष की उम्र में एक समस्या बहुत अधिक देखी जाती है जिसका नाम है प्रोस्टेट ग्लैंड या ग्रंथि का बढ़ जाना. ये ग्लैंड कई छोटी छोटी ग्रंथियों से मिलकर बनती है और मूत्र मार्ग को घेरे रहती है. इसका मुख्य काम मूत्र के बहाव को नियंत्रित करना और प्रजनन सीमन बनाना होता है. लेकिन जब कई कारणों से इस ग्रंथि का आकार बढ़ने लगता है तो मूत्र मार्ग पर दबाव पड़ने लगता है जो पुरुषों के स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है. आज हम आपको प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने के कारण, लक्षण और उसके घरेलू आयुर्वेदिक उपचार की सम्पूर्ण जानकारी देंगें. तो चलिये शुरू करते है.  CLICK HERE TO KNOW थाइराइड और उसके कारण ...
प्रोस्टेट ग्लैंड या गदूद बढ़ जाने के कारण उपचार और सावधानियां
प्रोस्टेट ग्लैंड या गदूद बढ़ जाने के कारण उपचार और सावधानियां 
प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने के कारण :
-    अगर आप सर्दियों में कम पानी पीते है तो इससे मूत्र की थैली में यूरिन इक्कठा होने लगता है जिससे मूत्र मार्ग के आसपास संक्रमण पैदा हो जाता है और प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ने लगता है.

-    इसके अलावा पुरुषों के शरीर में हार्मोन्स परिवर्तन

-    औद्योगिक फैक्ट्री में काम करना

-    शरीर में विषैले तत्व

-    आनुवांशिकता और

-    बढती उम्र भी प्रोस्टेट ग्लैंड के बढ़ने के मुख्य कारण है.

प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर लक्षण :
-    प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर आपको पेशाब करने में परेशानी होने लगती है, जिसके कारण पेशाब रुक रुक कर आने लगता है और आपको बार बार पेशाब करना का मन करता है.

-    पेशाब धार में ना आकार बूंद बूंद में आना

-    मूत्र पर नियंत्रण खो देना

-    पेशाब में जलन

-    पूरी तरह मूत्र त्याग ना कर पाने के कारण पेशाब मूत्राशय में ही रह जाता है और आपको मूत्राशय से संबंधित अन्य कई रोगों का सामना करना पड़ता है.

अगर आपको इनमे से कोई भी लक्षण दिखाई देता है तो आपको तुरंत किसी चिकित्सक से मिलना चाहियें, क्योकि मूत्र की थैली का भरा होना गुर्दों पर भी दबाव डालता है जिससे उनके भी खराब होने की संभावना बढ़ जाती है.

प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर घरेलू आयुर्वेदिक उपचार :
अक्सर लोग प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर महंगी महंगी दवाओं, शल्य क्रिया और लेजर प्रोस्टेकटोमी कराना पसंद करते है लेकिन आयुर्वेद में प्रोस्टेट ग्रंथि के बढे हुए आकार को कम करने के कुछ आसान उपाय दिए गये है. जो महँगे भी नहीं है और आप इन्हें अपने घर पर आसानी से बनाकर इस्तेमाल भी कर सकते हो.

·         पहला उपाय : सीताफल के बीज जिंक का मुख्य स्त्रोत मानते जाते है और अगर प्रोस्टेट ग्लैंड की समस्या से जूझ रहे लोग रोजाना 10 ग्राम सीताफल के बीज यानी 60 मिलीग्राम जिंक का सेवन करें तो उन्हें बहुत फायदा मिलता है. साथ ही इनमें बीटा-फाइटोस्टेरोल भी पाया जाता है जो पुरुष हॉर्मोन टेस्टोस्टेरोन को डिहाइड्रोटेस्टोरेन में बदलता है. इससे प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाती है. इन बीजों का सेवन आप भुनकर, दुसरे बीजों में मिलाकर, सूप बनाकर या इन्हें कच्चा भी खा सकते हो.

·         अलसी : आप करीब 20 ग्राम अलसी को अच्छी तरह से पीस लें और फिर उसे 1 गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर इसका सेवन करें. ध्यान रहे कि आपको अलसी को पीसकर नहीं रखना बल्कि रोजना अलसी पीसनी है और गर्मियों के दिनों में अलसी की मात्रा को कम कर दें क्योकि अलसी की तासीर गर्म होती है.

·         हरड : रात को सोने से पहले 1 फुल हरड को पानी में भीगने के लिए छोड़ दें. अगले दिन सुबह इसके बीजों को निकालें और फिर चबा चबाकर खाएं. इन बीजों को खाने के साथ साथ आप पानी भी जरुर पीते रहें. आपको बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्लैंड में जरुर लाभ मिलेगा.
Prostate Gland Ya Gadud Badh Jane ke Karan Upchar Aur Savdhaniyan
Prostate Gland Ya Gadud Badh Jane ke Karan Upchar Aur Savdhaniyan
·         गोखरू : गोखरू को मूत्र विकार, मुत्र मार्ग में अवरोध, मूत्राशय में सुजन और मूत्र मार्ग में जलन जैसे रोगों में बहुत लाभकारी माना जाता है. तो वे व्यक्ति जिनकी प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ी हुई है उन्हें रोजाना 5 ग्राम गोखरू को 1 चम्मच गुनगुने पानी के साथ जरुर लेना चाहियें. इससे उन्हें शीघ्र लाभ मिलता है.

सावधानियाँ :
-    प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने पर आपको हल्का भोजन करना चाहियें, सब्जी में आप घीया, गाजर, टमाटर, पालक, मेथी, तोरी, टिंडे, बथुआ और मुंग व चने की दाल को खा सकते हो.

-    लेकिन ध्यान रहे कि आप अरहर, मलका, मोठ, मसूर और काबुली चनों को भूलकर भी ना खाएं.

-    साथ ही आप मिठाई, खटाई, लाल मिर्च, गुड, तेल, अचार, मसालों और ज्यादा व्यायाम से भी अवश्य बचें.

बढ़ी हुई प्रोस्टेट ग्लैंड या गदूद के अन्य उपचार और सावधानियों के बारे में अधिक जानने के लिए आप तुरंत नीचे कमेंट करके जानकारी हासिल कर सकते हो.



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